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चार महीने में 93 आंगनबाड़ी केंद्रों की सेहत सुधारेंगे नेता और अधिकारी

Mon, 05 Sep 2022 12:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2022 12:00 AM IST
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Leaders and officials will improve the health of 93 Anganwadi centers in four months
झांसी। जनपद में 13 हजार से भी ज्यादा बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। शासन ने नेताओं और अफसरों को आंगनबाड़ी केंद्र गोद लेकर कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने का लक्ष्य दिया है। झांसी में नेताओं, अफसरों ने अब तक 93 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद ले लिया है। छह महीने में आंगनबाड़ियों की सेहत सुधारने का जिम्मा है। हालांकि अब चार-पांच महीने का समय है। ऐसे में कुपोषित बच्चों के आंकड़ों में क्या सुधार होता है। यह देखने वाली बात है।
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झांसी समेत बुंदेलखंड में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। कुपोषण का शिकार बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। पिछले चार सालों के आंकड़ों को देखें तो कुपोषण का ग्राफ धीरे-धीरे कम जरूर हुआ है। इसके बावजूद जिले में जुलाई 2022 तक 10103 बच्चे कुपोषित और 3329 अति कुपोषित हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सात महीने से तीन साल तक बच्चों को खाद्यान्न वितरित किया जाता है। ताकि, बच्चों की सेहत सुधर सके। मौजूदा समय में हर महीने केंद्र पर एक किलो गेहूं का दलिया, एक किलो चने की दाल, आधा लीटर खाद्य तेल, एक किलो चावल आदि वितरित हो रहा है।
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ऐसे में शासन ने जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अफसरों को आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेकर आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। मौजूदा समय में जनपद के चारों विधायकों, डीएम, सीडीओ, सीएमओ, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला कृषि अधिकारी, डीडीओ, डीपीआरओ, बीएसए, डीआईओएस, डीएसओ समेत 27 अफसरों ने तीन-तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। छह माह में 93 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की सेहत सुधारने का जिम्मा इन पर है। चूंकि, किसी को एक तो किसी को दो महीने गोद लिए हुए हैं। ऐसे में चार-पांच महीने में इन बच्चों की कितने सेहत सुधार पाती है, ये देखने वाली बात होगी।
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ये है आंकड़े
वर्ष कुपोषित अतिकुपोषित कुल
2019 12078 2607 14685
2020 16140 5498 21638
2021 13238 3472 16710
2022 10968 3485 14453
2022 (जुलाई) 10103 3329 13432
जिले में कुपोषित बच्चों के आंकड़े सुधर रहे हैं। इसके लिए कई विभाग मिलकर सामूहिक प्रयास कर रहे हैं। पोषण जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं। कृमि मुक्ति दिवस पर साल में दो बार एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जा रही है। ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर टीकाकरण के साथ स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं। नेताओं, अफसरों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र गोद लेने से स्थिति और बेहतर होगी। - नरेंद्र सिंह, डीपीओ।
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