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इंतजार में बीत रही जिंदगानी, बच्चे और बुजुर्ग सब भर रहे पानी
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झांसी। बच्चे-बड़े और बुजुर्ग भीषण गर्मी में पानी के संकट से जूझ रहे हैं लेकिन इसके बाद भी स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है। जिससे करीब पांच लाख की जनता प्रभावित है। बच्चे ही नहीं महिलाएं और बुजुर्ग भी पानी के लिए दिन-रात जूझ रहे।
शहर के बाहर ओरछा गेट स्थित सुगंधपुरी का बाग क्षेत्र में रहने वाले पांच हजार लोग सुबह से रात तक पानी के लिए जद्दोजहद करते हैं। बच्चे अपनी पढ़ाई छोड़कर पानी के लिए सुबह से ही जुटते हैं, जिस वजह से वह स्कूल नहीं जा पाते हैं। वहीं, महिलाएं घर का काम छोड़कर हैंडपंप और टैंकरों पर पानी भरने के लिए लग जाते हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यहां दो दिन में एक ही बार पानी आता है जिस वजह से एक दिन के लिए पानी को खरीदकर पीना पड़ता है।
यहीं आलम झांसी के करगुवां जी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, वकील कॉलोनी, राजपूत कालोनी, वीरांगना नगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवटगंज, डडियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गड़ियागांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, सीपरी बाजार क्षेत्र के मसीहागंज, नईबस्ती समेत कई छोटी कॉलोनियों का है।
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इधर, महानगर में छह लाख की आबादी है, जिनमें से चार लाख लोगों तक जल संस्थान की पाइपलाइन पहुंची है। ऐसे में गर्मियों में तो हालात बेहद खराब हो जाते हैं। जलस्तर नीचे जाने से पानी नहीं निकलता। ऐसे में लोगों के पास जल संस्थान के टैंकरों से मुहैया कराए जाने के अलावा पानी के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है।
जलसंस्थान ने गर्मियों को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। टैंकर और टंकियों के माध्यम से पानी की सप्लाई कराई जाएगी। इसके साथ ही कंट्रोल रूम के माध्यम से किल्लत को दूर किया जाएगा। - आरएस सिंह बादलीवाल, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान।
पेयजल महायोजना का काम पूरा होने में अभी समय है लेकिन महानगर दो जोन में बंटा है। लगभग-लगभग काम पूरा हो चुका है। जिससे किल्लत वाले क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की जा रही है। - रोहित चौरसिया, परियोजना प्रबंधक, जलनिगम
आंकड़ों में शहर
--------------
कुल आबादी- छह लाख
वार्ड की संख्या- 60
इतने हैं मकान 1.30 लाख
घरेलू जल कनेक्शन- 57000
हैंडपंपों की संख्या- 3221
यह है पानी की आवश्यकता
78.82 एमएलडी पानी की है आवश्यकता
65.47 एमएलडी पानी की हो रही आपूर्ति
13.04 एमएलडी पानी की है कमी
आपूर्ति के साधन
टंकियों की कुल संख्या-13
नल- कूपों की संख्या- 29
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शहर के बाहर ओरछा गेट स्थित सुगंधपुरी का बाग क्षेत्र में रहने वाले पांच हजार लोग सुबह से रात तक पानी के लिए जद्दोजहद करते हैं। बच्चे अपनी पढ़ाई छोड़कर पानी के लिए सुबह से ही जुटते हैं, जिस वजह से वह स्कूल नहीं जा पाते हैं। वहीं, महिलाएं घर का काम छोड़कर हैंडपंप और टैंकरों पर पानी भरने के लिए लग जाते हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यहां दो दिन में एक ही बार पानी आता है जिस वजह से एक दिन के लिए पानी को खरीदकर पीना पड़ता है।
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यहीं आलम झांसी के करगुवां जी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, वकील कॉलोनी, राजपूत कालोनी, वीरांगना नगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवटगंज, डडियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गड़ियागांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, सीपरी बाजार क्षेत्र के मसीहागंज, नईबस्ती समेत कई छोटी कॉलोनियों का है।
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इधर, महानगर में छह लाख की आबादी है, जिनमें से चार लाख लोगों तक जल संस्थान की पाइपलाइन पहुंची है। ऐसे में गर्मियों में तो हालात बेहद खराब हो जाते हैं। जलस्तर नीचे जाने से पानी नहीं निकलता। ऐसे में लोगों के पास जल संस्थान के टैंकरों से मुहैया कराए जाने के अलावा पानी के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है।
जलसंस्थान ने गर्मियों को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। टैंकर और टंकियों के माध्यम से पानी की सप्लाई कराई जाएगी। इसके साथ ही कंट्रोल रूम के माध्यम से किल्लत को दूर किया जाएगा। - आरएस सिंह बादलीवाल, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान।
पेयजल महायोजना का काम पूरा होने में अभी समय है लेकिन महानगर दो जोन में बंटा है। लगभग-लगभग काम पूरा हो चुका है। जिससे किल्लत वाले क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की जा रही है। - रोहित चौरसिया, परियोजना प्रबंधक, जलनिगम
आंकड़ों में शहर
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कुल आबादी- छह लाख
वार्ड की संख्या- 60
इतने हैं मकान 1.30 लाख
घरेलू जल कनेक्शन- 57000
हैंडपंपों की संख्या- 3221
यह है पानी की आवश्यकता
78.82 एमएलडी पानी की है आवश्यकता
65.47 एमएलडी पानी की हो रही आपूर्ति
13.04 एमएलडी पानी की है कमी
आपूर्ति के साधन
टंकियों की कुल संख्या-13
नल- कूपों की संख्या- 29