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Jhansi News: हाईवे पर मप्र के अन्ना पशु बने यातायात में बाधक

Mon, 26 Aug 2024 02:58 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Aug 2024 02:58 PM IST
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Madhya Pradesh's Anna cattle become hindrance to traffic on the highway
- समस्या का समाधान करने में जुटा स्थानीय प्रशासन
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मध्य प्रदेश के अन्ना पशु झांसी की सड़कों पर परेशानी का सबब बने हुए हैं। इसके अलावा फसलों को भी यह नुकसान पहुंचाते हैं। ग्रामीण इन्हें वापस मध्य प्रदेश भेज देते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद इनके झुंड फिर से जनपद की सीमाओं में दाखिल हो जाते हैं।
इसे लेकर स्थानीय प्रशासन ने मप्र के आसपास के जिलों के अधिकारियों से संपर्क भी किया गया है। बावजूद, समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जिले में 256 गो आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 48 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। पिछले साल के मुकाबले यह संख्या आठ हजार अधिक है। बावजूद, हाईवे पर गोवंश के झुंड नजर आ जाते हैं।
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खासतौर पर मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटे इलाकों में इनकी मौजूदगी ज्यादा नजर आती है। अक्सर यह गोवंश सड़क दुर्घटनाओं का भी कारण बनते हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। यहां तक कि स्थानीय प्रशासन की ओर से मध्य प्रदेश के दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़ और निवाड़ी जनपद के प्रशासन से पत्राचार भी किया गया है। बावजूद, मध्य प्रदेश से गोवंश की आमद पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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जिले में शत प्रतिशत अन्ना पशु संरक्षित हैं। समस्या मध्य प्रदेश से आने वाले पशुओं से बनी हुई है। वहां से यदि अंकुश लगा दिया जाए तो यहां एक भी अन्ना पशु सड़क पर नजर नहीं आएगा। - गौरीशंकर बिदुआ, संचालक- गो आश्रय स्थल लोहरगांव
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झांसी मध्य प्रदेश से घिरा हुआ है। मध्य प्रदेश के गांवों से अन्ना पशुओं को झांसी की ओर भेज दिया जाता है। यह पशु ही सड़कों पर डेरा डाले रहते हैं। बार-बार वापस भेजने के बाद वे फिर से आ जाते हैं। - अमित चिरवारिया, संचालक- गो आश्रय स्थल बबीना
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झांसी से सटे मध्य प्रदेश के जिलों से अन्ना पशु यहां आ जाते हैं। इस स्थिति पर अंकुश लगाने के लिए झांसी से सटे एमपी के जनपदों से पत्राचार किया गया है। एमपी से समन्वय स्थापित कर जल्द समाधान निकाला जाएगा। - वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)

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झांसी में 48 हजार गोवंशों को संरक्षित कर रखा गया है। मध्य प्रदेश से यहां आने वाले अन्ना पशु परेशानी खड़े किए हुए हैं। मध्य प्रदेश के अन्ना पशुओं की वजह से अव्यवस्था फैली हुई है। - अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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