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रानी की धरती पर सेना की धाक, जमीन से आसमान तक बिखरे देशभक्ति के नजारे
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हाथी ग्रान्ड में लगी सेना के हथियारों की प्रदर्शनी में लगे भारतीय सेना के टैंक व तोपें। अमर उजाला
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झांसी। तिरंगे की शान और सेना की आन-बान के जज्बे से सजे राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व के तहत बुधवार को झांसी के एलवीएम स्कूल के मैदान पर तीन दिवसीय झांसी जलसा पर्व का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक रवि शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप जलाकर किया।
देश की तरक्की और सेना के बढ़ते कदमताल से सजे इस कार्यक्रम में सेना की ओर से डॉग शो, हॉर्स जंपिंग, स्काई डाइविंग, लड़ाकू विमान, डीआरडीओ के स्वार्म ड्रोन और हॉट एयर बलून के प्रदर्शन को सभी ने खूब सराहा। प्रदर्शन के साथ मेरा रंग दे बसंती चोला और ताकत वतन की हमसे है..., देशभक्ति गीत लोगों में देशभक्ति का खूब जज्बा भर रहे थे। बच्चे हो या बड़े सभी लोग हर प्रदर्शन पर भारत माता की जय... और वंदे मातरम का जयघोष कर रहे थे।
इस दौरान पैरा मोटर की ऊंचाई और माइक्रोक्राफ्ट की उड़ान रोमांच से भरी रही। कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की ‘आकाश गंगा’ के कमांडो ने अपना बेहतरीन हुनर दिखाया। कार्यक्रम के अंत में सेना के बैंड ने शानदार प्रदर्शन किया। लोगों ने भी बैंड को सलामी दी। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं संचालन लेफ्टीनेंट प्रखर तिवारी और शिक्षिका आसमा खान ने किया।
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डॉग शो में एक्सपर्ट डॉग ने ढूंढे आतंकी निशाने
झांसी। बीएसएफ के डॉग शो में मैदान में अपने कमांडो संग उतरे डॉग ने लोगों को अपना हुनर दिखाया। डॉग ने अपनी सूंघने की शक्ति से बेहतरीन प्रस्तुति दी और नाटकीय रूप से मैदान में छिपे आतंकी को ढूंढ निकाला। मैदान में यहां-वहां छिपाये गए सामान को डॉग ने फटाफट ढूंढ निकाला। डॉग के दौड़ने, सर्किल और स्टैंड की बाधाओं को पार करने और उसकी कार्य कुशलता को देख लोगों ने उनकी कड़ी ट्रेनिंग का अंदाजा लगाया। उन्होंने जवानों के साथ मैदान के चक्कर लगाए और शो में बेहतरीन प्रस्तुति दी। डॉग शो देख बच्चे खूब गदगद हुए।
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सानिया, सुल्तान, ब्रेव, शेरा, चकोरी और नूरा के कायल हो गए झांसी वाले
झांसी। एलवीएम के मैदान पर सेना के घुड़सवारों और उनके तेज-तर्रार घोड़े सुल्तान, ब्रेव, शेरा, सानिया, चकोरी और नूरा के झांसी वाले कायल हो गए। बीएसएफ के हॉर्स जंपिंग शो में घुड़सवार सौरभ चौधरी ने जूलियट पर, हरबंश ने घोड़े ब्रेव पर बैठकर जो हुनर दिखाया उसे देखकर झांसी वाले वाह-वाह कर उठे। तेज गति से दौड़ते हुए तलवार के जरिए जमीन से पेपर उठाना बेहद रोमांचक था। इसके अलावा हरबंश लाल के घोड़े की गति देख लोग अपनी सीट से उठ खड़े हुए। जसविंदर सिंह ने अपने घोड़े शेरा पर बैठकर जो गति भरी और तलवार, चाकू व नान ने जिस तरह रास्ते में रखे पेपर उठाए, वह देखकर लोग देर तक तालियां बजाते रहे। जंपिंग शो में घोड़े पर सवार तेज प्रताप जोशी, संजीव सिंह, गोविंद राणा के पैंतरे देख लोगों का रोमांच और भी बढ़ गया। बाधा जंपिंग में घोड़े का हुनर देखने लायक था।
