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दहेज हत्या में पति को दस, सास-ससुर को सात साल की जेल
Fri, 02 Aug 2019 07:05 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Abhishek Singh
Updated Fri, 02 Aug 2019 07:05 AM IST
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पति, सास और ससुर को हुई जेल
- फोटो : Social Media
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अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (डकैती/गैंगस्टर एक्ट) अजय पाल सिंह की अदालत ने दहेज हत्या में दोष सिद्ध होने पर सास व ससुर को सात-सात वर्ष, पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड, पति को दस वर्ष कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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थाना जखौरा के ग्राम धुरवारा निवासी दयाराम पुत्र जगन कोरी ने एक वर्ष पहले कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्री आरती की शादी 28 फरवरी 2017 को सर्वजातीय सम्मेलन में ग्राम करगन निवासी शंकर पुत्र हरीदास के साथ हुई थी। उसने हैसियत के अनुसार घर गृहस्थी का सामान दिया था। शादी के बाद से ससुरालीजन दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। इसकी शिकायत पुत्री ने उससे की थी। इस पर उसने ससुरालियों को काफी समझाया था। इसके बावजूद ससुरालीजन पुत्री का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करते रहे।
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चार मई 2018 को सुबह करीब आठ बजे ग्राम खड़ोवरा के कुछ लोगों ने फोन पर उसे सूचना दी कि पुत्री आरती को ससुरालीजनों ने फांसी पर लटका कर मार डाला है। इस पर सुबह दस बजे वह अपने पुत्र विनोद के साथ पुत्री की ससुराल ग्राम करगन पहुंचा तो देखा पुत्री फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी और शरीर पर चोटों के निशान थे।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने आरती के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने दयाराम की तहरीर के आधार पर पति शंकर, ससुर हरीदास, सास कुसुम, देवर व ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। विवेचना के उपरांत सास, ससुर और पति के खिलाफ न्यायालय में हत्या, उत्पीड़न एवं दहेज अधिनियम की धाराओं में आरोप पत्र प्रस्तुत किए, जबकि देवर और ननद के नाम जांच के दौरान हटा दिए थे, क्योंकि दोनों ललितपुर में रहकर पढ़ाई करते थे। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
गुरुवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए उक्त मामले में पति को दोषी पाते हुए दस वर्ष का कारावास, सास व ससुर को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर पति को तीन माह और सास, ससुर को दो-दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने की।