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Jhansi News: दो महीने में स्थिति नहीं सुधरी तो घट सकतीं एमबीबीएस की सीटें
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन के साथ बैठक में एनएमसी के अधिकारियों ने दिया वक्त
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों को लेकर नेशनल मेडिकल काउंसिल के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज न होने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद एनएमसी ने व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कॉलेज प्रशासन को दो महीने का वक्त दिया है। वरना एमबीबीएस की सीटें घट सकती हैं।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति कम दर्ज हो रही है। साथ ही कल्चरल जांचें भी कम हो रही हैं। इसको लेकर कॉलेज प्राचार्य को एनएमसी की तरफ से दो बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है। शुक्रवार को शुरू हुई बैठक में एनएमसी अधिकारियों के समक्ष कॉलेज प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने कहा कि 14 नई बायोमेट्रिक उपस्थिति मशीनें लगवा दी गई हैं। पुरानी मशीनें खराब होने के कारण चिकित्सा शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही थी। लगातार साक्षात्कार करके डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही हैं। प्राचार्य का पक्ष सुनने के बाद एनएमसी ने कहा कि अगर दो महीने के अंदर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की जाती हैं तो एमबीबीएस की सीटें घटा दी जाएंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों को लेकर नेशनल मेडिकल काउंसिल के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज न होने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद एनएमसी ने व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कॉलेज प्रशासन को दो महीने का वक्त दिया है। वरना एमबीबीएस की सीटें घट सकती हैं।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति कम दर्ज हो रही है। साथ ही कल्चरल जांचें भी कम हो रही हैं। इसको लेकर कॉलेज प्राचार्य को एनएमसी की तरफ से दो बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है। शुक्रवार को शुरू हुई बैठक में एनएमसी अधिकारियों के समक्ष कॉलेज प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने कहा कि 14 नई बायोमेट्रिक उपस्थिति मशीनें लगवा दी गई हैं। पुरानी मशीनें खराब होने के कारण चिकित्सा शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही थी। लगातार साक्षात्कार करके डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही हैं। प्राचार्य का पक्ष सुनने के बाद एनएमसी ने कहा कि अगर दो महीने के अंदर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की जाती हैं तो एमबीबीएस की सीटें घटा दी जाएंगी।
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