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बिजली की मांग घटी
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झांसी। लॉकडाउन के दौरान वाणिज्यिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बंद होने से बिजली की मांग 25 प्रतिशत तक घट गई है। इससे ट्रांसफार्मर ओवरलोड नहीं हो रहे हैं। परिणामस्वरूप बढ़ती गर्मी के बाद भी सुचारु रुप से बिजली मिल रही है। मुख्यालय ने शहर में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली देने के आदेश दे रखे हैं।
लॉकडाउन के दौरान लोग घर पर हैं। लोग सोने (नींद) के अलावा अपना अधिकांश वक्त टीवी देखकर, कंप्यूटर पर काम करके और बिजली से जुड़े अन्य उपकरण चलाकर गुजार रहे हैं। गर्मी शुरू होने से पंखे भी चलने लगे हैं। मगर, इसके बाद भी शहर में पिछले एक हफ्ते से बिजली की मांग 25 प्रतिशत तक घट गई है। यही हाल जनपद के अन्य कस्बों व ललितपुर जिले का है। दरअसल, महानगर में 1.14 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 15 हजार कनेक्शन वाणिज्यिक है। लॉक डाउन में वाणिज्यिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों बंद चल रहे हैं। इस कारण बिजली की मांग नहीं बढ़ पा रही है, जिससे विभाग को सुचारु रूप से बिजली देने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है।
बिजली आपूर्ति की ये है व्यवस्था
अभी बुंदेलखंड के शहरी क्षेत्रों को 24 और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली देने का रोस्टर चल रहा है। महानगर में हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन पर लगे उच्च क्षमता 40 एमवीए (मेगावाट) के दो और 63 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर से जेल चौराहा, हाइडिल, रानीमहल, मुन्नालाल, पुलिया नंबर नौ, प्रेमनगर, नंदनपुरा, खालसा सीपरी बाजार, गल्ला मंडी, बिजौली, ग्रोथ सेंटर, भेल और बरुआसागर को बिजली दी जा रही है। मेडिकल, पंचवटी उन्नाव गेट, गल्लामंडी और सूतीमिल सबस्टेशन को बड़ागांव स्थित दुनारा ट्रांसमिशन सबस्टेशन से बिजली दी जा रही है। भीषण गर्मी में भी हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन पर 120 मेगावाट की मांग है और दुनारा पर 40 मेगावाट की मांग चलती है।
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ये आया अंतर
सबस्टेशन का नाम सामान्य दिनों में इन दिनों
हंसारी (झांसी) 100 मेगावाट 75 से 80 मेगावाट
दुनारा (बड़ागांव) 40 मेगावाट 30 से 35 मेगावाट
मोंठ 40 मेगावाट 30 से 35 मेगावाट
गुरसराय 40 मेगावाट 30 से 35 मेगावाट
मऊरानीपुर 52 मेगावाट 43 से 47 मेगावाट
ललितपुर 53 मेगावाट 43 से 45 मेगावाट
- लॉक डाउन के दौरान महानगर में 25 फीसदी तक बिजली की मांग कम हो गई है। ओवरलोडिंग की कोई समस्या नहीं है। सब कुछ ठीक चल रहा है।
- विनोद जायसवाल, अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन)।
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लॉकडाउन के दौरान लोग घर पर हैं। लोग सोने (नींद) के अलावा अपना अधिकांश वक्त टीवी देखकर, कंप्यूटर पर काम करके और बिजली से जुड़े अन्य उपकरण चलाकर गुजार रहे हैं। गर्मी शुरू होने से पंखे भी चलने लगे हैं। मगर, इसके बाद भी शहर में पिछले एक हफ्ते से बिजली की मांग 25 प्रतिशत तक घट गई है। यही हाल जनपद के अन्य कस्बों व ललितपुर जिले का है। दरअसल, महानगर में 1.14 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 15 हजार कनेक्शन वाणिज्यिक है। लॉक डाउन में वाणिज्यिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों बंद चल रहे हैं। इस कारण बिजली की मांग नहीं बढ़ पा रही है, जिससे विभाग को सुचारु रूप से बिजली देने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है।
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बिजली आपूर्ति की ये है व्यवस्था
अभी बुंदेलखंड के शहरी क्षेत्रों को 24 और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली देने का रोस्टर चल रहा है। महानगर में हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन पर लगे उच्च क्षमता 40 एमवीए (मेगावाट) के दो और 63 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर से जेल चौराहा, हाइडिल, रानीमहल, मुन्नालाल, पुलिया नंबर नौ, प्रेमनगर, नंदनपुरा, खालसा सीपरी बाजार, गल्ला मंडी, बिजौली, ग्रोथ सेंटर, भेल और बरुआसागर को बिजली दी जा रही है। मेडिकल, पंचवटी उन्नाव गेट, गल्लामंडी और सूतीमिल सबस्टेशन को बड़ागांव स्थित दुनारा ट्रांसमिशन सबस्टेशन से बिजली दी जा रही है। भीषण गर्मी में भी हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन पर 120 मेगावाट की मांग है और दुनारा पर 40 मेगावाट की मांग चलती है।
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सबस्टेशन का नाम सामान्य दिनों में इन दिनों
हंसारी (झांसी) 100 मेगावाट 75 से 80 मेगावाट
दुनारा (बड़ागांव) 40 मेगावाट 30 से 35 मेगावाट
मोंठ 40 मेगावाट 30 से 35 मेगावाट
गुरसराय 40 मेगावाट 30 से 35 मेगावाट
मऊरानीपुर 52 मेगावाट 43 से 47 मेगावाट
ललितपुर 53 मेगावाट 43 से 45 मेगावाट
- लॉक डाउन के दौरान महानगर में 25 फीसदी तक बिजली की मांग कम हो गई है। ओवरलोडिंग की कोई समस्या नहीं है। सब कुछ ठीक चल रहा है।
- विनोद जायसवाल, अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन)।