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भ्रष्टाचार के आरोपों से क्षुब्ध लेखपाल ने खाया जहर

Sun, 27 Jun 2021 01:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jun 2021 01:00 AM IST
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lekhpal ate poison due to corruption charge
भ्रष्टाचार के आरोपों से क्षुब्ध लेखपाल ने खाया जहर
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मोंठ। भ्रष्टाचार के आरोपों से क्षुब्ध होकर मोंठ तहसील के लेखपाल धीरज अहिरवार ने शनिवार को जहर खाकर जान देने की कोशिश की। अचेत अवस्था में उसे अस्पताल भेजा गया। वहां पर उसका इलाज चल रहा है। ग्राम बुढावली के लेखपाल पर गांव की एक महिला ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देने पर उन्होंने एसडीएम को जांच करवाने का निर्देश दिया था। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को जांच करने का निर्देश दिया था। तहसीलदार ने दोनों के बयान भी ले लिए हैं। बयान देने के दौरान महिला एवं उसके पुत्र ने लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर दबाव बनाने की भी कोशिश की। लेखपाल का कहना है कि उसने किसी भी व्यक्ति से कोई रिश्वत की मांग नहीं की थी। उसको अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उसकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है जिससे उसे मानसिक आघात पहुँचा है। लेखपाल का कहना था कि इस तरह के आरोप लगाना बहुत छोटी बात है ।लेखपाल ने आरोप लगाने वाली महिला और उसके पुत्र के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे लेखपाल बहुत दुखी हो गया और उसने जहर खा लिया। लेखपाल धीरज अहिरवार ने बताया कि महिला का पुत्र शिकायत के एक दिन पहले उसके पास आया और करीब दो दर्जन से अधिक गॉव वाले के 61 ख कुल भूमि प्रमाण पत्र के प्रपत्र बनाने के लिए अनुचित दबाव बनाने लगा। उसने इतनी बड़ी संख्या में प्रपत्र बनाने से मना किया तो वह विवाद करने लगा जिसकी शिकायत लेखपाल ने तहसीलदार ओर पुलिस से करते हुए महिला के पुत्र के खिलाफ करवाई करने की मांग की थी। इसके एक दिन बाद वह अपनी माँ को लेकर आया और एसडीएम को एक शिकायत पत्र देते हुए महिला ने बताया कि गांव में उसकी पट्टे वाली जमीन है जिस पर लोग अवैध अतिक्रमण किए हुए हैं। उसे खाली कराया जाए। लेखपाल का कहना है कि मौके पर उक्त जमीन पर करीब 30 साल पुरानी आबादी बसी है। कई मकान बने हैं और उस जमीन का एक मुकदमा उपजिलाधिकारी मोंठ के न्यायालय में भी चल रहा है। ऐसी स्थिति में उस जमीन की पैमाइश अथवा नाप नहीं की जा सकती है। इसके लिए महिला अनैतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी। जब उसने उसने नाप करने से मना कर दिया और वैधानिक कार्यवाही के अनुसार पैमाइश कराने की बात कही तो महिला और उसका नाराज हो गए। अनावश्यक रूप से मानसिक प्रताड़ित करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप जड़ दिया । लेखपाल का कहना है कि इसके पहले भी जो लेखपाल थे उनके खिलाफ भी इस महिला ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया था और इतना ही नहीं पुलिस के खिलाफ भी है रिश्वत लेकर काम करने का आरोप लगाया था।
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तहसीलदार डॉ. लालकृष्ण ने बताया कि महिला के शिकायती पत्र की जांच की जा रही है। महिला और उसके पुत्र के बयान वीडियो रिकॉर्डिंग से दर्ज कराए जा रहे थे। इसको लेकर जांच से असंतुष्ट होकर महिला और उसका पुत्र विना बयान दिए चला गया और जिलाधिकारी के सामने पहुँच कर तमाम आरोप लगाते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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