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लॉकडाउन की आशंका से घबराए प्रवासी श्रमिक फिर लौटने लगे

Sat, 10 Apr 2021 02:19 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 02:19 AM IST
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lockdown ki aasanka se ghavray prvasi shirmik fir lotne lage
पंजाब मेल से मुंबई से झांसी लौटे मजदूर। अमर उजाला
लॉकडाउन की आशंका से घबराए प्रवासी श्रमिक फिर लौटने लगे
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झांसी। लॉकडाउन लागू होने की आशंका से घबराए प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला एक बार फिर से शुरू हो गया है। रेल और सड़क मार्ग से भारी संख्या में मजदूर वापस आ रहे हैं। मुंबई से आने वाली ट्रेनें प्रवासी श्रमिकों से भरकर चल रही हैं। इसके अलावा शिवपुरी रोड पर महाराष्ट्र के नंबरों की ऑटो व टैक्सी की आमद भी नजर आने लगी है। श्रमिकों का कहना है कि मुंबई में कोरोना के संक्रमण की वजह से उनका काम-धंधा छिन गया है। इसके अलावा उन्हें लॉकडाउन लागू होने की आशंका है, ऐसे में उन्हें अपने घर अपनों के बीच पहुंचना ही बेहतर लगा, जिससे वे लौट आए हैं।
पिछले साल लॉकडाउन के दरम्यान अचानक झांसी की सीमाओं पर लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर उमड़ पड़े थे। इनसे तमाम मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल सफर तय कर झांसी पहुंचे थे। पहले दतिया बॉर्डर पर कई दिनों तक दिल्ली, पंजाब व हरियाणा से आने वाले श्रमिकों की आमद बनी रही थी। उसके बाद शिवपुरी बॉर्डर पर मप्र, गुजरात व महाराष्ट्र से प्रवासी श्रमिक पहुंचने लगे थे। शिवपुरी रोड पर एक बार फिर से ये नजारा देखने को मिलने लगा है। महाराष्ट्र से आने वाले प्रवासी श्रमिक यहां नजर आने लगे हैं। हालांकि, इस बार ये पैदल नहीं आ रहे हैं, बल्कि महाराष्ट्र नंबर के ऑटो व टैक्सी से ये पहुंच रहे हैं। इसके अलावा मुंबई से आने वाले ट्रेनों के जरिये मजदूरों के लौटने का सिलसिला लगातार जारी है। ये श्रमिक झांसी पहुंचकर यहां से प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए रवाना होते हैं। ज्यादातर मजदूर लॉकडाउन लागू होने की आशंका से घबराकर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि कोरोनों की वजह से महाराष्ट्र में रोजगार रहा नहीं, ऐसे में उनके वहां रहने का कोई औचित्य भी नहीं है।
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खतरनाक हो सकता है बगैर जांच के गांव में आना
झांसी। पिछले साल दिल्ली, मुंबई व अन्य राज्यों से वापस अपने गांव लौटे प्रवासी मजदूरों को गांव में 14 दिन क्वारंटीन किया गया था, लेकिन अब ये व्यवस्था नहीं है। ये श्रमिक बेधड़क अपने गांव पहुंच रहे हैं। पंचायत चुनाव का सीजन चल रहा है। ऐसे में गांव-गांव में भीड़भाड़ वाले आयोजन हो रहे हैं, जिनका हिस्सा बाहर से लौैैैटे श्रमिक भी बन रहे हैं। वोट की खातिर प्रत्याशी भी इनका पूरा ख्याल रख गए हैं। ये स्थिति कोरोना वायरस के संक्रमण की दृष्टि से घातक साबित हो सकती है।
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जिले में लौटे थे 32 हजार प्रवासी श्रमिक
झांसी। पिछले साल लॉकडाउन लागू होने के बाद जिले में 32 हजार प्रवासी श्रमिक वापस आए थे। इनमें से ज्यादातर को मनरेगा के जरिये मजदूरी उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, इनमें से अधिकांश श्रमिक परिस्थितियां सामान्य होने के बाद वापस लौट गए थे।
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