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मनरेगा: जातीय आधार पर वरीयता से मिलेगी मजदूरी
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झांसी। गरीबी से जूझते ग्रामीणाें की आमदनी का सहारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में अब मजदूरी का भुगतान जाति देखकर किया जाने लगा है। विभाग में मजदूरों के भुगतान को लेकर जातीय वरीयता दी जा रही है। पहले अन्य जातियों और सबसे बाद में सामान्य वर्ग के मजदूरों को पैसा दिया जा रहा है। दीपावली नजदीक होने के कारण मजदूरों को समय पर पैसा नहीं मिलने से उनमें असंतोष है।
गांवों में काम की कमी के कारण मजदूरों का पलायन न हो, इसके लिए मनरेगा संचालित है। इसके अंतर्गत श्रमिक जॉब कार्ड बनवाकर अपना पंजीकरण कराते हैं। जिले में 2.25 लाख सक्रिय श्रमिक हैं। यदि जॉब कार्डधारक रोजगार मांगते हैं तो उन्हें रोजगार दिया जाता है। काम करने वाले जॉब कार्डधारक को 201 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है। पिछले डेढ़ महीने से मजदूरी के भुगतान की दिक्कत आ रही है। दरअसल, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के मजदूरों को अब वरीयता के आधार पर भुगतान किया जाने लगा है।
ऐसे में किसी का 14 दिन तो किसी का 10 दिन का पैसा रुका पड़ा है। भुगतान करने की मांग को लेकर लगातार शासन से पत्राचार किया जा रहा है। इसके बाद भी भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है।
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अब अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के मजदूरों को वरीयता के आधार पर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। इस कारण दिक्कत आ रही है। हालांकि, भुगतान हो रहा है। दीपावली तक सभी मजदूरों का भुगतान होने की उम्मीद है।
- रामऔतार, उपायुक्त
सर्वर नहीं चलने से रात में बन रहे ई- श्रम कार्ड
मनरेगा के अंतर्गत सभी जॉब कार्डधारकों के ई- श्रम कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसमें मजदूरों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है तथा दो लाख रुपये तक का बीमा भी किया जा रहा है। गांव- गांव में श्रम विभाग जन सेवा केंद्रों के माध्यम से मजदूरों के जॉबकार्ड बनवा रहा है। लेकिन, सर्वर नहीं चलने के कारण इ- श्रम कार्ड बनाने में दिक्कत आ रही है। इस कारण रात में पंजीयन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
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गांवों में काम की कमी के कारण मजदूरों का पलायन न हो, इसके लिए मनरेगा संचालित है। इसके अंतर्गत श्रमिक जॉब कार्ड बनवाकर अपना पंजीकरण कराते हैं। जिले में 2.25 लाख सक्रिय श्रमिक हैं। यदि जॉब कार्डधारक रोजगार मांगते हैं तो उन्हें रोजगार दिया जाता है। काम करने वाले जॉब कार्डधारक को 201 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है। पिछले डेढ़ महीने से मजदूरी के भुगतान की दिक्कत आ रही है। दरअसल, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के मजदूरों को अब वरीयता के आधार पर भुगतान किया जाने लगा है।
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ऐसे में किसी का 14 दिन तो किसी का 10 दिन का पैसा रुका पड़ा है। भुगतान करने की मांग को लेकर लगातार शासन से पत्राचार किया जा रहा है। इसके बाद भी भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है।
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अब अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के मजदूरों को वरीयता के आधार पर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। इस कारण दिक्कत आ रही है। हालांकि, भुगतान हो रहा है। दीपावली तक सभी मजदूरों का भुगतान होने की उम्मीद है।
- रामऔतार, उपायुक्त
सर्वर नहीं चलने से रात में बन रहे ई- श्रम कार्ड
मनरेगा के अंतर्गत सभी जॉब कार्डधारकों के ई- श्रम कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसमें मजदूरों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है तथा दो लाख रुपये तक का बीमा भी किया जा रहा है। गांव- गांव में श्रम विभाग जन सेवा केंद्रों के माध्यम से मजदूरों के जॉबकार्ड बनवा रहा है। लेकिन, सर्वर नहीं चलने के कारण इ- श्रम कार्ड बनाने में दिक्कत आ रही है। इस कारण रात में पंजीयन कार्ड बनाए जा रहे हैं।