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माताटीला बांध का घटाया जा रहा जलस्तर, महानगर में हो सकता है जल संकट
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झांसी। सिंचाई विभाग माताटीला बांध पर जल्द ही पिचिंग मरम्मत का काम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए बांध का जलस्तर घटाया जा रहा है। जलनिगम ने झांसी महानगर, बबीना व आसपास क्षेत्रों को जलापूर्ति देने के लिए बांध पर पंपिंग कर कच्चा पानी लेना शुरू कर दिया है। ऐसे में जलसंकट गहराने का खतरा मंडराने लगा है। एक- दो फीट जलस्तर और गिरने पर संकट बढ़ जाएगा।
माताटीला बांध का जलस्तर 1012 फुट है। वर्तमान में सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की वजह से बांध में 996 फुट पानी रह गया है। सिंचाई के लिए सात हजार क्यूसेक पानी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। चूंकि, माताटीला बांध के जल भराव क्षेत्र के आसपास लगे पत्थरों की मिट्टी लहरों की टक्कर से कई जगह खिसक गई है। सिंचाई विभाग इस बार पिचिंग (मिट्टी व पानी में गिर गए पत्थरों को लगाने का काम) करने जा रहा है। इसके लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। यह काम 35 लाख की लागत से एक महीने में पूरा होगा। इस काम को पूरा करने के लिए बांध का जलस्तर 989 तक ले जाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में जलनिगम की परेशानी बढ़ गई है। जलनिगम को पेयजल आपूर्ति के लिए कच्चा पानी बांध पर पंप चलाकर लेना पड़ रहा है।
- माताटीला बांध पर पिचिंग का काम पूरा करने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। हर आठ से दस साल में यह काम करना पड़ता है। जल्द ही यह काम शुरू किया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि 992 फीट जलस्तर पर ही काम को पूरा कर लिया जाए। काम पूरा होने पर राजघाट बांध से पानी लेकर जलस्तर को बढ़ाया जाएगा।
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मोहम्मद फरीद, अधिशासी अभियंता माताटीला बांध।
- बांध का जलस्तर कम होने के कारण पंपिंग कर पानी लेना शुरू कर दिया गया है। अब अगर और नीचे जलस्तर होगा तो पानी की कमी पड़ सकती है। फिलहाल हर कोशिश की जा रही है कि पानी की समस्या न हो।
एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता जलनिगम।
यह भी जानिए
माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना, तालबेहट आदि आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति होती है। बबीना आने वाली 11 हजार करोड़ लीटर और 4.5 करोड़ लीटर क्षमता कच्चे पानी की पाइप लाइनों के सीपी टैंक माताटीला बांध पर बने हैं। सीपी टैंक (कॉन्सटेंट प्रेशर टैंक ) में पानी बांध के निचली सतह से लिया जाता है। बांध का जलस्तर 996 फीट पर पहुंचने पर जल निगम को पंपिंग कर कच्चा पानी लेना पड़ता है। जल निगम ने बांध पर अस्सी एचपी की तीन, पचहत्तर एचपी की दो व पचपन एचपी की दो मोटरें लगा रखी हैं। आठ -आठ घंटे के अंतराल पर इन मोटरों को चलाया जाता है।
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माताटीला बांध का जलस्तर 1012 फुट है। वर्तमान में सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की वजह से बांध में 996 फुट पानी रह गया है। सिंचाई के लिए सात हजार क्यूसेक पानी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। चूंकि, माताटीला बांध के जल भराव क्षेत्र के आसपास लगे पत्थरों की मिट्टी लहरों की टक्कर से कई जगह खिसक गई है। सिंचाई विभाग इस बार पिचिंग (मिट्टी व पानी में गिर गए पत्थरों को लगाने का काम) करने जा रहा है। इसके लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। यह काम 35 लाख की लागत से एक महीने में पूरा होगा। इस काम को पूरा करने के लिए बांध का जलस्तर 989 तक ले जाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में जलनिगम की परेशानी बढ़ गई है। जलनिगम को पेयजल आपूर्ति के लिए कच्चा पानी बांध पर पंप चलाकर लेना पड़ रहा है।
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- माताटीला बांध पर पिचिंग का काम पूरा करने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। हर आठ से दस साल में यह काम करना पड़ता है। जल्द ही यह काम शुरू किया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि 992 फीट जलस्तर पर ही काम को पूरा कर लिया जाए। काम पूरा होने पर राजघाट बांध से पानी लेकर जलस्तर को बढ़ाया जाएगा।
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मोहम्मद फरीद, अधिशासी अभियंता माताटीला बांध।
- बांध का जलस्तर कम होने के कारण पंपिंग कर पानी लेना शुरू कर दिया गया है। अब अगर और नीचे जलस्तर होगा तो पानी की कमी पड़ सकती है। फिलहाल हर कोशिश की जा रही है कि पानी की समस्या न हो।
एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता जलनिगम।
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माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना, तालबेहट आदि आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति होती है। बबीना आने वाली 11 हजार करोड़ लीटर और 4.5 करोड़ लीटर क्षमता कच्चे पानी की पाइप लाइनों के सीपी टैंक माताटीला बांध पर बने हैं। सीपी टैंक (कॉन्सटेंट प्रेशर टैंक ) में पानी बांध के निचली सतह से लिया जाता है। बांध का जलस्तर 996 फीट पर पहुंचने पर जल निगम को पंपिंग कर कच्चा पानी लेना पड़ता है। जल निगम ने बांध पर अस्सी एचपी की तीन, पचहत्तर एचपी की दो व पचपन एचपी की दो मोटरें लगा रखी हैं। आठ -आठ घंटे के अंतराल पर इन मोटरों को चलाया जाता है।