फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Mandal's government schools facing shortage of furniture

Jhansi News: फर्नीचर की कमी से जूझ रहे मंडल के सरकारी स्कूल

Fri, 02 Dec 2022 10:08 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Dec 2022 10:08 PM IST
विज्ञापन
Mandal's government schools facing shortage of furniture
झांसी। मंडल के तीनों जिलों के परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर की संतृप्ति नहीं हो पाई है। सर्दियोें के इस मौसम में भी 80 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में विद्यार्थी फर्श पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। शासन की प्राथमिकता में शामिल स्कूलों की कायाकल्प परियोजना के हाल अभी भी बेहाल ही हैं। वहीं दूसरी ओर बाउंड्रीवाल, पीने का पानी और विद्युतीकरण जैसे कार्य में स्कूलों की स्थिति पहले की तुलना में काफी सुधार दी गई है।
विज्ञापन

पंडित दीनदयाल सभागार में बेसिक शिक्षा परिषद की कायाकल्प और निपुण लक्ष्य की मंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। तीनों जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों ने अपने अपने जिले के कायाकल्प संबंधी प्रगति को साझा किया। जिसमें मंडल के तीनों जिले के स्कूल फर्नीचर में पिछड़े हुए हैं। झांसी के 1452 परिषदीय स्कूलों में से सिर्फ 434 स्कूलों में ही फर्नीचर है। जबकि जिला जालौन के 1510 स्कूलों में से 774 स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था है। वहीं ललितपुर के 1354 स्कूलों में से सिर्फ 202 स्कूलों में ही फर्नीचर की व्यवस्था है।
विज्ञापन

कार्यशाला में एडी बेसिक अरुण शुक्ला, जेडी संजय यादव, बीएसए नीलम यादव, डीआईओएस ओपी सिंह, तीनों जिलों के सीडीओ, बीडीओ, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, एआरपी, एसआरजी, सभी डीसी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूलों में ठहराव और शिक्षा गुणवत्ता पर हो जोर
राज्य परियोजना के गुणवत्ता सेल प्रभारी आनंद कुमार पांडेय ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्कूलों में प्रवेश तो हो रहे हैं, लेकिन अभी आवश्यकता है ठहराव की। स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन आएं और ज्यादा से ज्यादा सीख कर जाएं, ऐसा वातावरण पैदा किया जाए।
कायाकल्प के कार्यों की पोर्टल पर दर्ज हो सही स्थिति
कायाकल्प के वरिष्ठ विशेषज्ञ एस के तिवारी ने कहा कि अक्सर विभाग जिले को आगे दिखाने के लिए गलत जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर देते हैं। जिस कारण से स्कूलों का वास्तविक स्थिति अभी तक नहीं सुधर पा रही है। विभाग सही जानकारी अपलोड करें।
विद्युतीकरण के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन
मंडलायुक्त अरविंद जैन ने सभी एआरपी को बताया कि वे सभी शिक्षकों को सूचित कर दें कि यदि उनके स्कूलों में विद्युतीकरण नहीं है तो झटपट पोर्टल पर आवेदन करके विद्युतीकरण का एस्टीमेट मांगे। साथ ही शिक्षकों को निर्देशित किया कि सबसे पहले स्कूल की जमीन को स्कूल के नाम कराएं, ताकि उस पर कायाकल्प के कार्य आसानी से किए जा सकें।

एसएमसी की सहमति से कृषि फंड का प्रयोग
सीडीओ जुनैद अहमद ने बताया कि कृषि भूमि से अर्जित धनराशि को स्कूलों के कायाकल्प में इस्तेमाल करने का जियो अभी तक नहीं मिल पाया है। लेकिन एसएमसी समिति की सहमति से उस धनराशि का स्कूलों के कायाकल्प के कार्यों में प्रयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed