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किट बताएगी शरीर में एंटीबॉडी हैं या नहीं
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यह किट बाजार में 350 रुपये में उपलब्ध होगी।
किट बताएगी शरीर में एंटीबॉडी हैं या नहीं
झांसी। कोरोना के दौर में एंटीबॉडी को लेकर हल्ला मचा हुआ है। हर कोई अपने शरीर में एंटीबॉडी के बारे में जानना चाहता है। अब शरीर में एंटीबॉडी बनी है नहीं, इसकी जांच मिनटों में हो सकेगी। इसके लिए बाजार में किट आ गई है। 350 रुपये में मिल रही इस किट में रक्त की दो बूंद किट में डालते ही पांच मिनट में रिपोर्ट मिल जाएगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमित होने वाले व्यक्ति में 28 दिन बाद एंटीबॉडी बन जाती है। इसे सॉर्स कोविड आईजीजी एंटीबॉडी कहते हैं। हालांकि, बिना लक्षण वाले कई कोविड मरीजों में एंटीबॉडी नहीं बनती है। प्लाज्मा दान करने के दौरान कई ऐसे मामलों की पुष्टि भी हुई है। वहीं, जिनको वैक्सीन लग चुकी होती है, उनमें स्पाइक एंटीबॉडी बनती है। प्लाज्मा थेरेपी बंद होने से पहले तक प्लाज्मा दान करने आने वाले लोगों की एंटीबॉडी की जांच मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क होती थी। मगर प्लाज्मा थेरेपी पर आईसीएमआर की तरफ से रोक लगने के बाद यहां एंटीबॉडी की जांच बंद हो गई। ऐसे में लोगों को निजी लैबों पर डेढ़ हजार रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। मगर अब लोग घर बैठे लोग एंटीबॉडी पता कर सकते हैं। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव नितिन मोदी ने बताया कि 350 रुपये में एंटीबॉडी जांचने वाली किट बाजार में उपलब्ध है। इसमें रक्त की दो बूंद डालते ही एंटीबॉडी बनी है या नहीं, पता चल जाता है। काफी लोग ये किट ले जाकर घरों में एंटीबॉडी की जांच कर रहे हैं।
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झांसी। कोरोना के दौर में एंटीबॉडी को लेकर हल्ला मचा हुआ है। हर कोई अपने शरीर में एंटीबॉडी के बारे में जानना चाहता है। अब शरीर में एंटीबॉडी बनी है नहीं, इसकी जांच मिनटों में हो सकेगी। इसके लिए बाजार में किट आ गई है। 350 रुपये में मिल रही इस किट में रक्त की दो बूंद किट में डालते ही पांच मिनट में रिपोर्ट मिल जाएगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमित होने वाले व्यक्ति में 28 दिन बाद एंटीबॉडी बन जाती है। इसे सॉर्स कोविड आईजीजी एंटीबॉडी कहते हैं। हालांकि, बिना लक्षण वाले कई कोविड मरीजों में एंटीबॉडी नहीं बनती है। प्लाज्मा दान करने के दौरान कई ऐसे मामलों की पुष्टि भी हुई है। वहीं, जिनको वैक्सीन लग चुकी होती है, उनमें स्पाइक एंटीबॉडी बनती है। प्लाज्मा थेरेपी बंद होने से पहले तक प्लाज्मा दान करने आने वाले लोगों की एंटीबॉडी की जांच मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क होती थी। मगर प्लाज्मा थेरेपी पर आईसीएमआर की तरफ से रोक लगने के बाद यहां एंटीबॉडी की जांच बंद हो गई। ऐसे में लोगों को निजी लैबों पर डेढ़ हजार रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। मगर अब लोग घर बैठे लोग एंटीबॉडी पता कर सकते हैं। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव नितिन मोदी ने बताया कि 350 रुपये में एंटीबॉडी जांचने वाली किट बाजार में उपलब्ध है। इसमें रक्त की दो बूंद डालते ही एंटीबॉडी बनी है या नहीं, पता चल जाता है। काफी लोग ये किट ले जाकर घरों में एंटीबॉडी की जांच कर रहे हैं।
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