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हत्या बनी ‘पहेली’

Mon, 29 Jun 2015 01:13 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Mon, 29 Jun 2015 01:13 AM IST
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झांसी। कोतवाली के उन्नाव गेट अंदर स्थित बेसिक प्राइमरी पाठशाला में मिली
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गर्दन कटी लाश की भले ही शिनाख्त हो गई हो मगर युवक के निवास के बारे में पता नहीं चल सका है। मृतक मोबाइल फोन भी नहीं रखता था, जिससे हत्यारों का सुराग पुलिस को नहीं लग पा रहा है।



उल्लेखनीय है कि खंडहर में तब्दील प्राथमिक पाठशाला में शनिवार सुबह एक युवक का गर्दन कटा शव पड़ा मिला था। युवक काली पैंट व खून से तरबतर बनियान पहने था। जूते पैरों के पास पड़े थे। एक हाथ पर दिलजले लिखा था। देर शाम शव की शिनाख्त किशन लाल कुशवाहा (25) पुत्र हरीप्रसाद कुशवाहा निवासी कोछाभांवर नवाबाद के रूप में हुई। सगे संबंधियों ने बताया कि किशन के माता-पिता काफी समय पहले मर चुके हैं। वर्तमान में किशन कहां रहता था, इसकी कोई जानकारी नहीं है। पड़ताल में जुटी पुलिस को पता चला है कि मृतक मोबाइल फोन भी नहीं रखता था, जिसकी वजह से हत्यारों का सुराग पता करने में पुलिस हाथ पांव मार रही है।


पीठ पर धारदार हथियार  के 13 निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की पीठ पर धारदार हथियार से प्रहार करने के 13 निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि घात लगाकर पीछे से प्रहार किया गया है। जब वह निढाल होकर गिर पड़ा, तब उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई। थाना प्रभारी जेपी यादव ने बताया कि मृतक की पीठ पर धारदार हथियार से चोट के 13 निशान  हैं।


न कोई संपत्ति थी और न स्थायी रहने का ठिकाना
पुलिस का मानना है कि मृतक किशन लाल कुशवाहा की न कोई संपत्ति थी और न रहने का स्थायी ठिकाना। इस स्थिति में इतनी निर्दयता से हत्या के पीछे आशनाई का चक्कर ज्यादा समझ में आ रहा है।
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