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स्काई डाइविंग में रस्सी के सहारे मैदान में उतरे कमांडो
झांसी। कार्यक्रम में कमांडो रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से जमीन पर उतरे तो पूरा मैदान देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। जैसे-जैसे कमांडो उतर रहे थे एनसीसी कैडेट्स और बाकी लोग खड़े होकर उनका हौसला बढ़ाने को भारत माता की जय, जयहिंद का जयघोष करने लगते थे। कमांडो भी बारी-बारी से लोगों को अभिवादन स्वीकार करते रहे।
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लड़ाकू विमानों की स्पीड और स्वार्म ड्रोन की तकनीकी देख लगाए जयहिंद के नारे
झांसी। राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व के तहत एलवीएम के मैदान के ऊपर से जब लड़ाकू विमान मिग और मिराज गुजरे तो तिरंगे की शान आसमान में नजर आई। इनकी तेज गर्जना और स्पीड देख लोग देखते ही रह गए। वहीं, डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी तकनीकी से तैयार किए गए ‘स्वार्म ड्रोन’ में से 25 ड्रोन खूब पसंद किए गए। इनकी खास तकनीकी इतनी कमाल की है कि यह बिना पास जाए काफी दूर से चीजों को परख सकता है। किसी आपातकाल में पूरी चतुराई से एक साथ (झुंड में)और अलग-अलग व पिरामिड रूप में अपना काम कर सकते हैं। नई तकनीकी से इस ड्रोन को कुछ इस तरह से बनाया गया है कि यह विषय परिस्थिति में भी पूरी तरह काम करेगा और दुश्मन व अपने हर टारगेट पर नजर रखेगा। एलवीएम के मैदान पर जब यह 25 ड्रोन एक साथ जमीन से ऊपर अपने टारगेट की ओर बढ़े तो इनका संचालन बेहतरीन रहा। आपातकाल में एक साथ और अलग-अलग ग्रुप में ड्रोन ने बेहतर प्रदर्शन किया। झांसी के लोगों ने इसे सलाम किया और जय हिंद के नारे लगाए।
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हॉट एयर बलून ने बच्चों ने की आसमान की सैर
झांसी। एलवीएम के मैदान पर गाड़ी से जब पीले रंग का हॉट एयर बलून जमीन पर उतारा गया तो लोगों ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन जैसे ही बलून में हवा भरकर उसे फुलाया गया और प्रेशर से आग छोड़ी गई तो बलून जमीन से आसमान की ओर उठने लगा, यह देख बच्चे खुश होकर तालियां बजाने लगे। बड़े भी बलून से नजर नहीं हटा पाए। जब बलून पूरी तरह से फूल गया तो वह आसमान में उड़ने लगा। इसके बाद तो तमाम बच्चे मैदान की ओर दौड़ पड़े। सेना के जवानों ने भी कई बच्चों को बलून में बैठाकर आसमान की सैर कराई।
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पैरा मोटर की ऊंचाई और माइक्रोक्राफ्ट की उड़ान रही जबरदस्त
झांसी। एलवीएम के मैदान पर पैरा मोटर की उड़ान जबरदस्त रही। 80-90 किमी की रफ्तार से उड़ान भरने वाले पैरा मोटर जब आसमान में तेज गति से निकलते तो लोग खड़े होकर गर्दन को घुमाते हुए आसमान का नजारा देखने में खो जाते। इसके अलावा माउंटेन ईगल के नाम से प्रसिद्ध माइक्रोक्राफ्ट लोगों को खूब पसंद आए। वहीं, ईगल-1 रेड एयर क्राफ्ट में कमांडो मनकवलजीत, ईगल-2 व्हाइट एयर क्राफ्ट में लेफ्टिनेंट एबी टीएन ने और एलो एयर क्राफ्ट में नायक सी.ए ने अपनी दक्षता दिखाई। ईगल के जरिए तिरंगे की शान और इंडियन फोर्स के जय का उद्घोष मैदान में देर तक होता रहा।
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देश की तरक्की और सेना के बढ़ते कदमताल से सजे इस कार्यक्रम में सेना की ओर से डॉग शो, हॉर्स जंपिंग, स्काई डाइविंग, लड़ाकू विमान, डीआरडीओ के स्वार्म ड्रोन और हॉट एयर बलून के प्रदर्शन को सभी ने खूब सराहा। प्रदर्शन के साथ मेरा रंग दे बसंती चोला और ताकत वतन की हमसे है..., देशभक्ति गीत लोगों में देशभक्ति का खूब जज्बा भर रहे थे। बच्चे हो या बड़े सभी लोग हर प्रदर्शन पर भारत माता की जय... और वंदे मातरम का जयघोष कर रहे थे।
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इस दौरान पैरा मोटर की ऊंचाई और माइक्रोक्राफ्ट की उड़ान रोमांच से भरी रही। कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की ‘आकाश गंगा’ के कमांडो ने अपना बेहतरीन हुनर दिखाया। कार्यक्रम के अंत में सेना के बैंड ने शानदार प्रदर्शन किया। लोगों ने भी बैंड को सलामी दी। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं संचालन लेफ्टीनेंट प्रखर तिवारी और शिक्षिका आसमा खान ने किया।
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डॉग शो में एक्सपर्ट डॉग ने ढूंढे आतंकी निशाने
झांसी। बीएसएफ के डॉग शो में मैदान में अपने कमांडो संग उतरे डॉग ने लोगों को अपना हुनर दिखाया। डॉग ने अपनी सूंघने की शक्ति से बेहतरीन प्रस्तुति दी और नाटकीय रूप से मैदान में छिपे आतंकी को ढूंढ निकाला। मैदान में यहां-वहां छिपाये गए सामान को डॉग ने फटाफट ढूंढ निकाला। डॉग के दौड़ने, सर्किल और स्टैंड की बाधाओं को पार करने और उसकी कार्य कुशलता को देख लोगों ने उनकी कड़ी ट्रेनिंग का अंदाजा लगाया। उन्होंने जवानों के साथ मैदान के चक्कर लगाए और शो में बेहतरीन प्रस्तुति दी। डॉग शो देख बच्चे खूब गदगद हुए।
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सानिया, सुल्तान, ब्रेव, शेरा, चकोरी और नूरा के कायल हो गए झांसी वाले
झांसी। एलवीएम के मैदान पर सेना के घुड़सवारों और उनके तेज-तर्रार घोड़े सुल्तान, ब्रेव, शेरा, सानिया, चकोरी और नूरा के झांसी वाले कायल हो गए। बीएसएफ के हॉर्स जंपिंग शो में घुड़सवार सौरभ चौधरी ने जूलियट पर, हरबंश ने घोड़े ब्रेव पर बैठकर जो हुनर दिखाया उसे देखकर झांसी वाले वाह-वाह कर उठे। तेज गति से दौड़ते हुए तलवार के जरिए जमीन से पेपर उठाना बेहद रोमांचक था। इसके अलावा हरबंश लाल के घोड़े की गति देख लोग अपनी सीट से उठ खड़े हुए। जसविंदर सिंह ने अपने घोड़े शेरा पर बैठकर जो गति भरी और तलवार, चाकू व नान ने जिस तरह रास्ते में रखे पेपर उठाए, वह देखकर लोग देर तक तालियां बजाते रहे। जंपिंग शो में घोड़े पर सवार तेज प्रताप जोशी, संजीव सिंह, गोविंद राणा के पैंतरे देख लोगों का रोमांच और भी बढ़ गया। बाधा जंपिंग में घोड़े का हुनर देखने लायक था।
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स्काई डाइविंग में रस्सी के सहारे मैदान में उतरे कमांडो
झांसी। कार्यक्रम में कमांडो रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से जमीन पर उतरे तो पूरा मैदान देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। जैसे-जैसे कमांडो उतर रहे थे एनसीसी कैडेट्स और बाकी लोग खड़े होकर उनका हौसला बढ़ाने को भारत माता की जय, जयहिंद का जयघोष करने लगते थे। कमांडो भी बारी-बारी से लोगों को अभिवादन स्वीकार करते रहे।
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लड़ाकू विमानों की स्पीड और स्वार्म ड्रोन की तकनीकी देख लगाए जयहिंद के नारे
झांसी। राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व के तहत एलवीएम के मैदान के ऊपर से जब लड़ाकू विमान मिग और मिराज गुजरे तो तिरंगे की शान आसमान में नजर आई। इनकी तेज गर्जना और स्पीड देख लोग देखते ही रह गए। वहीं, डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी तकनीकी से तैयार किए गए ‘स्वार्म ड्रोन’ में से 25 ड्रोन खूब पसंद किए गए। इनकी खास तकनीकी इतनी कमाल की है कि यह बिना पास जाए काफी दूर से चीजों को परख सकता है। किसी आपातकाल में पूरी चतुराई से एक साथ (झुंड में)और अलग-अलग व पिरामिड रूप में अपना काम कर सकते हैं। नई तकनीकी से इस ड्रोन को कुछ इस तरह से बनाया गया है कि यह विषय परिस्थिति में भी पूरी तरह काम करेगा और दुश्मन व अपने हर टारगेट पर नजर रखेगा। एलवीएम के मैदान पर जब यह 25 ड्रोन एक साथ जमीन से ऊपर अपने टारगेट की ओर बढ़े तो इनका संचालन बेहतरीन रहा। आपातकाल में एक साथ और अलग-अलग ग्रुप में ड्रोन ने बेहतर प्रदर्शन किया। झांसी के लोगों ने इसे सलाम किया और जय हिंद के नारे लगाए।
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हॉट एयर बलून ने बच्चों ने की आसमान की सैर
झांसी। एलवीएम के मैदान पर गाड़ी से जब पीले रंग का हॉट एयर बलून जमीन पर उतारा गया तो लोगों ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन जैसे ही बलून में हवा भरकर उसे फुलाया गया और प्रेशर से आग छोड़ी गई तो बलून जमीन से आसमान की ओर उठने लगा, यह देख बच्चे खुश होकर तालियां बजाने लगे। बड़े भी बलून से नजर नहीं हटा पाए। जब बलून पूरी तरह से फूल गया तो वह आसमान में उड़ने लगा। इसके बाद तो तमाम बच्चे मैदान की ओर दौड़ पड़े। सेना के जवानों ने भी कई बच्चों को बलून में बैठाकर आसमान की सैर कराई।
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पैरा मोटर की ऊंचाई और माइक्रोक्राफ्ट की उड़ान रही जबरदस्त
झांसी। एलवीएम के मैदान पर पैरा मोटर की उड़ान जबरदस्त रही। 80-90 किमी की रफ्तार से उड़ान भरने वाले पैरा मोटर जब आसमान में तेज गति से निकलते तो लोग खड़े होकर गर्दन को घुमाते हुए आसमान का नजारा देखने में खो जाते। इसके अलावा माउंटेन ईगल के नाम से प्रसिद्ध माइक्रोक्राफ्ट लोगों को खूब पसंद आए। वहीं, ईगल-1 रेड एयर क्राफ्ट में कमांडो मनकवलजीत, ईगल-2 व्हाइट एयर क्राफ्ट में लेफ्टिनेंट एबी टीएन ने और एलो एयर क्राफ्ट में नायक सी.ए ने अपनी दक्षता दिखाई। ईगल के जरिए तिरंगे की शान और इंडियन फोर्स के जय का उद्घोष मैदान में देर तक होता रहा।