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ऑर्थोपेडिक में एमएस की सीटें हुईं आठ, डिप्लोमा का भी झंझट खत्म
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झांसी। मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग में मेडिकल सर्जरी (एमएस) की सीटें बढ़कर आठ हो गई हैं। इसके अलावा डिप्लोमा का भी झंझट खत्म हो गया है, क्योंकि इसकी तीन सीटों को भी डिग्री में परिवर्तित कर दिया गया है। ऐसे में आठ डिग्री सीटों वाला प्रदेश का दूसरा राजकीय संस्थान झांसी मेडिकल कॉलेज बन गया है।
मेडिकल कॉलेज में अभी एमएस में डिग्री और डिप्लोमा की तीन-तीन सीटें थीं। ऐसे में अधिकतर लोग डिग्री कोर्स ही करना चाहते हैं। जिनको डिग्री कोर्स में प्रवेश नहीं मिल पाता था, वो मजबूरी में डिप्लोमा करते थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की तरफ से पिछले साल नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) को पत्र लिखकर ऑर्थोपेडिक विभाग में एमएस की सीटें बढ़ाने की मांग की थी। साथ ही डिप्लोमा की सीटों को भी डिग्री में बदलने का अनुरोध किया था। 15 मार्च को 2021 को एनएमसी की टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया और कुछ कमियां बताते हुए सीटें बढ़ाने से इंकार कर दिया। फिर मेडिकल कॉलेज ने ऑनलाइन सुनवाई के लिए एनएमसी को पत्र लिखा। पांच दिन पहले हुए वर्चुअल संवाद में कॉलेज अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। सोमवार को एनएमसी ने प्रस्ताव मानते हुए ऑर्थोपेडिक विभाग में एमएस की आठ सीटें कर दीं। साथ ही तीन डिप्लोमा सीटों को भी डिग्री में बदल दिया।
एनएमसी ने एमएस की सीटें बढ़ाकर आठ कर दी हैं। डिप्लोमा की तीन सीटें भी डिग्री में बदल गई हैं। इसके लिए प्राचार्य, उप प्राचार्य ने भी काफी प्रयास किया। - डॉ. पारस गुप्ता, विभागाध्यक्ष, हड्डी रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज में अभी एमएस में डिग्री और डिप्लोमा की तीन-तीन सीटें थीं। ऐसे में अधिकतर लोग डिग्री कोर्स ही करना चाहते हैं। जिनको डिग्री कोर्स में प्रवेश नहीं मिल पाता था, वो मजबूरी में डिप्लोमा करते थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की तरफ से पिछले साल नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) को पत्र लिखकर ऑर्थोपेडिक विभाग में एमएस की सीटें बढ़ाने की मांग की थी। साथ ही डिप्लोमा की सीटों को भी डिग्री में बदलने का अनुरोध किया था। 15 मार्च को 2021 को एनएमसी की टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया और कुछ कमियां बताते हुए सीटें बढ़ाने से इंकार कर दिया। फिर मेडिकल कॉलेज ने ऑनलाइन सुनवाई के लिए एनएमसी को पत्र लिखा। पांच दिन पहले हुए वर्चुअल संवाद में कॉलेज अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। सोमवार को एनएमसी ने प्रस्ताव मानते हुए ऑर्थोपेडिक विभाग में एमएस की आठ सीटें कर दीं। साथ ही तीन डिप्लोमा सीटों को भी डिग्री में बदल दिया।
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एनएमसी ने एमएस की सीटें बढ़ाकर आठ कर दी हैं। डिप्लोमा की तीन सीटें भी डिग्री में बदल गई हैं। इसके लिए प्राचार्य, उप प्राचार्य ने भी काफी प्रयास किया। - डॉ. पारस गुप्ता, विभागाध्यक्ष, हड्डी रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज।
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