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‘कर्मचारी चार्टर’ का नहीं हो रहा पालन

Thu, 04 Apr 2019 07:45 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: vivek shukla Updated Thu, 04 Apr 2019 07:45 AM IST
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karmchari chartr ka nhi ho rha palan
train, jhansi news - फोटो : demo
कर्मचारियों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए रेलवे में कर्मचारी चार्टर लागू है लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। कर्मचारी चार्टर के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति 90 दिन में देने का प्रावधान है मगर हकीकत में इससे कहीं अधिक समय लग जाता है।
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इसी तरह अनुकंपा नियुक्ति के वह मामले जिनमें मुख्यालय का अनुमोदन की जरूरत है, उनमें 60 दिन मंडल और 30 दिन मुख्यालय स्तर कार्य के लिए लगने चाहिए। कर्मचारी से लिखित या विभिन्न पोर्टल जैसे सिंगल विंडो सेल, सीपीग्राम, निवारण आदि से एमएसीपी, वेतन निर्धारण, वरीयता, पदोन्नति जैसे मामलों के प्रार्थना को 30 कार्य दिवसों में निस्तारण होना चाहिए।
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इतना ही नहीं रेलवे कर्मचारी को अगर कोई समस्या है तो वह उसी दिन सीधा मंडल रेल प्रबंधक से मिलकर अपनी बात रख सकता है। बशर्ते डीआरएम को अपने चैंबर में होना चाहिए। अगर वह उपलब्ध नहीं है तो कर्मचारी अपर मंडल रेल प्रबंधक से बात कर सकता है। ऐसे ही कई नियम रेलवे बोर्ड द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं को निपटाने के लिए जारी ‘कर्मचारी चार्टर’ में उपलब्ध हैं। मगर कर्मचारी चार्टर का पालन वक्त पर नहीं हो पा रहा है।
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 इससे कई कर्मचारी मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर रहते हैं। खासकर मंडल के दूर दराज स्टेशनों पर काम करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा मुसीबत झेलनी पड़ती है। मालूम हो कि रेल मंडल में 158 रेलवे स्टेशनों पर करीब 17 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। इसी तरह, वैगन और कोच मरम्मत कारखाने में पांच हजार कर्मचारी तैनात हैं।
इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अगर किसी मामले में कोई दिक्कत हो, तभी देरी हो सकती है। अन्यथा सभी प्रकार के आवेदनों का निस्तारण कर्मचारी चार्टर के हिसाब से ही किया जा रहा है।


यह भी हैं नियम
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- एक दिन में सुविधा पास व पीटीओ जारी होना चाहिए।
- भविष्य निधि खाते का विवरण उसी दिन जारी करना चाहिए।
- साल में एक बार सेवा पुस्तिका का अवलोकन कराना चाहिए।
- एक दिन में अवकाश के आवेदनों का निपटारा होना चाहिए।
- साल में एक बार वरीयता सूचना जारी होना चाहिए।
- पारस्परिक एवं स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र पर 15 दिन में निस्तारित हो जाना चाहिए।
- रेलवे भर्ती बोर्ड से चयनित अभ्यर्थियों को 30 दिन के अंदर बुलावा पत्र और पैनल को सत्यापन करना चाहिए।
- विभिन्न प्रकार के ऋणों की स्वीकृति व भुगतान सात कार्य दिवसों व प्रशासनिक स्वीकृति अगले माह के वेतन में होना चाहिए।
- भविष्य निधि निकासी सात कार्य दिवसों में प्रशासनिक स्वीकृति और सात दिन में भुगतान होना चाहिए।  
- उच्च शिक्षा, संपत्ति संव्यवहार, पासपोर्ट, प्रति नियुक्ति के मामलों में अनापत्ति प्रमाण पत्र 14 दिन में जारी होना चाहिए, जिनमें विजिलेंस क्लीरेंस जरूरी हैं, ऐसे मामलों का 30 दिन में निस्तारण होना चाहिए।
- जहां पांच से अधिक महिला कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां महिला शौचालय तथा चेंजिंग रूम की व्यवस्था होना चाहिए।
- चिह्नित व नामित कार्यालयों में शुद्ध पेयजल, पंखे व कूलर की व्यवस्था होना चाहिए।

 
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