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शासन स्तर तक पीआरडी में पैसा मांगने से खलबली
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झांसी। प्रांतीय रक्षक दल एवं विकास दल युवा कल्याण विभाग में पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ाने को उच्च न्यायालय में रिट दाखिल किए जाने के लिए जवानों से पैसों की वसूली की जा रही है। व्हाट्सएप पर यह मेसेज खूब वायरल हो रहा है। लखनऊ स्थित महानिदेशालय में जब झांसी के किसी व्यक्ति ने इस संबंध में जानकारी मांगी तो हड़कंप मच गया। अब इसकी जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को उक्त मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिससे लखनऊ कार्यालय को फोन किया गया था।
अमर सिंह सोमवंशी के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर मेसेज वायरल हो रहा है कि पीआरडी जवानों की याचिका पर उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। यह जवानों के अधिकारों की लड़ाई है। जो भाई स्वेच्छा से धनराशि सहयोग के लिए भेजना चाहते हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। सहयोग राशि बैंक ऑफ बड़ौदा में भेज दें। इसमें खाता नंबर भी दिया गया है। मेसेज सही है या गलत इसे कंफर्म करने के लिए झांसी से एक युवक ने महानिदेशालय में फोन करके जानकारी चाही। महानिदेशालय में उक्त याचिका का पता लगाया गया तो पता चला कि याचिका एआरटीओ बनाम अन्य के नाम की है और उसका पीआरडी जवानों से कोई लेना- देना नहीं है।
इसके बाद महानिदेशालय स्तर से मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप मेसेज के बारे में तहकीकात जुटाई जाने लगी। आनन- फानन में महानिदेशालय से झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक पत्र भेजा गया, जिसमें उक्त मोबाइल नंबर का हवाला देते हुए पूरा ब्योरा जुटाने को कहा गया है। वहीं, संबंधित विभाग में दिन भर हलचल मची रही। बताया जा रहा है कि बैंक ऑफ बड़ौदा का जो आईएफएससी कोड दिया गया है, वह अमेठी जिले का है।
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युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा पैसे एकत्रित करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। उक्त कार्य धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत पीआरडी जवानों को गुमराह करने को किया जा रहा है। सभी पीआरडी जवान अपने ड्यूटी स्थल पर निष्ठा और लगन से कार्य करें और मेसेज पर ध्यान न दें। - धर्मेंद्र कुमार, जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी
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अमर सिंह सोमवंशी के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर मेसेज वायरल हो रहा है कि पीआरडी जवानों की याचिका पर उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। यह जवानों के अधिकारों की लड़ाई है। जो भाई स्वेच्छा से धनराशि सहयोग के लिए भेजना चाहते हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। सहयोग राशि बैंक ऑफ बड़ौदा में भेज दें। इसमें खाता नंबर भी दिया गया है। मेसेज सही है या गलत इसे कंफर्म करने के लिए झांसी से एक युवक ने महानिदेशालय में फोन करके जानकारी चाही। महानिदेशालय में उक्त याचिका का पता लगाया गया तो पता चला कि याचिका एआरटीओ बनाम अन्य के नाम की है और उसका पीआरडी जवानों से कोई लेना- देना नहीं है।
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इसके बाद महानिदेशालय स्तर से मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप मेसेज के बारे में तहकीकात जुटाई जाने लगी। आनन- फानन में महानिदेशालय से झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक पत्र भेजा गया, जिसमें उक्त मोबाइल नंबर का हवाला देते हुए पूरा ब्योरा जुटाने को कहा गया है। वहीं, संबंधित विभाग में दिन भर हलचल मची रही। बताया जा रहा है कि बैंक ऑफ बड़ौदा का जो आईएफएससी कोड दिया गया है, वह अमेठी जिले का है।
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युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा पैसे एकत्रित करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। उक्त कार्य धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत पीआरडी जवानों को गुमराह करने को किया जा रहा है। सभी पीआरडी जवान अपने ड्यूटी स्थल पर निष्ठा और लगन से कार्य करें और मेसेज पर ध्यान न दें। - धर्मेंद्र कुमार, जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी