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एमएड में मिलने वाला रजत पदक बदला
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पांच फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह के लिए तैयार पदक सूची पर तीन छात्र-छात्राओं ने आपत्तियां दर्ज कराईं। एक छात्र ने नाम में संशोधन कराया है तो छात्रा ने विषय में। जबकि, एक आपत्ति एमएड के टॉपर को मिलने वाले कुलाधिपति रजत पदक को लेकर आई है। आपत्ति दर्ज कराने वाली अतर्रा कॉलेज बांदा की छात्रा का नाम अब पदक के लिए शामिल कर लिया गया है।
दीक्षांत समारोह में पदक सूची तय होने के बाद एक सप्ताह तक आपत्ति दर्ज कराने का छात्र-छात्राओं को समय दिया गया था। इस बार की टॉपर का खिताब पाने वाली एमएससी कृषि की छात्रा दीपमाला जैन को समस्त परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत के लिए कुलाधिपति स्वर्ण दिया जाना है। दीक्षांत समारोह में एक स्वर्ण, 13 रजत और 19 कुलाधिपति कांस्य पदक मेधावियों को बांटे जाएंगे। सूची तैयार होने के बाद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट और कॉलेज लॉगइन पर अपलोड कर दी गई है।
निर्धारित समय सीमा तक तीन छात्र-छात्राओं ने अपनी आपत्ति परीक्षा नियंत्रक की ई-मेल exam@bujhansi.ac.in पर दर्ज कराईं। तीनों ही आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। बताया गया कि बीएएलएलबी की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक के लिए छात्र का नाम अविनाश की जगह अवनीश लिखा गया था, जिसे सुधार लिया गया। वहीं, स्वर्ण पदक पाने वाली छात्रा दीपमाला जैन का विषय एग्रोनॉमी की जगह एग्रोफॉरेस्ट्री लिया गया था। उसे भी ठीक कर लिया गया। इसके अलावा एमएड की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक पर अब अतर्रा कॉलेज बांदा की छात्रा अर्चना राजपूत को कुलाधिपति रजत पदक दिया जाएगा। छात्रा की आपत्ति के बाद प्रैक्टिकल के भी नंबर जोड़े गए, जिसके बाद वह एमएड में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत पाने वाली छात्रा हो गई।
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बता दें कि पहले एमएड में रजत पदक देने के लिए किसी और को शामिल किया गया था, लेकिन छात्रा द्वारा लगाई गई आपत्ति के बाद उसके प्रैक्टीकल के नंबर जोड़े गए और उसका नाम कुलाधिपति रजत पदक के लिए स्वीकृत कर दिया गया। कुल तीन आपत्तियां आई थीं, जिसमें तीनों का समाधान कर दिया गया है। पांच फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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दीक्षांत समारोह में पदक सूची तय होने के बाद एक सप्ताह तक आपत्ति दर्ज कराने का छात्र-छात्राओं को समय दिया गया था। इस बार की टॉपर का खिताब पाने वाली एमएससी कृषि की छात्रा दीपमाला जैन को समस्त परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत के लिए कुलाधिपति स्वर्ण दिया जाना है। दीक्षांत समारोह में एक स्वर्ण, 13 रजत और 19 कुलाधिपति कांस्य पदक मेधावियों को बांटे जाएंगे। सूची तैयार होने के बाद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट और कॉलेज लॉगइन पर अपलोड कर दी गई है।
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निर्धारित समय सीमा तक तीन छात्र-छात्राओं ने अपनी आपत्ति परीक्षा नियंत्रक की ई-मेल exam@bujhansi.ac.in पर दर्ज कराईं। तीनों ही आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। बताया गया कि बीएएलएलबी की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक के लिए छात्र का नाम अविनाश की जगह अवनीश लिखा गया था, जिसे सुधार लिया गया। वहीं, स्वर्ण पदक पाने वाली छात्रा दीपमाला जैन का विषय एग्रोनॉमी की जगह एग्रोफॉरेस्ट्री लिया गया था। उसे भी ठीक कर लिया गया। इसके अलावा एमएड की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक पर अब अतर्रा कॉलेज बांदा की छात्रा अर्चना राजपूत को कुलाधिपति रजत पदक दिया जाएगा। छात्रा की आपत्ति के बाद प्रैक्टिकल के भी नंबर जोड़े गए, जिसके बाद वह एमएड में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत पाने वाली छात्रा हो गई।
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बता दें कि पहले एमएड में रजत पदक देने के लिए किसी और को शामिल किया गया था, लेकिन छात्रा द्वारा लगाई गई आपत्ति के बाद उसके प्रैक्टीकल के नंबर जोड़े गए और उसका नाम कुलाधिपति रजत पदक के लिए स्वीकृत कर दिया गया। कुल तीन आपत्तियां आई थीं, जिसमें तीनों का समाधान कर दिया गया है। पांच फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।