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मोबाइल से दूरी बनाएं, अखबार और किताबों पर निर्भरता बढ़ाएं
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झांसी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (आठ मार्च) के उपलक्ष्य में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों व साइबर क्राइम के एक्सपर्ट ने छात्राओं को मोबाइल से दूरी बनाने व अखबार और किताबों पर निर्भरता बढ़ाने की सलाह दी। इस दौरान बालिकाओं को साइबर क्राइम से बचने के उपाय भी बताए गए।
आर्यकन्या महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मोबाइल का उपयोग ज्ञान हासिल करने तक सीमित रखना बेहतर होगा। इस दौर में किताब और अखबार से दोस्ती बेहतर भविष्य की बुनियाद रखती है। आप लोग रोज अखबार पढ़ेंगे तो हमेशा अपटेड रहेंगे। समाचार पत्र लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं। लिहाजा अखबार को पढ़ना भी आदत में डालना होगा। उन्होंने कहा कि लोग अपनी हर गतिविधि को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, ये स्थिति अक्सर घातक साबित होती है। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर सिंह ने कहा कि छात्राएं फेसबुक, व्हाट्सएप की प्रोफाइल पर अपनी फोटो कतई नहीं लगाएं। इसके अलावा अपनी व्यक्तिगत जानकारियां भी सोशल मीडिया पर साझा न करें। साथ ही उन्होंने कहा कि घर के बच्चों की मोबाइल एक्टिविटी भी लगातार देखते रहना जरूरी है। साइबर एक्सपर्ट अबुल हसन ने कहा कि फेसबुक पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती कतई न करें। अपनी प्रोफाइल को हमेशा लॉक रखें। इस दौरान साइबर थाने की उप निरीक्षक सल्या व सोनाली ने भी जानकारियां दीं। बाद में सभी के प्रति आभार कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महाविद्यालय की प्राचार्य डा. अलका नायक ने जताया। इस मौके पर डा. नीता शांडिल्य, डा. कल्पना निरंजन, डा. कविता अग्निहोत्री, डा. मोनिका त्रिपाठी, डा. अपर्णा चौबे, रागिनी, डा. निधि अवस्थी, सपना अरोड़ा आदि मौजूद रहीं। संचालन डा. दीपमाला दुबे ने किया।
यह दी गईं जानकारियां
- छात्राएं व्हाट्सएप, फेसबुक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारियां शेयर न करें।
- अनजान लोगों को दोस्त न बनाएं।
- किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर तत्काल सूचना पुलिस को दें।
- मोबाइल का उपयोग ज्ञान अर्जित करने तक सीमित रखें।
- ज्यादा एप डाउनलोड न करें।
- बच्चों के मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखें।
- छात्राएं अपने साथ मिर्च स्प्रे रखें, सेल्फ डिफेंस भी सीखें।
- आकस्मिक स्थिति में 112, 1090 व 1093 हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।
मोबाइल वैसे तो बड़े काम की चीज है, लेकिन असावधानी की वजह से ये घातक साबित हो सकता है। कार्यशाला में इसकी जानकारी हुई। अब सावधानी बरती जाएगी।
- सोनाली
अपनी लोकेशन व गतिविधियों को सोशल मीडिया पर साझा करना अक्सर भारी पड़ जाता है। मोबाइल का सभी उपयोग कर रहे हैं। सभी को अनजाने खतरों के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए।
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- नेहा गुप्ता
मोबाइल जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई का सहारा मोबाइल ही रहा। इसे रखना तो बंद नहीं कर सकते, लेकिन सावधानी बरतकर समस्याओं से जरूर बच सकते हैं।
- दिव्या पुरोहित
कार्यशाला में बताए गए आकस्मिक सेवाओं के नंबर जगह-जगह सार्वजनिक किए जाने चाहिए। इतना ही नहीं, साइबर क्राइम से बचाव के उपायों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
- दिव्यांशी त्रिपाठी
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आर्यकन्या महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मोबाइल का उपयोग ज्ञान हासिल करने तक सीमित रखना बेहतर होगा। इस दौर में किताब और अखबार से दोस्ती बेहतर भविष्य की बुनियाद रखती है। आप लोग रोज अखबार पढ़ेंगे तो हमेशा अपटेड रहेंगे। समाचार पत्र लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं। लिहाजा अखबार को पढ़ना भी आदत में डालना होगा। उन्होंने कहा कि लोग अपनी हर गतिविधि को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, ये स्थिति अक्सर घातक साबित होती है। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर सिंह ने कहा कि छात्राएं फेसबुक, व्हाट्सएप की प्रोफाइल पर अपनी फोटो कतई नहीं लगाएं। इसके अलावा अपनी व्यक्तिगत जानकारियां भी सोशल मीडिया पर साझा न करें। साथ ही उन्होंने कहा कि घर के बच्चों की मोबाइल एक्टिविटी भी लगातार देखते रहना जरूरी है। साइबर एक्सपर्ट अबुल हसन ने कहा कि फेसबुक पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती कतई न करें। अपनी प्रोफाइल को हमेशा लॉक रखें। इस दौरान साइबर थाने की उप निरीक्षक सल्या व सोनाली ने भी जानकारियां दीं। बाद में सभी के प्रति आभार कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महाविद्यालय की प्राचार्य डा. अलका नायक ने जताया। इस मौके पर डा. नीता शांडिल्य, डा. कल्पना निरंजन, डा. कविता अग्निहोत्री, डा. मोनिका त्रिपाठी, डा. अपर्णा चौबे, रागिनी, डा. निधि अवस्थी, सपना अरोड़ा आदि मौजूद रहीं। संचालन डा. दीपमाला दुबे ने किया।
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यह दी गईं जानकारियां
- छात्राएं व्हाट्सएप, फेसबुक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारियां शेयर न करें।
- अनजान लोगों को दोस्त न बनाएं।
- किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर तत्काल सूचना पुलिस को दें।
- मोबाइल का उपयोग ज्ञान अर्जित करने तक सीमित रखें।
- ज्यादा एप डाउनलोड न करें।
- बच्चों के मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखें।
- छात्राएं अपने साथ मिर्च स्प्रे रखें, सेल्फ डिफेंस भी सीखें।
- आकस्मिक स्थिति में 112, 1090 व 1093 हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।
मोबाइल वैसे तो बड़े काम की चीज है, लेकिन असावधानी की वजह से ये घातक साबित हो सकता है। कार्यशाला में इसकी जानकारी हुई। अब सावधानी बरती जाएगी।
- सोनाली
अपनी लोकेशन व गतिविधियों को सोशल मीडिया पर साझा करना अक्सर भारी पड़ जाता है। मोबाइल का सभी उपयोग कर रहे हैं। सभी को अनजाने खतरों के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए।
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- नेहा गुप्ता
मोबाइल जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई का सहारा मोबाइल ही रहा। इसे रखना तो बंद नहीं कर सकते, लेकिन सावधानी बरतकर समस्याओं से जरूर बच सकते हैं।
- दिव्या पुरोहित
कार्यशाला में बताए गए आकस्मिक सेवाओं के नंबर जगह-जगह सार्वजनिक किए जाने चाहिए। इतना ही नहीं, साइबर क्राइम से बचाव के उपायों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
- दिव्यांशी त्रिपाठी