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अगले साल से झांसी में बनेंगे ट्रेनों के आधुनिक कोच, साल भर में होगा 250 का नवीनीकरण
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झांसी। झांसी में अगले साल से ट्रेन के कोचों के नवीनीकरण का काम शुरू हो जाएगा। 454 करोड़ रुपये की लागत से 135 एकड़ भूमि में बन रहे कोच नवीनीकरण कारखाने के काम ने रफ्तार पकड़ ली। यहां पर अगस्त 2022 से पुराने आईसीएफ कोचों को एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच में तब्दील करने का काम शुरू हो जाएगा।
रेलवे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रेनों में इंटीग्रल कोच (आईसीएफ) की जगह एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच लगा रहा है। पूरे देश में दौड़ रही हर ट्रेन में इन कोच को लगाया जाना है। अब तक यह कोच रेल कोच कारखाना कपूरथला और आधुनिक कोच फैक्टरी रायबरेली में बनते हैं। मगर नए कोच का निर्माण इतनी जल्दी संभव नहीं है कि अगले साल तक हर ट्रेन में लग सके। इसके लिए रेलवे बड़ी संख्या में आईसीएफ कोचों को एलएचबी में बदलेगा।
झांसी में रेल कोच नवीनीकरण कारखाना बनाया जा रहा है। नगरा क्षेत्र में 135 एकड़ में इस कारखाने का निर्माण अक्तूबर 2020 से शुरू हुआ था। इसके लिए नगरा क्षेत्र में नया रेल नगर बनाया जा रहा है। यहां पर कारखाने के साथ अत्याधुनिक 160 आवास, कॉलोनी और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यहां पर हर साल 250 कोच को नवीनीकरण किया जाएगा। यह काम अगस्त 2022 से शुरु हो जाएगा। इसके बाद झांसी में विकास और रोजगार बढ़ेगा। रविवार को झांसी पहुंचे महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने कोच नवीनीकरण कारखाने के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ले आउट प्लान और प्रजेंटेशन देख अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने विद्युत लोको शेड में सीएनसी पिट लेथ मशीन का उद्घाटन किया। इस मशीन के जरिये एक बार डाटा फीड होने के बाद मशीनी कार्य सटीकता से होता है।
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यह होते हैं एलएचबी कोच
एलएचबी कोच का प्रयोग अब रेलवे पूरे देश में कर रहा है। इन कोचों में सीटें अधिक होती हैं। साथ ही यह तेज रफ्तार में ब्रेक लगने के बाद कोच पटरी से उतरते नहीं हैं। कारखाने का काम रेल विकास निगम लिमिटेड करा रहा है।
एक नजर में रेल कोच फैक्टरी
2019 फरवरी में पीएम ने किया था शिलान्यास
2020 अक्तूबर में शुरु हुआ काम
454 करोड़ रुपये से हो रहा निर्माण
135 एकड़ जमीन की गई है अधिग्रहित
250 कोच हर साल होंगे नवीनीकृत
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रेलवे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रेनों में इंटीग्रल कोच (आईसीएफ) की जगह एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच लगा रहा है। पूरे देश में दौड़ रही हर ट्रेन में इन कोच को लगाया जाना है। अब तक यह कोच रेल कोच कारखाना कपूरथला और आधुनिक कोच फैक्टरी रायबरेली में बनते हैं। मगर नए कोच का निर्माण इतनी जल्दी संभव नहीं है कि अगले साल तक हर ट्रेन में लग सके। इसके लिए रेलवे बड़ी संख्या में आईसीएफ कोचों को एलएचबी में बदलेगा।
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झांसी में रेल कोच नवीनीकरण कारखाना बनाया जा रहा है। नगरा क्षेत्र में 135 एकड़ में इस कारखाने का निर्माण अक्तूबर 2020 से शुरू हुआ था। इसके लिए नगरा क्षेत्र में नया रेल नगर बनाया जा रहा है। यहां पर कारखाने के साथ अत्याधुनिक 160 आवास, कॉलोनी और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यहां पर हर साल 250 कोच को नवीनीकरण किया जाएगा। यह काम अगस्त 2022 से शुरु हो जाएगा। इसके बाद झांसी में विकास और रोजगार बढ़ेगा। रविवार को झांसी पहुंचे महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने कोच नवीनीकरण कारखाने के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ले आउट प्लान और प्रजेंटेशन देख अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने विद्युत लोको शेड में सीएनसी पिट लेथ मशीन का उद्घाटन किया। इस मशीन के जरिये एक बार डाटा फीड होने के बाद मशीनी कार्य सटीकता से होता है।
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यह होते हैं एलएचबी कोच
एलएचबी कोच का प्रयोग अब रेलवे पूरे देश में कर रहा है। इन कोचों में सीटें अधिक होती हैं। साथ ही यह तेज रफ्तार में ब्रेक लगने के बाद कोच पटरी से उतरते नहीं हैं। कारखाने का काम रेल विकास निगम लिमिटेड करा रहा है।
एक नजर में रेल कोच फैक्टरी
2019 फरवरी में पीएम ने किया था शिलान्यास
2020 अक्तूबर में शुरु हुआ काम
454 करोड़ रुपये से हो रहा निर्माण
135 एकड़ जमीन की गई है अधिग्रहित
250 कोच हर साल होंगे नवीनीकृत