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झांसी: आज से थम जाएंगे शादी ब्याह, आठ नवंबर के बाद से सुनने को मिलेंगी बैंड
Fri, 12 Jul 2019 05:18 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 05:18 AM IST
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शादी की धून अब आठ नवंबर के बाद सुनाई देंगी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : social media
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शुक्रवार को देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी। चातुर्मास शुरू होने से वैवाहिक और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। बैंड बाजों की धुनें अब आठ नवंबर देव प्रबोधिनी एकादशी के बाद से सुनने को मिलेंगी।
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धार्मिक मान्यता है कि देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु क्षीर सागर में आराम के लिए चले जाते हैं। ऐसे में सभी वैवाहिक और मांगलिक कार्य थम जाते हैं। क्योंकि इन सभी कार्यक्रमों में भगवान विष्णु की आराधना प्रमुख रूप से होती है। देवशयनी एकादशी के बाद चातुर्मास यानि वर्षाकाल शुरू हो जाता है, जो भगवान शिव की पूजा व अनुष्ठान का प्रमुख समय होता है।
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वहीं, चातुर्मास में अहिंसा धर्म के पालन करने के उद्देश्य से सभी साधू व संत एक जगह ठहरकर स्वाध्याय एवं प्रवचन तथा सत्संग करते हैं। चातुर्मास में जहां एक ओर मांगलिक व वैवाहिक कार्य थम जाएंगे, वहीं सनातन धर्म के छोटे बडे़ त्योहार धूमधाम से मनाए जाएंगे, जो गुरु पूर्णिमा के साथ शुरू होंगे। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार अब विवाह कार्यक्रम आठ नवंबर से देव उठावनी एकादशी से शुरू होंगे। इस दिन भगवान विष्णु का जागरण होता है।
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राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की
गुदरी स्थित शंकर सिंह का बगीचा में भगवान सहस्त्रबाहू मंदिर में भगवान शिव पार्वती का परिवार एवं राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की गई। वेद मंत्रों के बीच श्रद्धालुओं ने पंचामृत से दिव्य प्रतिमाओं का अभिषेक किया। श्रृंगार कर प्रसाद चढ़ाया और हवन में आहुतियां दीं। इसके बाद भंडारा हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर अजीत राय, ब्रजबिहारी राय, उर्मिला राय, महेश राय, राम प्यारी राय, श्वेता राय व मुरली राय आदि मौजूद रहे।