फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Light department all matter solve to light department

बिजली को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी, सभी विवादित मामलों को सुलझा रहा विभाग

Thu, 27 Aug 2020 12:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 12:30 AM IST
विज्ञापन
Light department all matter solve to light department
झांसी। बिजली विभाग कानपुर, आगरा की तरह झांसी की आपूर्ति व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है। यही कारण है कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक ने सभी विवादित कनेक्शनों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कंपनी को उपभोक्ताओं का साफ सुधरा रिकार्ड दिया जा सके। इस कार्य के लिए 30 अगस्त तक का वक्त दिया गया है।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन कई प्रयासों के बाद भी बिजली का घाटा कम नहीं कर पा रहा है। इसमें एक कारण बिजली चोरी भी है। विभाग पिछले 17 साल में अलग- अलग तरह के तीन तरह के मीटर बदल चुका है। पुराने नंगे तारों की जगह एबीसी बंच कंडक्टर अधिकांश क्षेत्रों में डाल दिए गए हैं, लेकिन घाटा कम नहीं हो रहा है। इसमें सबसे अधिक राजस्व ही हानि ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग अब निजीकरण की तरफ बढ़ रहा है। सबसे पहले ऐसे महानगरों की बिजली आपूर्ति निजी हाथों में देने की तैयारी है, जहां बिजली चोरी कम और राजस्व भरपूर मिलता है। अभी आगरा और कानपुर शहर की बिजली निजी हाथों में है। महानगरों की आपूर्ति व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने के बाद जो यहां पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी होंगे उनको ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया जाएगा। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी रोककर राजस्व को बढ़ाया जा सका।
विज्ञापन

विभाग की इसी तैयारी की तहत दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक ने झांसी महानगर के अधिकारियों को विवादित कनेक्शनों की सुलझाने के लिए कहा है। महानगर के खंड एक में 492 व खंड दो में 978 ऐसे मामलों में जिनके बिल या तो आरडीएफ (रीडिंग डिफेक्टिव मीटर) या सीडीएफ (सीलिंग डिफेक्टिव मीटर) में आ रहे हैं। खराब मीटर बदले जा रहे हैं। अन्य खामियों को भी ठीक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रबंध निदेशक के निर्देश पर सभी विवादित मामलों को सुलझाया जा रहा है। ताकि लंबित चल रहे ऐसे मामलों से भी राजस्व मिलने लगे। डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता (प्रथम)।

महानगर मेें 1.14 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण खंड प्रथम व द्वितीय में बांटा गया है। प्रथम खंड के अंतर्गत जेल चौराहा, रानीमहल, हाइडिल, मुन्नालाल, पुलिया नंबर नौ, सूतीमिल और सीपरी बाजार सबस्टेशन आते हैं। खंड दो से खातीबाबा, प्रेमनगर, गल्लामंडी, न्यू गल्लामंडी, पंचवटी उनाव गेट, मेडिकल, हंसारी, बिजौली, ग्रोथ सेंटर जुड़े हैं। महानगर में हर महीने 36 करोड़ रुपये की बिजली उपभोक्ता जलाते हैं। जबकि राजस्व 33 से 34 करोड़ प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed