सजेगा संवरेगा अपना शहर, पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ेंगे कदम, अमर उजाला की मुहिम को सराहा गया
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प्राकृतिक खूबसूरती के साथ ही प्राचीन धरोहरों, रानी झांसी के पराक्रम से जुड़ी गाथाएं और स्थलों को विश्व पर्यटन पर लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। अमर उजाला लगातार ‘हमारी झांसी जैसा कोई नहीं’ श्रृंखला के तहत यहां की हर खूबी को उजागर कर रहा है। इन तमाम खूबियों को पर्यटन के विश्व मानचित्र पर लाने के लिए जिले के प्रबुद्ध लोग, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला एक मंच पर आया। विकास भवन में हुई बैठक में सभी ने महत्वपूर्ण और व्यवहारिक सुझाव दिए। इनमें सर्वाधिक जोर ब्रांडिंग (प्रचार-प्रसार) पर रहा। फाइव स्टार होटल की जरूरत के साथ ही योजनाओं को तेजी से अमली जामा पहनाने के लिए कोर टीम के गठन की मांग उठी।
रविवार को विकास भवन में हुई बैठक में बुंदेलखंड चैंबर के हरिमोहन बंसल ने पीपीपी मॉडल पर उद्यमियों के सहयोग से विकास का सुझाव दिया। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय पटवारी ने बीयू की कैमासन पहाड़ी पर बने माता मंदिर पर रोपवे, दुर्ग में ई-रिक्शा और कैफेटेरिया विकसित करने का सुझाव दिया। वीरेश्वर शुक्ला ने अठौंदना गांव को विकसित करने का सुझाव दिया। डॉ. नीति शास्त्री ने बुंदेली परिधान, लोकगीत और वादन को प्रोत्साहित करने के लिए कहा।
सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि पहूज नदी पर छोटे क्रूज विकसित किए जा सकते हैं। बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला ने कहा कि जिले में गाइड ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाए। साथ ही, फिल्म निर्देशक एएन अंसारी के नाम पर फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जाए। राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा और गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने एरच में पर्यटन विकास पर ध्यान देने के लिए सुझाव दिए। साथ ही, टहरौली किला, टोड़ीफतेहपुर किला, बढ़वार झील के विकास का सुझाव दिया।
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने कहा कि झांसी को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए ब्रांडिंग (प्रचार-प्रसार) की खासी जरूरत है। इसके लिए यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। साथ ही सामाजिक संगठन आगे आकर एक-एक स्मारक को गोद लें और अपने स्तर पर विकसित करें। सुझावों को लेकर प्रमुख सचिव पर्यटन के साथ बैठक की जाएगी। इस मौके पर मऊरानीपुर विधायक बिहारी लाल आर्य, राजीव शर्मा, संतोष शर्मा, डॉ. एसके दुबे, संतोष साहू, दीपक कश्यप, राजीव बब्बर, नवीन गुप्ता, सुनील काव्या, समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
राजकीय संग्रहालय में शुरू होगी आर्ट गैलरी
महानगर के राजकीय संग्रहालय में बंद पड़ी आर्ट गैलरी को शुरू करने के सुझाव पर डीएम ने निर्देश दिए। इस मौके पर संग्रहालय की उमा पाराशर ने स्टाफ की कमी का हवाला दिया। इसे लेकर नगर निगम के मेयर रामतीर्थ सिंघल ने आउट सोर्सिंग पर स्टाफ उपलब्ध कराने की सहमति दी। बताया जाता है कि एक साल से आर्ट गैलरी बंद है।
एएसआई अधिकारियोें को लगाई फटकार
डीएम आंद्रा वामसी ने बैठक के दौरान एएसआई अधिकारियों को जमकर फटकारा। बैठक में मुद्दा उठा कि एएसआई अधिकारी किले और स्मारकों से काफी दूर मकान बनाने वालों को नोटिस थमाकर परेशान करते हैं। डीएम ने अधिकारियों को इसे लेकर फटकार लगाई।
ये आए सुझाव
- सैलानियों को झांसी में रोकने के लिए अच्छे होटल विकसित किए जाएं। लाइट एंड साउंड समेत तमाम कार्यक्रम कराए जाएं।
- बुंदेलखंड की 43 विधाओं को प्रोत्साहित किया जाए। लक्ष्मीताल पर नौका विहार, चौपाटी को विकसित किया जाए।
- सैंयर पहाड़ी का विकास किया जाए। वृंदावन लाल वर्मा पार्क में म्यूजिकल फाउंटेन विकसित हो।
- रानी लक्ष्मीबाई से जुड़े साहित्य पर जोर दिया जाए। झोकनबाग सिमेट्री से अतिक्रमण हटाया जाए।
- राजघाट बांध का विकास किया जाए। रणछोर मंदिर का विकास, पर्यटक स्थलों की मार्केटिंग की जाए।
- लोग धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल गोद लें। हस्त शिल्प के उत्पादों की प्रदर्शनी लगे।