फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Shot dead in front of son after stopping him from hurling abuses; four, including a father-son duo, sentenced to life imprisonment.

Jhansi News: गाली देने से रोका तो बेटे के सामने मार दी थी गोली, पिता-पुत्र समेत चार को उम्रकैद

Thu, 01 Oct 2026 02:14 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
Shot dead in front of son after stopping him from hurling abuses; four, including a father-son duo, sentenced to life imprisonment.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

झांसी। मऊरानीपुर के बौंडा गांव में सात साल पहले गाली देने से मना करने पर हरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने पिता-पुत्र समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) एडीजे कमलकांत श्रीवास्तव की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। चारों दोषियों को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है।
अभियोजन के मुताबिक, मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के बौंडा गांव निवासी हृदेश सिंह ने 29 मार्च 2019 को थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया था कि वह गांव में गांधी जी के चबूतरे के पास बैठा था। तभी गांव के लवकुश उर्फ लेखराज, उसके पिता धर्मपाल सिंह, दृगपाल सिंह और इंद्रपाल सिंह वहां पहुंचे और पुराने विवाद को लेकर गाली-गलौज करने लगे।
विज्ञापन

आवाज सुनकर हृदेश के पिता हरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों को गाली देने से मना किया। अभियोजन के अनुसार, इस पर धर्मपाल सिंह ने अपने बेटे लवकुश से कहा कि इसे गोली मार दो। इसके बाद लवकुश ने हरेंद्र सिंह को गोली मार दी। घटना के संबंध में चारों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिवार की जिम्मेदारी का हवाला देकर मांगी नरमी
बुधवार को चारों दोषी न्यायिक अभिरक्षा में अदालत में पेश हुए। सजा पर बहस के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत से नरमी बरतने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि सभी दोषी अपने परिवार के प्रमुख कमाने वाले सदस्य हैं और खेती का काम करते हैं।
लवकुश उर्फ लेखराज की ओर से उसकी कम उम्र, अविवाहित होने और परिवार की जिम्मेदारी का हवाला दिया गया। धर्मपाल की ओर से उसकी वृद्ध पत्नी और परिवार में किसी अन्य कमाने वाले सदस्य के नहीं होने की बात कही गई। वहीं दृगपाल और इंद्रपाल की ओर से भी परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी बताते हुए कम सजा देने का अनुरोध किया गया।

अभियोजन ने बताया गंभीर अपराध
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश पांचाल ने बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम दंड दिए जाने की मांग की। अभियोजन ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने गाली-गलौज के बाद एकराय होकर हरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अदालत ने चारों दोषियों को धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास और प्रत्येक को 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

अदालत ने धारा 504 के अपराध में भी प्रत्येक दोषी को एक वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मुकदमे के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed