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मनरेगा: झांसी प्रदेश में नंबर वन
झांसी/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:05 AM IST
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झांसी। सूखे की मार से कराह रहे प्रदेश के लोगों को राहत देने के लिए मनरेगा के नियमों में किए गए बदलाव का सबसे अधिक असर झांसी जिले में पड़ा है।
मनरेगा के प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी सूची में झांसी में सर्वाधिक लोगों को सौ दिन से अधिक रोजगार दिया गया है। सूची के टॉप फाइव में बुंदेलखंड के सात में से तीन जिले शामिल हैं।
फसलें बर्बाद होने के कारण लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे हाल में लोगों को रोजगार दिलाकर पलायन रोकने के लिए केंद्र सरकार ने मनरेगा में सौ दिन का दायरा बढ़ाकर 150 दिन कर दिया है। दिन बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने लोगों को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।
शासन के निर्देशों के क्रम में झांसी जिले में 3817 परिवारों के लिए सौ दिन से अधिक 4,46,670 मानव दिवस सृजित किए गए, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक हैं। दूसरे नंबर पर प्रतापगढ़ जिला रहा, यहां 3546 परिवारों के लिए 376130 मानव दिवस सृजित हुए। तीसरे नंबर पर बुंदेलखंड का ही ललितपुर जिला रहा, यहां 2543 परिवारों के लिए 289260 मानव दिवस सृजित किए गए।
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चौथे नंबर पर जालौन जिला रहा, जहां 2334 परिवारों के लिए 265272 मानव दिवस सृजित हुए। पांचवें नंबर पर जौनपुर जिला रहा, यहां 2282 परिवारों के लिए 255158 मानव दिवस सृजित हुए।
बुंदेलखंड का बांदा जिला छठवे नंबर पर रहा, यहां 2166 परिवारों के लिए 249656 मानव दिवस सृजित किए गए। चित्रकूट जिला आठवें नंबर पर रहा, यहां 2009 परिवारों के लिए 229532 मानव दिवस सृजित हुए। हमीरपुर जिला 19 वे नंबर पर है, यहां 1072 परिवारों के लिए 123278 मानव दिवस सृजित हुए। महोबा जिला 51 वे नंबर पर रहा, जहां 338 परिवारों के लिए 38653 मानव दिवस सृजित हुए।
गाजियाबाद का सबसे आखिरी नंबर
उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद जिला सूची में सबसे आखिरी नंबर पर है। यहां एक भी परिवार के लिए एक भी मानव दिवस सौ दिन से अधिक का सृजित नहीं हुआ। गौतमबुद्ध नगर में एक परिवार के लिए 104 मानव दिवस सृजित हुए। हापुड़ में पांच परिवारों के लिए 550 मानव दिवस सृजित हुए।
शासन के निर्देश पर लोगों को अधिक से अधिक काम दिलाया जा रहा है। प्रतिदिन 30 से 33 हजार मानव दिवस सृजित किए जा रहे हैं। सभी को साफ निर्देश दिए गए हैं कि हर जॉब कार्ड धारक को रोजगार मिले।
विकास मिश्रा, उपायुक्त, मनरेगा, झांसी।
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मनरेगा के प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी सूची में झांसी में सर्वाधिक लोगों को सौ दिन से अधिक रोजगार दिया गया है। सूची के टॉप फाइव में बुंदेलखंड के सात में से तीन जिले शामिल हैं।
फसलें बर्बाद होने के कारण लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे हाल में लोगों को रोजगार दिलाकर पलायन रोकने के लिए केंद्र सरकार ने मनरेगा में सौ दिन का दायरा बढ़ाकर 150 दिन कर दिया है। दिन बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने लोगों को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।
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शासन के निर्देशों के क्रम में झांसी जिले में 3817 परिवारों के लिए सौ दिन से अधिक 4,46,670 मानव दिवस सृजित किए गए, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक हैं। दूसरे नंबर पर प्रतापगढ़ जिला रहा, यहां 3546 परिवारों के लिए 376130 मानव दिवस सृजित हुए। तीसरे नंबर पर बुंदेलखंड का ही ललितपुर जिला रहा, यहां 2543 परिवारों के लिए 289260 मानव दिवस सृजित किए गए।
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चौथे नंबर पर जालौन जिला रहा, जहां 2334 परिवारों के लिए 265272 मानव दिवस सृजित हुए। पांचवें नंबर पर जौनपुर जिला रहा, यहां 2282 परिवारों के लिए 255158 मानव दिवस सृजित हुए।
बुंदेलखंड का बांदा जिला छठवे नंबर पर रहा, यहां 2166 परिवारों के लिए 249656 मानव दिवस सृजित किए गए। चित्रकूट जिला आठवें नंबर पर रहा, यहां 2009 परिवारों के लिए 229532 मानव दिवस सृजित हुए। हमीरपुर जिला 19 वे नंबर पर है, यहां 1072 परिवारों के लिए 123278 मानव दिवस सृजित हुए। महोबा जिला 51 वे नंबर पर रहा, जहां 338 परिवारों के लिए 38653 मानव दिवस सृजित हुए।
गाजियाबाद का सबसे आखिरी नंबर
उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद जिला सूची में सबसे आखिरी नंबर पर है। यहां एक भी परिवार के लिए एक भी मानव दिवस सौ दिन से अधिक का सृजित नहीं हुआ। गौतमबुद्ध नगर में एक परिवार के लिए 104 मानव दिवस सृजित हुए। हापुड़ में पांच परिवारों के लिए 550 मानव दिवस सृजित हुए।
शासन के निर्देश पर लोगों को अधिक से अधिक काम दिलाया जा रहा है। प्रतिदिन 30 से 33 हजार मानव दिवस सृजित किए जा रहे हैं। सभी को साफ निर्देश दिए गए हैं कि हर जॉब कार्ड धारक को रोजगार मिले।
विकास मिश्रा, उपायुक्त, मनरेगा, झांसी।