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बांझ निकल रही मूंग-उड़द की फसल
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मूंग की फसल
- फोटो : REPORTERS
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झांसी। सैकड़ों एकड़ में लगी मूंग एवं उड़द की फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई। फली लगने के मौसम में पूरी फसल बांझ निकल गई। मऊरानीपुर, बामौर ब्लॉक के कई गांवों में यह शिकायत देखने को मिल रही है। किसानों ने कृषि अफसरों को समस्या बताई। फसल न आने की वजह बीज की खराबी को माना जा रहा है। लेकिन फिलहाल कृषि अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है जांच कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। मौसम में उतार-चढ़ाव को भी खराबी की वजह बताया जा रहा।
बुंदेलखंड में खरीफ सीजन से किसानों को काफी उम्मीदें रहती हैं लेकिन, यह उम्मीदें फिर दरकती दिखाई पड़ रही हैं। बड़ी उम्मीद के साथ लगाई गई मूंगफली, उड़द, मूंग, तिल की फसल में मौसम आने के बावजूद फली ही नहीं लगी। मऊरानीपुर, बंगरा, गरौठा ब्लॉक में यह परेशानी सबसे अधिक सामने आई है। मऊरानीपुर के भजपुरा, चकारा, धवाकर, लहचूरा, सिजारी, अनरका, बमरौड़ी, भदरवारा, भंडरा, बंगरा ब्लॉक में नोटा, हाटी, उलदन, पंचवारा, कटेरा, भिदरवारा, बोड़ा, रोहनी, पंडरा, लारौन, भटा, पटगुवां आदि गांवों में सैकड़ों एकड़ में लगी उड़द, मूंग की फसल में फली नहीं आई। किसानों का कहना है कि बीज भंडार निगम से बीज लेकर यह फसल रोपी लेकिन, जब इनमें फली लगने का समय आया तब, फली नहीं लग रही। यह देखकर किसानों के होश फाख्ता हैं। तमाम किसानों ने बीज की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं लेकिन, कृषि अफसर अभी इसे मानने को राजी नहीं हैं। वहीं, किसानों का कहना है कि फसल के लिए केसीसी से कर्ज लेने के अलावा कई किसानों ने गांव के साहूकारों से भी पैसा उधार लेकर फसल रोपी लेकिन, अब पैदावार न होने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
काली पड़ गई तिल की फसल
मऊरानीपुर, गरौठा में जिन किसानों ने तिल लगाई थी, वह भी खराब हो गई है। मऊरानीपुर में पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से खेत में पानी भर गया। पानी भर जाने से यहां की तिल पूरी तरह नष्ट हो गई। इन दिनों तमाम जगहों में खेतों में काली पड़ चुके तिल की फसल दिखाई पड़ रही है।
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फसल उत्पादन का प्रस्तावित लक्ष्य मैट्रिक टन में
उड़द - 7818
मूंग- 1409
मूंगफली- 24809
तिल- 6802
कई जगह से फसल में फली न आने की शिकायत मिली है। इसकी पड़ताल कराई जा रही है। बीज की खराबी से फली न आने की बात अभी नहीं कही जा सकती। पड़ताल कराने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। कमलेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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बुंदेलखंड में खरीफ सीजन से किसानों को काफी उम्मीदें रहती हैं लेकिन, यह उम्मीदें फिर दरकती दिखाई पड़ रही हैं। बड़ी उम्मीद के साथ लगाई गई मूंगफली, उड़द, मूंग, तिल की फसल में मौसम आने के बावजूद फली ही नहीं लगी। मऊरानीपुर, बंगरा, गरौठा ब्लॉक में यह परेशानी सबसे अधिक सामने आई है। मऊरानीपुर के भजपुरा, चकारा, धवाकर, लहचूरा, सिजारी, अनरका, बमरौड़ी, भदरवारा, भंडरा, बंगरा ब्लॉक में नोटा, हाटी, उलदन, पंचवारा, कटेरा, भिदरवारा, बोड़ा, रोहनी, पंडरा, लारौन, भटा, पटगुवां आदि गांवों में सैकड़ों एकड़ में लगी उड़द, मूंग की फसल में फली नहीं आई। किसानों का कहना है कि बीज भंडार निगम से बीज लेकर यह फसल रोपी लेकिन, जब इनमें फली लगने का समय आया तब, फली नहीं लग रही। यह देखकर किसानों के होश फाख्ता हैं। तमाम किसानों ने बीज की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं लेकिन, कृषि अफसर अभी इसे मानने को राजी नहीं हैं। वहीं, किसानों का कहना है कि फसल के लिए केसीसी से कर्ज लेने के अलावा कई किसानों ने गांव के साहूकारों से भी पैसा उधार लेकर फसल रोपी लेकिन, अब पैदावार न होने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
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काली पड़ गई तिल की फसल
मऊरानीपुर, गरौठा में जिन किसानों ने तिल लगाई थी, वह भी खराब हो गई है। मऊरानीपुर में पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से खेत में पानी भर गया। पानी भर जाने से यहां की तिल पूरी तरह नष्ट हो गई। इन दिनों तमाम जगहों में खेतों में काली पड़ चुके तिल की फसल दिखाई पड़ रही है।
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फसल उत्पादन का प्रस्तावित लक्ष्य मैट्रिक टन में
उड़द - 7818
मूंग- 1409
मूंगफली- 24809
तिल- 6802
कई जगह से फसल में फली न आने की शिकायत मिली है। इसकी पड़ताल कराई जा रही है। बीज की खराबी से फली न आने की बात अभी नहीं कही जा सकती। पड़ताल कराने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। कमलेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी