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Jhansi News: करंट की चपेट में आने से मां और दो बेटों की मौत
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- कई घंटे तक खेत में अचेत हाल में पड़े रहे तीनों, गेहूं की फसल की सिंचाई करते समय हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगरा। उल्दन थाना के बंगरा इलाके में सोमवार को गेहूं की फसल की सिंचाई करते समय करंट की चपेट में आने से मां और उसके दोनों बेटों की मौत हो गई। एक बेटा लोक निर्माण विभाग में कर्मचारी था। खेत में तीनों के शव कई घंटे पड़े रहे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने विद्युत आपूर्ति बंद कराकर शव को खेत से बाहर निकलवाया। पुलिस खेत में करंट आने की वजह तलाश रही है।
बंगरा के बड़ी माता मंदिर के पास रहने वाली हरकुंवर (69) सोमवार सुबह करीब छह बजे बड़े बेटे काशीराम (45) के साथ खेत में सिंचाई करने गई थीं। खेत में नलकूप का तार टूटकर पड़ा था। इससे पूरे खेत में करंट फैल गया। मां-बेटे उसी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
दोपहर करीब 12 बजे छोटा बेटा नरेंद्र (34) भी खेत में पहुंचा। मां एवं बड़े भाई की हालत देख वह भी खेत की ओर दौड़ा। खेत में पहुंचते ही वह भी करंट की चपेट में आने से झुलस गया। कुछ देर बाद काशीराम की पत्नी रामा देवी खेत में पहुंचीं। झुलसी अवस्था में तीनों को देख वह चीख उठी। खेत में जाने की कोशिश करने पर उसे भी करंट का झटका लगा। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण जुट गए। उल्दन थाना प्रभारी दिनेश कुरील, चौकी प्रभारी दिलीप पांडेय भी पहुंच गए। तार हटाकर तीनों को बाहर निकाला गया। हरकुंवर के हाथ बुरी तरह झुलसे थे। काशीराम एवं नरेंद्र भी बुरी तरह झुलसे थे। तीनों को सीएचसी ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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वर्जन
तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। खेत में करंट किस वजह से फैला, इसकी भी जांच कराई जा रही है। - अजय कुमार श्रोत्रीय, सीओ, टहरौली
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंगरा। उल्दन थाना के बंगरा इलाके में सोमवार को गेहूं की फसल की सिंचाई करते समय करंट की चपेट में आने से मां और उसके दोनों बेटों की मौत हो गई। एक बेटा लोक निर्माण विभाग में कर्मचारी था। खेत में तीनों के शव कई घंटे पड़े रहे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने विद्युत आपूर्ति बंद कराकर शव को खेत से बाहर निकलवाया। पुलिस खेत में करंट आने की वजह तलाश रही है।
बंगरा के बड़ी माता मंदिर के पास रहने वाली हरकुंवर (69) सोमवार सुबह करीब छह बजे बड़े बेटे काशीराम (45) के साथ खेत में सिंचाई करने गई थीं। खेत में नलकूप का तार टूटकर पड़ा था। इससे पूरे खेत में करंट फैल गया। मां-बेटे उसी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
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दोपहर करीब 12 बजे छोटा बेटा नरेंद्र (34) भी खेत में पहुंचा। मां एवं बड़े भाई की हालत देख वह भी खेत की ओर दौड़ा। खेत में पहुंचते ही वह भी करंट की चपेट में आने से झुलस गया। कुछ देर बाद काशीराम की पत्नी रामा देवी खेत में पहुंचीं। झुलसी अवस्था में तीनों को देख वह चीख उठी। खेत में जाने की कोशिश करने पर उसे भी करंट का झटका लगा। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण जुट गए। उल्दन थाना प्रभारी दिनेश कुरील, चौकी प्रभारी दिलीप पांडेय भी पहुंच गए। तार हटाकर तीनों को बाहर निकाला गया। हरकुंवर के हाथ बुरी तरह झुलसे थे। काशीराम एवं नरेंद्र भी बुरी तरह झुलसे थे। तीनों को सीएचसी ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। खेत में करंट किस वजह से फैला, इसकी भी जांच कराई जा रही है। - अजय कुमार श्रोत्रीय, सीओ, टहरौली