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मेडिकल कॉलेज : उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद 223 दिन बाद भी ठीक नहीं हुई लिफ्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सख्त निर्देश के बावजूद 223 दिन बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ओपीडी और वार्डों की खराब पड़ी लिफ्ट ठीक नहीं करा सका। यही नहीं, लिफ्ट लगाने वाली कंपनी को न तो काली सूची में डाला गया, न ही नई लिफ्ट लगाने के लिए आकलन कर रिपोर्ट भेजी गई।
मेडिकल कॉलेज की तीन मंजिला बिल्डिंग में रोगियों के लिए भर्ती वार्ड बने हैं। यहां तक रोगियों को सीढि़यां चढ़कर जाना पड़ता है या फिर परिजन स्ट्रेचर से वार्ड तक लेकर जाते हैं। वार्डों में रोगियों के लिए लगी दो लिफ्टें करीब 17 माह से खराब पड़ी हैं। ओपीडी में भी रोगियों की सहूलियत के लिए लगी तीन लिफ्ट भी खराब हैं।
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15 सितंबर 2024 को अमर उजाला ने लिफ्ट के खराब होने की वजह से रोगियों को होने वाली दिक्कत को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 26 सितंबर को संज्ञान लिया और तत्कालीन प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर को पत्र भेजकर लिफ्ट सही कराने के निर्देश दिए। कहा था कि कंपनी लिफ्ट सही नहीं करती है तो ब्लैक लिस्ट में डालकर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही नई लिफ्ट लगाने के लिए जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए मगर हैरानी की बात है कि उप मुख्यमंत्री के आदेश को 223 दिन गुजर चुके हैं मगर कॉलेज प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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एसआईसी डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि लिफ्टें खराब होने का मामला संज्ञान है। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की फाइल चल रही है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द लिफ्ट चालू कराई जाए।