मां पीतांबरा प्राकट्योत्सव: जयकारों से गूंजी दतिया, सीएम शिवराज बोले- पुरी और उज्जैन की तरह परंपरा बनेगी रथयात्रा
मां पीतांबरा के प्राकट्योत्सव पर रथयात्रा में भक्तों का सैलाब दिखा। रथयात्रा जगन्नाथ पुरी और महाकाल उज्जैन की तर्ज पर निकाली गई। शाम छह बजे स्वर्ण व चांदी से जड़ित रथ पर विराजमान मां पीतांबरा के चित्र का मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, सिद्धपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष व एमपी के गृहमंत्री ने पूजन किया।
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बुधवार को मां पीतांबरा के प्राकट्योत्सव पर दतिया सिद्धपीठ से शुरू हुई रथयात्रा में भक्तों का सैलाब दिखाई दे रहा था। रथयात्रा जगन्नाथ पुरी और महाकाल उज्जैन की तर्ज पर निकाली गई। रथयात्रा के दौरान पूरी दतिया पीतांबरा माता के जयकारों से गूंजती रही।
शाम छह बजे स्वर्ण व चांदी से जड़ित रथ पर विराजमान मां पीतांबरा के चित्र का मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सिद्धपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूजन किया। इसके साथ उन्होंने रथ खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। रथयात्रा में भक्तों की भीड़ पीतांबरा पीठ से लेकर शहर के बाजार की गलियों तक ठसा-ठस थी। नगरवासी छतों पर खड़े होकर पीतांबरा माता के रथ पर पुष्प वर्षा कर रहे थे। पूरी दतिया पीतांबरा माता के जयकारों से गूंज रही थी। यात्रा पीतांबरा मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न बाजारों से होकर किला चौक से स्टेडियम पहुंची, जहां पर सांस्कृतिक आयोजन चलते रहे। पास में ही भंडारे का भी आयोजन किया गया था।
रथयात्रा से पहले पीतांबरा मंदिर के सामने एक सभा का आयोजन किया गया। इसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि जगन्नाथ रथयात्रा किसने शुरू की, मुझे नहीं मालूम कि उज्जैन के महाकाल की रथयात्रा किसने शुरू की, पर आज स्वामी जी महाराज के आशीर्वाद से माई की स्थापना के 87 वर्ष बाद प्रारंभ की गई यह रथयात्रा एक परंपरा बन जाएगी। आगे भी यह सतत चलती रहेगी। उन्होंने सिद्ध पीठ में संचालित संस्कृत विद्यालय के बटुकों को छात्रवृत्ति देने के साथ ही सरकारी मंदिरों के पुजारियों का वेतन बढ़ाकर तीन से पांच हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने दतिया के लिए चार सौ करोड़ माडर्न ड्राइविंग स्कूल व पुलिस ट्रेनिंग सेंटर खोलने की भी घोषणा की।
अब मध्यप्रदेश के सरकार स्कूलों के पाठ्यक्रम में भगवान परशुराम की जीवनी पढ़ाई जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दतिया में रथयात्रा के दौरान आयोजित सभा में कही। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम मां पीतांबरा की तंत्र विद्या के प्रथम आचार्य थे।
मां पीतांबरा सिद्धपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष व राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि माई महाराज की कृपा और स्वामी जी के आशीर्वाद से 25 वर्ष के अंदर दतिया का स्वरूप ही बदल गया है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में मां पीतांबरा की कृपा से दतिया तीर्थ का स्वरूप लेगा।