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मेडिकल कॉलेज: रोज हो ईको की जांच और इमरजेंसी में अल्ट्रासाउंड
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- नोडल अधिकारी डॉ. एलडी मिश्रा ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के लिए शासन द्वारा नोडल अधिकारी बनाए गए बीएचयू से सेवानिवृत्त डॉ. एलडी मिश्रा ने शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई कमियां मिलीं। उन्होंने कॉलेज में रोजाना ईको की जांच शुरू कराने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने शुक्रवार को सुबह 10:30 से दोपहर दो बजे तक मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि खून की जांच के लिए सैंपल देने के लिए इमरजेंसी से मरीज या उसका तीमारदार सेंट्रल पैथोलॉजी लैब जाता है। इमरजेंसी में कलेक्शन सेंटर खुलना चाहिए। इमरजेंसी में मरीज को एक घंटे के अंदर बेहतर इलाज मिले। चार ह्रदय रोग विशेषज्ञ होने के बावजूद रोजाना ईको की जांच न होने पर भी सवाल उठाया। कहा कि रोज वार्ड में ईको की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा इमरजेंसी में भी ईको और अल्ट्रासाउंड शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही यहां पर बेड की संख्या भी बढ़ाने के लिए कहा। फिर दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों, डॉक्टरों, एसआर, जेआर, नर्सिंग स्टाफ के साथ बैठक की। कहा कि मरीजों को हर संभव इलाज मिले। कोई भी मरीज बिना इलाज निराश होकर न लौटे। इस दौरान प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर, पैरामेडिकल कॉलेज निदेशक डॉ. अंशुल जैन, डॉ. ओमशंकर चौरसिया मौजूद रहे।
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झांसी। इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के लिए शासन द्वारा नोडल अधिकारी बनाए गए बीएचयू से सेवानिवृत्त डॉ. एलडी मिश्रा ने शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई कमियां मिलीं। उन्होंने कॉलेज में रोजाना ईको की जांच शुरू कराने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने शुक्रवार को सुबह 10:30 से दोपहर दो बजे तक मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि खून की जांच के लिए सैंपल देने के लिए इमरजेंसी से मरीज या उसका तीमारदार सेंट्रल पैथोलॉजी लैब जाता है। इमरजेंसी में कलेक्शन सेंटर खुलना चाहिए। इमरजेंसी में मरीज को एक घंटे के अंदर बेहतर इलाज मिले। चार ह्रदय रोग विशेषज्ञ होने के बावजूद रोजाना ईको की जांच न होने पर भी सवाल उठाया। कहा कि रोज वार्ड में ईको की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा इमरजेंसी में भी ईको और अल्ट्रासाउंड शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही यहां पर बेड की संख्या भी बढ़ाने के लिए कहा। फिर दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों, डॉक्टरों, एसआर, जेआर, नर्सिंग स्टाफ के साथ बैठक की। कहा कि मरीजों को हर संभव इलाज मिले। कोई भी मरीज बिना इलाज निराश होकर न लौटे। इस दौरान प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर, पैरामेडिकल कॉलेज निदेशक डॉ. अंशुल जैन, डॉ. ओमशंकर चौरसिया मौजूद रहे।
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