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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज के शोध को मिली वैश्विक मान्यता
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग का एक और शोधपत्र प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय जरनल क्यूरियस में प्रकाशित हो गया है। मुख्य शोधकर्ता एनेस्थीसिया विभाग के आचार्य डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि शोध अब वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है। यह भारत ही नहीं, वैश्विक एनेस्थीसिया समुदाय के लिए दिशा-निर्धारित करने वाला शोध है।
उन्होंने बताया कि कॉलेज के डॉक्टरों ने शोध कार्य के दौरान सेगमेंटल थोरैसिक स्पाइनल एनेस्थीसिया तकनीक पर आधारित तकनीक से रीढ़ के मध्य भाग में सिर्फ डेढ़ मिलीलीटर दवा देकर पेट और उससे जुड़े हिस्से को सुन्न कर दिया। जबकि, पैरों की मांसपेशियों की ताकत बनी रही। इससे रक्तचाप, हृदय गति भी स्थिर रही। सर्जरी के दौरान गंभीर जटिलताओं का खतरा भी कम होता है। थोरैसिक समूह में कंपकंपी, उल्टी और अन्य जटिलताएं भी कम देखी गईं। मरीजों की संतुष्टि और सर्जरी की गुणवत्ता दोनों ही थोरैसिक तकनीक में बेहतर मिली।
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