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आवारा जानवरों का उपचार करेगा नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Apr 2017 01:23 AM IST
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- फोटो : demo
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नगर निगम जल्द ही आवारा घूमने वाले जानवरों का उपचार करेगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने गत दिनों हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में निर्देश दिए थे आवारा जानवरों के साथ नगर निगम सहृदयता दिखाए। यदि जानवरों को दुर्घटना के दौरान चोट लग जाती है अथवा बीमार हो जाते हैं तो उनकी कोई देखरेख नहीं करता है और वह मृत हो जाते हैं। इसलिए ऐसे जानवरों को मानवीयता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराया जाए, ताकि देखरेख से उनका मर्ज ठीक हो सके और वह फिर से स्वस्थ हो सकें। विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने भी इस आशय का आदेश जारी कर दिया है कि पशुओं को यदि चोट लग जाती है तो उनका उपचार कराएं।
नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। अभी नगर निगम के पास पशुओं की दवाओं का कोई न तो स्टॉक है और न ही इस मद में बजट स्वीकृत होता है। इसलिए अब इसका प्लान तैयार किया जा रहा है। चूंकि शहर बहुत बड़ा है, इसलिए पूरे शहर में छुट्टा पशुओं की देखरेख संभव नहीं है। ऐसे में मोबाइल वैन रखने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ताकि, यदि शहर के बाहरी क्षेत्र में कोई जानवर बीमार पड़ता है या जानवर को चोट लगती है तो सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम तत्काल मौके पर पहुंच सके। मोबाइल वैन के साथ छह लड़कों की टीम रहेगी, जो पशुओं की देखरेख करेगी।
जल्द मिलेगी स्वीकृति
छुट्टा जानवरों के उपचार के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस पर जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।
- डा. आरके निरंजन
पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम
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नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने गत दिनों हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में निर्देश दिए थे आवारा जानवरों के साथ नगर निगम सहृदयता दिखाए। यदि जानवरों को दुर्घटना के दौरान चोट लग जाती है अथवा बीमार हो जाते हैं तो उनकी कोई देखरेख नहीं करता है और वह मृत हो जाते हैं। इसलिए ऐसे जानवरों को मानवीयता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराया जाए, ताकि देखरेख से उनका मर्ज ठीक हो सके और वह फिर से स्वस्थ हो सकें। विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने भी इस आशय का आदेश जारी कर दिया है कि पशुओं को यदि चोट लग जाती है तो उनका उपचार कराएं।
नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। अभी नगर निगम के पास पशुओं की दवाओं का कोई न तो स्टॉक है और न ही इस मद में बजट स्वीकृत होता है। इसलिए अब इसका प्लान तैयार किया जा रहा है। चूंकि शहर बहुत बड़ा है, इसलिए पूरे शहर में छुट्टा पशुओं की देखरेख संभव नहीं है। ऐसे में मोबाइल वैन रखने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ताकि, यदि शहर के बाहरी क्षेत्र में कोई जानवर बीमार पड़ता है या जानवर को चोट लगती है तो सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम तत्काल मौके पर पहुंच सके। मोबाइल वैन के साथ छह लड़कों की टीम रहेगी, जो पशुओं की देखरेख करेगी।
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जल्द मिलेगी स्वीकृति
छुट्टा जानवरों के उपचार के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस पर जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।
- डा. आरके निरंजन
पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम