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मानक पूरे न होने पर भगवंतपुरा पशु वधशाला पर जड़ा ताला
Fri, 28 Dec 2018 02:04 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 28 Dec 2018 02:04 AM IST
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slaughter house
- फोटो : demo
नगर विधायक की शिकायत पर हुई जांच में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को भगवंतपुरा स्थित अलमर्जिया एग्रो फूड्स (पशु वधशाला) में ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) बंद पाया गया। इस पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पशु वधशाला के संचालन पर रोक लगा दी है। पशु वधशाला में ताला जड़ दिया गया है।
भगवंतपुरा में आधुनिक पशु वधशाला (स्लाटर हाउस) अलमर्जिया एग्रो फूड्स एक साल पहले शुरू हुआ था। इसकी क्षमता तीन सौ भैंसा प्रतिदिन काटने की है। वधशाला में पानी की जरूरत पड़ती है। स्लाटरिंग में पानी बहुत गंदा हो जाता है, इसलिए गंदे पानी का ट्रीटमेंट करना होता है। इसके लिए वधशाला में ईटीपी लगाया गया है। स्लाटर हाउस शुरू होने के बाद कंपनी मालिक ने प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी कि तीन सौ के स्थान पर पांच सौ पशुओं को काटने की अनुमति दी जाए, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
इसी दौरान विधायक रवि शर्मा ने वधशाला से प्रदूषण फैलने की शिकायत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से की थी। जुलाई में की गई इस शिकायत पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ और झांसी के अफसरों ने पिछले दिनों स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया, जहां पर ईटीपी बंद पाया गया। इस पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभाग प्रमुख एनके गुप्ता ने स्लाटर हाउस को बंद करने का निर्देश दिया है। इसके बाद स्लाटर हाउस बंद कर दिया गया है।
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भगवंतपुरा में आधुनिक पशु वधशाला (स्लाटर हाउस) अलमर्जिया एग्रो फूड्स एक साल पहले शुरू हुआ था। इसकी क्षमता तीन सौ भैंसा प्रतिदिन काटने की है। वधशाला में पानी की जरूरत पड़ती है। स्लाटरिंग में पानी बहुत गंदा हो जाता है, इसलिए गंदे पानी का ट्रीटमेंट करना होता है। इसके लिए वधशाला में ईटीपी लगाया गया है। स्लाटर हाउस शुरू होने के बाद कंपनी मालिक ने प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी कि तीन सौ के स्थान पर पांच सौ पशुओं को काटने की अनुमति दी जाए, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
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इसी दौरान विधायक रवि शर्मा ने वधशाला से प्रदूषण फैलने की शिकायत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से की थी। जुलाई में की गई इस शिकायत पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ और झांसी के अफसरों ने पिछले दिनों स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया, जहां पर ईटीपी बंद पाया गया। इस पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभाग प्रमुख एनके गुप्ता ने स्लाटर हाउस को बंद करने का निर्देश दिया है। इसके बाद स्लाटर हाउस बंद कर दिया गया है।
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