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Jhansi News: ओएचई तारों को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे बंदर
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ओएचई तारों को बंदरों से बचाने के लिए रेलवे अब एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस लगाएगा। इससे बंदर खंभों पर नहीं चढ़ पाएंगे, साथ ही उन्हें हाई वोल्टेज के झटकों से भी बचाया जा सकेगा।
मंडल रेलवे के चित्रकूट, डिंगवहीं, उरई, छतरपुर सहित कई सेक्शनों में इन दिनों बंदरों की उछल-कूद ने रेल अफसरों की मुसीबत बढ़ा रखी है। बंदर खंभे के सहारे ओएचई तार पर पहुंचकर जाते है। इससे कई बार ओएचई ट्रिप होने का खतरा बढ़ जाता है। ओएचई ट्रिप होने से सेक्शनों में चलने वाली गाड़ियों का संचालन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे अब बंदरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस लगाने जा रहा है। इसके लिए रेलवे ने 15 जुलाई तक निविदाएं मांगी हैं। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस को खरीदने और उन्हें लगाने का काम ठेके पर कराया जाएगा। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बंदर के ओएचई के खंभे या उसके एंगल को हिलाने पर ओवरहेड तार भी हिलने लगते हैं। इससे कई बार ओएचई ट्रिप कर जाती है और ट्रेनों को बिजली आपूर्ति ठीक से नहीं हो पाती। इससे बचने के लिए रेलवे ने एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस लगाने की तैयारी की है। 15 जुलाई तक निविदाएं मांगी गई है। निविदा खुलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
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झांसी। ओएचई तारों को बंदरों से बचाने के लिए रेलवे अब एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस लगाएगा। इससे बंदर खंभों पर नहीं चढ़ पाएंगे, साथ ही उन्हें हाई वोल्टेज के झटकों से भी बचाया जा सकेगा।
मंडल रेलवे के चित्रकूट, डिंगवहीं, उरई, छतरपुर सहित कई सेक्शनों में इन दिनों बंदरों की उछल-कूद ने रेल अफसरों की मुसीबत बढ़ा रखी है। बंदर खंभे के सहारे ओएचई तार पर पहुंचकर जाते है। इससे कई बार ओएचई ट्रिप होने का खतरा बढ़ जाता है। ओएचई ट्रिप होने से सेक्शनों में चलने वाली गाड़ियों का संचालन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे अब बंदरों को नियंत्रित करने के लिए एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस लगाने जा रहा है। इसके लिए रेलवे ने 15 जुलाई तक निविदाएं मांगी हैं। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस को खरीदने और उन्हें लगाने का काम ठेके पर कराया जाएगा। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बंदर के ओएचई के खंभे या उसके एंगल को हिलाने पर ओवरहेड तार भी हिलने लगते हैं। इससे कई बार ओएचई ट्रिप कर जाती है और ट्रेनों को बिजली आपूर्ति ठीक से नहीं हो पाती। इससे बचने के लिए रेलवे ने एंटी मंकी क्लाइंबिंग डिवाइस लगाने की तैयारी की है। 15 जुलाई तक निविदाएं मांगी गई है। निविदा खुलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
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