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मस्से के इलाज में लापरवाही घातक, गैंगरीन से लेकर कैंसर तक का खतरा

Fri, 12 Mar 2021 01:31 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Mar 2021 01:31 AM IST
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Masha treatment could be cancer
झांसी। मस्से के इलाज में लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। इस बीमारी का समय पर और सही इलाज नहीं कराने से गैंगरीन से लेकर कैंसर तक का खतरा हो सकता है। त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास इस तरह के कई केस भी सामने आ रहे हैं।
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शरीर पर तिल, मस्से होना आम बात है। ऐसे बहुत लोग हैं, जिन्हें शरीर पर कहीं न कहीं तिल या मस्से होते हैं लेकिन कई बार ये एक के बाद होने लगते हैं। धीरे-धीरे इनका आकार भी बढ़ने लगता है, जिससे सुंदरता बिगड़ सकती है। त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि मस्से भी संक्रामक रोग है, जो एक से दूसरे में फैलता जाता है। ऐसे में यह ज्यादातर मेंस या वुमेन पार्लर से स्त्री-पुरुषों में फैलता है। मेंस पार्लर में शेविंग के दौरान एक ही ब्रश अलग-अलग व्यक्तियों पर इस्तेमाल किया जाता है। किसी भी एक व्यक्ति के मस्से होते हैं तो वह दूसरे को भी हो जाते हैं। घर में बड़ों से बच्चों को भी मस्से होने का खतरा रहता है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने की वजह से लोग मस्सों को नजरअंदाज करते रहते हैं।
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धीरे-धीरे यह बढ़ते रहते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक जितना यह त्वचा के बाहर दिखाई देते हैं, उतने ही अंदर भी बढ़ते जाते हैं। कई लोग मस्सों पर घोड़े का बाल बंधवा लेते हैं। इससे खून का प्रवाह रुक जाता है। खून न मिलने की वजह से टिश्यू मरते जाते हैं। जहां-जहां रक्त नहीं पहुंच पाता है, उतनी त्वचा में गैंगरीन हो जाती है। इसे सर्जरी करके ठीक किया जाता है। वहीं, जननांग में लंबे समय तक मस्से बने रहने से कैंसर भी हो सकता है। कई ऐसे मामले त्वचा रोग विशेषज्ञों के सामने भी आ रहे हैं। ऐसे में मस्सों को कतई नजरअंदाज न करें।
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यह रखें ध्यान
- मस्सा होने पर घोड़े का बाल न बंधवाएं।
- चूने या फिर अगरबत्ती से नहीं जलवाएं।
- त्वचा रोग विशेषज्ञ से ही इलाज करवाएं।
- मस्से होने पर अपनी तौलिया आदि अलग रखें।
रोजाना तीन-चार केस मस्से निकलवाने के आ रहे हैं। इनमें कई केस तो मस्सा होने के कई साल बाद आने वाले होते हैं। लेजर से उपचार कर इन्हें सही कर दिया जाता है। वहीं, जननांग में कैंसर और गैंगरीन के मामले में महीने में दो-तीन आ रहे हैं। ऐसे में लोग मस्से को नजरअंदाज नहीं किया करें। शुरूआत में ही उपचार करा लेना ठीक होता है। - डॉ. प्रतीक शिवहरे, त्वचा रोग विशेषज्ञ।
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