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लो वोल्टेज: मध्यप्रदेश जाकर चार्ज करा रहे मोबाइल, पिसवा रहे गेहूं
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ललितपुर/बार। जिले के 36 गांवों के लोग गेहूं पसवाने और मोबाइल चार्ज कराने के लिए मध्यप्रदेश जा रहे हैं। डेढ़ महीने से गांवों में बिजली कटौती और लो वोल्टेज के चलते करीब 25 हजार की आबादी की मुश्किलें बढ़ रही हैं। घरों में लगे बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। लोग कई बार अफसरों को समस्या के बारे में बता भी चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हो सका।
दरअसल, बार क्षेत्र को 20 किमी दूर स्थित बांसी उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। बार और उससे जुड़े 36 गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए केवल एक ही लाइन है। जबकि पांच हजार के आसपास बिजली कनेक्शन हैं। ऐसे में लाइन पर लोड भी पड़ता है।
इसके चलते कभी तार टूट जाता है, तो कभी लो वोल्टेज आते हैं। आलम यह है कि लो वोल्टेज के चलते गांवों में केवल लोगों के घरों में लगे मीटर की ही लाइट जल पाती है। वहीं उजाले के लिए लोग दीपक जलाते हैं।
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लोग मोबाइल चार्ज करने और गेहूं पिसवाने के लिए मध्यप्रदेश के मोहनगढ़, मजरा इकबालपुरा जाते हैं। व्यापारी शाम को दुकानें जल्दी बंद कर देते हैं। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
इन गांवों में आ रही समस्या
कस्बा बार, ग्राम पुलवारा, धमना, बम्हौरी, खड़ेंत, बस्तगुवां, सेमराड़ांग, मथुरा डांग, लड़वारी, नीमखेड़ा, भैलोनी सूवा, रमपुरा, कठवर, जिजरवारा, धनगौल, चुनगी, भुजऊपुरा, बमनगुवां, माउल, भावनी, बछरावनी, पारौन, गैंदोरा, मोतीखेड़ा, दशरारा, बम्हौरी सहना, भैलोनी लोध, डुलावन, गदयाना, ठाठखेरा, टूड़ासर, बस्त्रावन, देवरान, करमई, संसुआ।
घरेलू कनेक्शन करीब चार हजार
नलकूप करीब 500
आटा चक्की करीब 30
बिजली आपूर्ति तीन से चार घंटे हो रही लेकिन ट्रिपिंग व लो वोल्टेज से सभी उपकरण शोपीस बन गए हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई समाधान नहीं करा रहे। - हेमेंद्र राजा, गांव धनगौल
गांव में आटा चक्की न चलने के कारण गेहूं की पिसाई के लिए पंद्रह किलोमीटर दूर एमपी के मोहनगढ़ या मजरा इकबालपुरा जाना पड़ रहा है। - अभिषेक परमार,गांव नीमखेड़ा
करीब डेढ़ माह से बिजली न आने के कारण घरेलू काम कुप्पी जलाकर करना पड़ रहा है। अधिकारी जल्द बिजली आपूर्ति सही करा दे तो अच्छा रहेगा। - ऊषा कुशवाहा, ग्रहणी
बिजली कनेक्शन होने के बाद भी लालटेन जलाकर काम करना पड़ता है। गांव की सड़क पर शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। अधिकारी बिजली जल्द सही कराएं। - नन्हीं दुलईया
बोले जिम्मेदार
बार क्षेत्र में किस कारण से लो वोल्टेज और कटौती की समस्या आ रही है। इसकी जानकारी लेकर जल्द विद्युत सप्लाई में सुधार कराएंगे। - विनय कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड
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दरअसल, बार क्षेत्र को 20 किमी दूर स्थित बांसी उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। बार और उससे जुड़े 36 गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए केवल एक ही लाइन है। जबकि पांच हजार के आसपास बिजली कनेक्शन हैं। ऐसे में लाइन पर लोड भी पड़ता है।
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इसके चलते कभी तार टूट जाता है, तो कभी लो वोल्टेज आते हैं। आलम यह है कि लो वोल्टेज के चलते गांवों में केवल लोगों के घरों में लगे मीटर की ही लाइट जल पाती है। वहीं उजाले के लिए लोग दीपक जलाते हैं।
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लोग मोबाइल चार्ज करने और गेहूं पिसवाने के लिए मध्यप्रदेश के मोहनगढ़, मजरा इकबालपुरा जाते हैं। व्यापारी शाम को दुकानें जल्दी बंद कर देते हैं। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
इन गांवों में आ रही समस्या
कस्बा बार, ग्राम पुलवारा, धमना, बम्हौरी, खड़ेंत, बस्तगुवां, सेमराड़ांग, मथुरा डांग, लड़वारी, नीमखेड़ा, भैलोनी सूवा, रमपुरा, कठवर, जिजरवारा, धनगौल, चुनगी, भुजऊपुरा, बमनगुवां, माउल, भावनी, बछरावनी, पारौन, गैंदोरा, मोतीखेड़ा, दशरारा, बम्हौरी सहना, भैलोनी लोध, डुलावन, गदयाना, ठाठखेरा, टूड़ासर, बस्त्रावन, देवरान, करमई, संसुआ।
घरेलू कनेक्शन करीब चार हजार
नलकूप करीब 500
आटा चक्की करीब 30
बिजली आपूर्ति तीन से चार घंटे हो रही लेकिन ट्रिपिंग व लो वोल्टेज से सभी उपकरण शोपीस बन गए हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई समाधान नहीं करा रहे। - हेमेंद्र राजा, गांव धनगौल
गांव में आटा चक्की न चलने के कारण गेहूं की पिसाई के लिए पंद्रह किलोमीटर दूर एमपी के मोहनगढ़ या मजरा इकबालपुरा जाना पड़ रहा है। - अभिषेक परमार,गांव नीमखेड़ा
करीब डेढ़ माह से बिजली न आने के कारण घरेलू काम कुप्पी जलाकर करना पड़ रहा है। अधिकारी जल्द बिजली आपूर्ति सही करा दे तो अच्छा रहेगा। - ऊषा कुशवाहा, ग्रहणी
बिजली कनेक्शन होने के बाद भी लालटेन जलाकर काम करना पड़ता है। गांव की सड़क पर शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। अधिकारी बिजली जल्द सही कराएं। - नन्हीं दुलईया
बोले जिम्मेदार
बार क्षेत्र में किस कारण से लो वोल्टेज और कटौती की समस्या आ रही है। इसकी जानकारी लेकर जल्द विद्युत सप्लाई में सुधार कराएंगे। - विनय कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड