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जेब की गर्मी को मौसम की नर्मी का इंतजार

Sat, 17 Dec 2016 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 17 Dec 2016 12:44 AM IST
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Meekly wait for the heat of the pocket weather
winter jhansi - फोटो : demo
मध्यम वर्गीय लोगों का ब्रांडेड बाजार कहलाने वाले तिब्बती बाजार के व्यापारियों को शीत लहर का इंतजार है। पिछले कुछ दिनों से अचानक पड़ी गर्मी के कारण देश के विभिन्न राज्य हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड आदि से आए इन व्यापारियों का धंधा चौपट पड़ा है। पिछले साल भी ठंड न पड़ने के कारण उनका व्यापार मनमाफिक नहीं हुआ था।
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इलाइट चौराहे के पास तिब्बत मार्केट के नाम से प्रसिद्ध मैदान में पिछले दस वर्षों से गर्म कपड़ों का बाजार सजता है। वाजिब दाम में ब्रांडेड दिखने वाले गर्म कपड़े मिलने के कारण यह बाजार मध्यम वर्गीय लोगों को खूब भाता है। पिछले वर्ष सर्दी कम पड़ने के कारण इस बाजार में दुकान लगाने वाले व्यापारी परेशान रहे थे। इस बार दिसंबर शुरू होते ही कोहरा छाने और सर्द हवाएं चलने के कारण तिब्बत बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी थी। लेकिन, पिछले दिनों अचानक पारा चढ़ गया और दिन में तेज धूप खिलने से गर्मी बढ़ गई।
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मौसम की पलटी से तिब्बती बाजार में एक बार फिर ग्राहकों का आना कम हो गया। स्थिति यह बनी कि सर्दी के दिनों में होने वाली बिक्री का अस्सी से नब्बे फीसदी व्यापार भी ये लोग नहीं कर पा रहे हैं। अब इन्हें अपना व्यापार बढ़ने के लिए सर्द हवाओं का इंतजार है।
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अपनी डिजायन खुद तय करते 
देहरादून से आए मिंगमा ने बताया कि गर्मियों में ही पंजाब और हिमाचल की फैक्ट्रियों को गर्म कपड़े बनाने का आर्डर दे देते हैं। कपड़ों की डिजायन हर वर्ष बदलते रहते हैं। इसके लिए वर्तमान में चल रहे फैशन और किताबों में देखकर डिजायन सेलेक्ट करते हैं। इसलिए कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं आता है। हर साल एक ही फैक्ट्री से कपड़े बनवाने के कारण क्रेडिट पर कपड़े मिल जाते हैं। कीमत का पच्चीस प्रतिशत भुगतान कर देते हैं और शेष भुगतान बिक्री के बाद करते हैं। 

करीब दो करोड़ का कारोबार 
हिमाचल से आए व्यापारी थुंडुप ने बताया कि लगभग पच्चीस लोग हर वर्ष यहां आते हैं। पांच नवंबर से 31 जनवरी तक रहते हैं। लगभग दो करोड़ रुपये का व्यापार होता है। पिछले वर्ष सर्दी न होने के कारण व्यापार आधा ही हो पाया। कपड़े नहीं बिक पाते हैं तो फैक्ट्री में वापस कर देते हैं।


अभी नहीं हो रही बिक्री
तीन दिन ही बिक्री हो पाई। इसके बाद धूप होने लगी तो बिक्री नब्बे फीसदी तक गिर गई है। शाम को ही कुछ लोग आते हैं तो बिक्री हो जाती है। अभी दिसंबर और जनवरी का समय बाकी है। इसमें अच्छी बिक्री होेने की उम्मीद है।
छोफेल, मनाली, हिमाचल प्रदेश

अभी बाकी है उम्मीद
पिछले वर्ष भी अच्छी बिक्री नहीं हो पाई। इस वर्ष कड़ाके की सर्दी पड़ेगी क्योंकि बरसात अच्छी हुई है। सर्दी न पड़ने से मुनाफा नहीं होता है, लेकिन खर्चा निकल आता है। तीन दिन की सर्दी में अच्छी बिक्री हो गई है और आगे भी होगी।

विक्रम, नेपाल 

नोटबंदी का है प्रभाव
नोटबंदी का प्रभाव भी बिक्री पर पड़ रहा है। लोगों के पास रुपये न होने के कारण वह खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। जरूरत होने पर ही खरीद रहे हैं। कैशलेस व्यवस्था हम लोग कर नहीं सकते। स्वाइप मशीन मिलती नहीं है और मोबाइल वॉलेट का उपयोग सभी कर नहीं पाते।
राकेश कुमार, उत्तराखंड
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