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बारिश का पानी इकट्ठा करेगा मेडिकल कॉलेज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jun 2016 01:10 AM IST
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medical collage, jhansi hindi news
- फोटो : demo
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज अब बारिश के पानी को इकट्ठा करेगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अब 80 पीजी हॉस्टल में ट्रिंच (गड्ढे) बनवाए जाएंगे। कॉलेज परिसर का भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह फैसला किया है।
मेडिकल कॉलेज के विपरीत पट्टी में जल स्तर बहुत घट गया है। इससे पानी की मारामारी बची हुई है। हाल यह है कि टैंकर मंगवाकर पानी की सप्लाई की जा रही है। मेडिकल कॉलेज वाली पट्टी की स्थिति बेहतर है। यहां का जलस्तर ठीक है, लेकिन लगातार घटता जा रहा है। स्थिति भयावह न हो जाए, इसलिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस वर्ष बारिश के पानी को इकट्ठा करने का फैसला किया है। अच्छी बारिश के संकेत मिलते ही मेडिकल कॉलेज में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रयास तेज भी कर दिए गए हैं। इसके लिए सबसे पहले 80 पीजी हॉस्टल को चिह्नित किया गया है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित कर लिए हैं। वहां पर ट्रिंच (गड्ढे) खुदवाए जाएंगे। गड्ढों के चारों ओर सीमेंट की दीवार बनाई जाएगी, जबकि धरातल पर मिट्टी होगी। जब बारिश होगी, तो मिट्टी के जरिए पानी जमीन में समा जाएगा। इससे जल स्तर बढ़ जाएगा। भविष्य में अन्य हॉस्टल, चिकित्सक, कर्मचारियों के आवासों में भी गड्ढे बनवाए जाएंगे।
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मेडिकल कॉलेज के विपरीत पट्टी में जल स्तर बहुत घट गया है। इससे पानी की मारामारी बची हुई है। हाल यह है कि टैंकर मंगवाकर पानी की सप्लाई की जा रही है। मेडिकल कॉलेज वाली पट्टी की स्थिति बेहतर है। यहां का जलस्तर ठीक है, लेकिन लगातार घटता जा रहा है। स्थिति भयावह न हो जाए, इसलिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस वर्ष बारिश के पानी को इकट्ठा करने का फैसला किया है। अच्छी बारिश के संकेत मिलते ही मेडिकल कॉलेज में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रयास तेज भी कर दिए गए हैं। इसके लिए सबसे पहले 80 पीजी हॉस्टल को चिह्नित किया गया है।
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित कर लिए हैं। वहां पर ट्रिंच (गड्ढे) खुदवाए जाएंगे। गड्ढों के चारों ओर सीमेंट की दीवार बनाई जाएगी, जबकि धरातल पर मिट्टी होगी। जब बारिश होगी, तो मिट्टी के जरिए पानी जमीन में समा जाएगा। इससे जल स्तर बढ़ जाएगा। भविष्य में अन्य हॉस्टल, चिकित्सक, कर्मचारियों के आवासों में भी गड्ढे बनवाए जाएंगे।
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