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रंजिश नहीं, महिला पर बुरी नीयत के चक्कर में हुई थी हत्या
ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2015 12:37 AM IST
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झांसी। मऊरानीपुर के हिस्ट्रीशीटर प्रमोद पाठक की हत्या रंजिशन नहीं बल्कि एक महिला पर बुरी नीयत रखने के कारण हुई थी। जांच के बाद पुलिस ने नामजद चारों अभियुक्तों को क्लीन चिट देते हुए दो ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि छह अक्तूबर को लक्ष्मी देवी पत्नी रमाशंकर पाठक निवासी पाठक पुरा मऊरानीपुर ने शिकायत में बताया कि पांच अक्तूबर की रात करीब नौ बजे बबलू पहारिया पुत्र रामस्वरूप, विजय गुप्ता पुत्र राम गोपाल निवासीगण वाजपेयी पुरा मऊरानीपुर, रमन असाटी पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी पाठक पुरा और बृजेंद्र यादव निवासी पुरानी बैलाई मऊरानीपुर एक अज्ञात व्यक्ति के साथ जरूरी बात करने की कहकर पुत्र प्रमोद पाठक को बुलाकर ले गए।
देर रात वह वापस नहीं आया और मोबाइल फोन बंद हो गया। उसकी नामजदों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करके शव मढ़ा मंदिर से पास फेंक दिया है। पुलिस ने जब नामजद अभियुक्तों को पकड़ कर पूछताछ की तो उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई।
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एसएसपी ने बताया कि हत्या करने के तरीके से स्पष्ट था कि यह घटना महिला के चक्कर में की गई है। जिसके चलते टीम को दूसरी दिशा में काम करने के लिए लगा दिया। जांच के दौरान मनोहर कुशवाहा पुत्र गया प्रसाद व धनीराम कुशवाहा पुत्र रामनाथ निवासीगण पुरानी बैलाई के नाम सामने आए।
शनिवार की सुबह करीब छह बजे थानाध्यक्ष मऊरानीपुर विक्रम सिंह ने दोनों अभियुक्तों को गांव रौनी में खेत पर बने कमरे से दबोच लिया। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने खुलासा किया कि मृतक प्रमोद पाठक शराबी और आशिक मिजाज था। प्रमोद की मनोहर कुशवाहा के परिवार की एक महिला पर बुरी नजर थी। मनोहर के परिवार के धनीराम ने इसका विरोध किया तो प्रमोद से उसका विवाद भी हुआ।
गुस्से में आकर धनीराम व मनोहर कुशवाहा ने लाठी और हंसिया से प्रहार कर प्रमोद को मौत के घाट उतार दिया। हंसिया से गुप्तांग भी काट दिया। इसके बाद हंसिया व लाठी को चादर में लपेटकर जानवर बांधने वाले बाड़े में रख दिया। लाश ठिकाने लगाने को वह मृतक की बाइक ले गए, लेकिन रास्ते में पेट्रोल खत्म हो गया। इस कारण वह लोग शव को मढ़ा के पास फेंक कर भाग गए। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर खून से सनी चादर, हंसिया व लाठी बरामद कर ली है।
एसएसपी व डीआईजी ने किया पुरस्कृत
प्रमोद पाठक हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी व डीआईजी ने 10 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है। पुरस्कार पाने वाली टीम में थानाध्यक्ष विक्रम सिंह, एसआई अशोक कुुमार, अजय सिंह, अमर सिंह व मिलान सिंह हैं।
गुप्तांग पर चोट की वजह से गहराया शक
एसएसपी ने बताया कि लाश मिलने के बाद जब परिजनों ने चार नामजदों के खिलाफ रंजिश में हत्या का आरोप लगाया तो बात गले नहीं उतरी। इसकी स्पष्ट वजह थी कि रंजिश में अगर व्यक्ति हत्या करता है, तो वह गुप्तांग पर प्रहार नहीं करता। ऐसा आशनाई के मामलों में ही होता है। जब चारों हत्याभियुक्तों से पूछताछ में कोई सुराग नहीं मिला तो तुरंत जांच की दिशा बदल दी गई।
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एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि छह अक्तूबर को लक्ष्मी देवी पत्नी रमाशंकर पाठक निवासी पाठक पुरा मऊरानीपुर ने शिकायत में बताया कि पांच अक्तूबर की रात करीब नौ बजे बबलू पहारिया पुत्र रामस्वरूप, विजय गुप्ता पुत्र राम गोपाल निवासीगण वाजपेयी पुरा मऊरानीपुर, रमन असाटी पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी पाठक पुरा और बृजेंद्र यादव निवासी पुरानी बैलाई मऊरानीपुर एक अज्ञात व्यक्ति के साथ जरूरी बात करने की कहकर पुत्र प्रमोद पाठक को बुलाकर ले गए।
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देर रात वह वापस नहीं आया और मोबाइल फोन बंद हो गया। उसकी नामजदों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करके शव मढ़ा मंदिर से पास फेंक दिया है। पुलिस ने जब नामजद अभियुक्तों को पकड़ कर पूछताछ की तो उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई।
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एसएसपी ने बताया कि हत्या करने के तरीके से स्पष्ट था कि यह घटना महिला के चक्कर में की गई है। जिसके चलते टीम को दूसरी दिशा में काम करने के लिए लगा दिया। जांच के दौरान मनोहर कुशवाहा पुत्र गया प्रसाद व धनीराम कुशवाहा पुत्र रामनाथ निवासीगण पुरानी बैलाई के नाम सामने आए।
शनिवार की सुबह करीब छह बजे थानाध्यक्ष मऊरानीपुर विक्रम सिंह ने दोनों अभियुक्तों को गांव रौनी में खेत पर बने कमरे से दबोच लिया। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने खुलासा किया कि मृतक प्रमोद पाठक शराबी और आशिक मिजाज था। प्रमोद की मनोहर कुशवाहा के परिवार की एक महिला पर बुरी नजर थी। मनोहर के परिवार के धनीराम ने इसका विरोध किया तो प्रमोद से उसका विवाद भी हुआ।
गुस्से में आकर धनीराम व मनोहर कुशवाहा ने लाठी और हंसिया से प्रहार कर प्रमोद को मौत के घाट उतार दिया। हंसिया से गुप्तांग भी काट दिया। इसके बाद हंसिया व लाठी को चादर में लपेटकर जानवर बांधने वाले बाड़े में रख दिया। लाश ठिकाने लगाने को वह मृतक की बाइक ले गए, लेकिन रास्ते में पेट्रोल खत्म हो गया। इस कारण वह लोग शव को मढ़ा के पास फेंक कर भाग गए। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर खून से सनी चादर, हंसिया व लाठी बरामद कर ली है।
एसएसपी व डीआईजी ने किया पुरस्कृत
प्रमोद पाठक हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी व डीआईजी ने 10 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है। पुरस्कार पाने वाली टीम में थानाध्यक्ष विक्रम सिंह, एसआई अशोक कुुमार, अजय सिंह, अमर सिंह व मिलान सिंह हैं।
गुप्तांग पर चोट की वजह से गहराया शक
एसएसपी ने बताया कि लाश मिलने के बाद जब परिजनों ने चार नामजदों के खिलाफ रंजिश में हत्या का आरोप लगाया तो बात गले नहीं उतरी। इसकी स्पष्ट वजह थी कि रंजिश में अगर व्यक्ति हत्या करता है, तो वह गुप्तांग पर प्रहार नहीं करता। ऐसा आशनाई के मामलों में ही होता है। जब चारों हत्याभियुक्तों से पूछताछ में कोई सुराग नहीं मिला तो तुरंत जांच की दिशा बदल दी गई।