{"_id":"60300df98ebc3ee94422cb06","slug":"light-poll-capture-manthan-jhansi-news-jhs188983529","type":"story","status":"publish","title_hn":"भागते मंथन को पकड़कर बिजली के पोल से बांध दिया था लोगों ने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भागते मंथन को पकड़कर बिजली के पोल से बांध दिया था लोगों ने
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झांसी। छात्रा कृतिका को गोली मारने के बाद भागे मंथन को छात्रा के पिता और पड़ोसी ने हिम्मत दिखाकर पकड़ लिया था। गुस्साए लोगों ने उसे पकड़कर सड़क किनारे खड़े बिजली के पोल से बांध दिया था। जमकर पिटाई भी की गई। बाद में पुलिस को बुलाकर उसके सुपुर्द कर दिया गया।
कॉलेज से निकलकर मंथन सीधे कृतिका के घर पहुुंचा। यहां कृतिका अपनी दादी के साथ कुर्सी पर बैठी थी। दादी कुछ समझ पातीं, तभी पिस्टल निकालकर कृतिका को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर पिता व पड़ोसी बाहर आ गए। लेकिन जब तक मंथन सड़क पर आ गया था। पिता व पड़ोसी ने हिम्मत दिखाकर पीछे से मंथन को पकड़ लिया। इस बीच उसने गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन लोगों के आने के बाद वह कामयाब नहंी हो सका। उसका आवेश देखकर लोगों ने रस्सी से उसे हाथ पैर बांधकर जमकर धुनाई की। मोहल्ले वालों ने पुलिस के आने तक उसे खूब पीटा। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने पिस्टल बरामद कर ली है। पुलिस की जांच में पिस्टल अवैध पाई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
निवाड़ी से खरीदी थी 32 बोर की पिस्टल
आरोपी से की गई पूछताछ में पता चला कि उसने निवाड़ी से 32 बोर की पिस्टल खरीदी थी। अब पुलिस पता लगा रही है कि किससे और कब आरोपी ने पिस्टल खरीदी। पुलिस को पिस्टल के साथ दो कारतूस भी मिले हैं। पुलिस कारतूस को लेकर भी छानबीन कर रही है।
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बीकेडी चौराहा पर तैनात होती पुलिस तो पकड़ा जाता आरोपी
- घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर खडे़ हुए सवाल, पिस्टल लेकर निकला, कहीं नहीं दिखी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। घटना के बाद बीकेडी चौराहा पर पुलिस फोर्स तैनात होता तो शायद आरोपी छात्रा को गोली मारने में कामयाब नहीं हो पाता। घटना के बाद भी मुख्य चौराहा पर पुलिस तैनात न होना कई सवाल खड़े करता है।
महानगर के मुख्य चौराहों में बीकेडी चौराहा शामिल है। चौराहा से चंद कदम की दूरी पर डीएम का आवास, विकास भवन कार्यालय व अन्य कार्यालय बने हुए हैं। ऐसे में चौराहा पर चौबीस घंटे पुलिस तैनात रहती है। शुक्रवार को बीकेडी चौराहा पर पुलिस फोर्स तैनात नहीं था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से घटना को अंजाम देकर भाग निकला। वह पैदल हाथ में पिस्टल लेकर कृतिका के घर पहुंचा। बीकेडी में गोली मारने की सूचना मिलने के बाद पुलिस अलर्ट होकर उसकी तलाश छानबीन में जुट गई थी। लेकिन, उसका पता तक पुलिस नहीं लगा पा रही थी। इसी बीच घर पहुंचकर कृतिका को गोली मार दी। यदि लोग उसे नहीं पकड़ते तो वह फिर से घटना को अंजाम दे सकता था।
एक बार और देख लो मेरी बेटी को
हादसे की खबर पाकर कृतिका के पिता भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे। यहां उपचार से पहले ही चिकित्सकों ने कृतिका को मृत घोषित कर दिया था। बेटी को खून से लथपथ हालत में देखकर पिता घबरा गए। बार-बार चिकित्सकों से एक बार देख लेने की विनती करते, लेकिन मौके पर मौजूद चिकित्सक उनको बार-बार समझाते रहेे। मौके पर एसएसपी ने भी उनको कई बार समझाया।
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कॉलेज से निकलकर मंथन सीधे कृतिका के घर पहुुंचा। यहां कृतिका अपनी दादी के साथ कुर्सी पर बैठी थी। दादी कुछ समझ पातीं, तभी पिस्टल निकालकर कृतिका को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर पिता व पड़ोसी बाहर आ गए। लेकिन जब तक मंथन सड़क पर आ गया था। पिता व पड़ोसी ने हिम्मत दिखाकर पीछे से मंथन को पकड़ लिया। इस बीच उसने गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन लोगों के आने के बाद वह कामयाब नहंी हो सका। उसका आवेश देखकर लोगों ने रस्सी से उसे हाथ पैर बांधकर जमकर धुनाई की। मोहल्ले वालों ने पुलिस के आने तक उसे खूब पीटा। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने पिस्टल बरामद कर ली है। पुलिस की जांच में पिस्टल अवैध पाई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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निवाड़ी से खरीदी थी 32 बोर की पिस्टल
आरोपी से की गई पूछताछ में पता चला कि उसने निवाड़ी से 32 बोर की पिस्टल खरीदी थी। अब पुलिस पता लगा रही है कि किससे और कब आरोपी ने पिस्टल खरीदी। पुलिस को पिस्टल के साथ दो कारतूस भी मिले हैं। पुलिस कारतूस को लेकर भी छानबीन कर रही है।
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बीकेडी चौराहा पर तैनात होती पुलिस तो पकड़ा जाता आरोपी
- घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर खडे़ हुए सवाल, पिस्टल लेकर निकला, कहीं नहीं दिखी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। घटना के बाद बीकेडी चौराहा पर पुलिस फोर्स तैनात होता तो शायद आरोपी छात्रा को गोली मारने में कामयाब नहीं हो पाता। घटना के बाद भी मुख्य चौराहा पर पुलिस तैनात न होना कई सवाल खड़े करता है।
महानगर के मुख्य चौराहों में बीकेडी चौराहा शामिल है। चौराहा से चंद कदम की दूरी पर डीएम का आवास, विकास भवन कार्यालय व अन्य कार्यालय बने हुए हैं। ऐसे में चौराहा पर चौबीस घंटे पुलिस तैनात रहती है। शुक्रवार को बीकेडी चौराहा पर पुलिस फोर्स तैनात नहीं था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से घटना को अंजाम देकर भाग निकला। वह पैदल हाथ में पिस्टल लेकर कृतिका के घर पहुंचा। बीकेडी में गोली मारने की सूचना मिलने के बाद पुलिस अलर्ट होकर उसकी तलाश छानबीन में जुट गई थी। लेकिन, उसका पता तक पुलिस नहीं लगा पा रही थी। इसी बीच घर पहुंचकर कृतिका को गोली मार दी। यदि लोग उसे नहीं पकड़ते तो वह फिर से घटना को अंजाम दे सकता था।
एक बार और देख लो मेरी बेटी को
हादसे की खबर पाकर कृतिका के पिता भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे। यहां उपचार से पहले ही चिकित्सकों ने कृतिका को मृत घोषित कर दिया था। बेटी को खून से लथपथ हालत में देखकर पिता घबरा गए। बार-बार चिकित्सकों से एक बार देख लेने की विनती करते, लेकिन मौके पर मौजूद चिकित्सक उनको बार-बार समझाते रहेे। मौके पर एसएसपी ने भी उनको कई बार समझाया।