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Jhansi News: जेईई मेंस में मोहित के 99.74 और आयुष के फिजिक्स में सौ परसेंटाइल

Fri, 26 Apr 2024 05:28 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2024 05:28 AM IST
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Mohit's 99.74 in JEE Mains and Ayush's 100 percentile in Physics.
- 99 से ज्यादा परसेंटाइल प्राप्त करने वालों में हंसराज स्कूल के सात, शियरवुड का एक विद्यार्थी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जेईई मेंस के परीक्षा परिणाम में झांसी के मेधावी छात्र-छात्राएं भी चमके हैं। मोहित सिंह ने 99.74 परसेंटाइल प्राप्त किया है। वहीं, आयुष तिवारी ने फिजिक्स में 100 परसेंटाइल हासिल किया है। ओवरऑल 99.31 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं।
झांसी के कई विद्यार्थी 99 से ज्यादा परसेंटाइल हासिल करने में सफल हुए हैं। इसमें महात्मा हंसराज मॉडर्न स्कूल के सात विद्यार्थी शामिल हैं। हंसराज के अस्मित आनंद ने 99.71, मो. अयान अंसारी ने 99.58, दिव्यांश गुप्ता ने 99.49, कनिष्क श्रीवास्तव ने 99.29 और अनस परवेज ने 99.01 परसेंटाइल हासिल किया है। शियरवुड कॉलेज के मो. अमान ने 99.7 परसेंटाइल हासिल किया है। इसके अलावा अन्य स्कूलों के शौर्य पस्तोर ने 99.6, अथर्व कोचर ने 99.1, सौजन्य पाठक ने 99.13, सौम्या शर्मा ने 98.65, अनंत गर्ग ने 98.43, स्निग्धा साहू ने 97.90, अशिका अग्रवाल ने 97.51, आकांक्षा श्रीवास्तव ने 97.16 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं।
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एस्ट्रोफिजिक्स से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं आयुष
झांसी। आयुष तिवारी अब एस्ट्रोफिजिक्स से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। एस्ट्रोफिजिक्स अंतरिक्ष विज्ञान की एक ब्रांच है, जिसके तहत अंतरिक्ष के कई पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल में ही ठान लिया था कि इंजीनियरिंग क्षेत्र में कॅरियर बनाना है। क्योंकि, इस क्षेत्र में रचनात्मक और नवाचार किया जा सकता है। हंसराज स्कूल से 11वीं की पढ़ाई के साथ-साथ जेईई की तैयारी के लिए कोचिंग भी शुरू कर दी। घर पर भी रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करते थे। बताया कि वह जितनी भी देर पढ़ते थे, उनका ध्यान पूरी तरह पढ़ाई पर ही केंद्रित रहता था। यही उनकी सफलता का मंत्र है। उनके पिता दीपक तिवारी निजी अस्पताल में फार्मासिस्ट हैं। जबकि, मां आरती तिवारी गृहिणी हैं। सफलता पर परिजन खुशी से झूम उठे।
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खुद के नोट्स, इंटरनेट से मिले ज्ञान से मोहित ने पाई सफलता
झांसी। 11वीं की पढ़ाई के दौरान मोहित सिंह ने एक दोस्त के कहने पर इंजीनियरिंग करने का मन बना लिया था। बताया कि पहले उनकी फिजिक्स में ज्यादा रुचि थी। बाद में गणित भी अच्छी हो गई। 11वीं से ही झांसी में कोचिंग ज्वाइन कर पढ़ाई शुरू कर दी। रोजाना घर पर सात घंटे पढ़ाई करते थे। इंटरनेट का इस्तेमाल भी पढ़ाई के लिए करते थे। ऐसे में जो भी अतिरिक्त जानकारी मिलती थी, उसे अलग से नोट्स में जोड़ लेते थे। बताया कि अब वो आईआईटी बॉम्बे या फिर आईआईटी दिल्ली से इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। बताया कि 10वीं में उनके 91 फीसदी अंक आए थे। महात्मा हंसराज स्कूल के विद्यार्थी मोहित ने इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है, जिसका परिणाम आना बाकी है। पिता मोहन सिंह लोको पायलट हैं। मां मिथलेश गृहिणी हैं।
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