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‘कान्हा’ के ‘उपवन’ में रहेंगे आवारा पशु
ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2016 12:03 AM IST
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झांसी। आवारा जानवर अब ज्यादा दिनों तक महानगर की खुली सड़क पर आजादी से विचरण नहीं कर सकेंगे। इन पर रोकथाम लगाने के लिए लहर गिर्द में कान्हा उपवन के नाम से आधुनिक कांजी हाउस बनाया जाएगा। छुट्टा घूमने वाले जानवरों को यहां रखकर पशुपालन किया जाएगा।
महानगर की किसी भी सड़क पर चले जाएं, आवारा पशु आपको छुट्टा घूमते मिल जाएंगे। पशुओं द्वारा बीच सड़क पर डेरा डालकर बैठने से आवागमन प्रभावित होता है। इन पर रोक लगाने की मांग आए दिन नगर निगम, तहसील दिवस व वरिष्ठ अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर लोगों द्वारा की जाती रही है।
लेकिन, पशुओं को पकड़कर रखने का व्यवस्थित स्थान न होने के कारण नगर निगम कार्रवाई नहीं कर पाता है। इस परिस्थिति से बचने के लिए नगर निगम अब एक व्यवस्थित स्थान तैयार करेगा।
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कान्हा उपवन के नाम से लहर गिर्द में 2.5 एकड़ में एक आधुनिक कांजी हाउस तैयार किया जाएगा। कान्हा उपवन की चारों ओर से बाउंड्रीवाल तैयार कराकर पशुओं को बांधने के लिए प्लेटफार्म बनाकर शेड लगाए जाएंगे। यहां पशुओं के लिए चारे, पानी के प्रबंध के साथ उपचार की भी पूरी व्यवस्था रहेगी।
उपवन का स्वरूप देने के लिए यहां घास व पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। नगर निगम इसके लिए 2.31 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसका स्टीमेट बन गया है। शीघ्र ही टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
ग्रीन बेल्ट की जमीन का हो रहा उपयोग
नगर निगम जिस स्थान पर कान्हा उपवन बना रहा है, वह ग्रीन बेल्ट की जमीन है। यहां अन्य कोई निर्माण कार्य हो नहीं सकता है, ऐसे में इस जमीन को बचाने के लिए कान्हा उपवन बेहतर विकल्प साबित होगा।
स्मार्ट सिटी में आए थे सर्वाधिक सुझाव
स्मार्ट सिटी मिशन योजना के लिए लोगों से सुझाव मांगे गए थे। महानगर के करीब पांच हजार लोगों ने ऑनलाइन व मैनुअल सुझाव नगर निगम को दिए थे। करीब 95 प्रतिशत सुझावों में लोगों ने आवारा पशुओं के विचरण पर रोक लगाने की मांग की थी।
छुट्टा जानवर शहर की बड़ी व प्रमुख समस्या है। इसके समाधान के लिए काफी दिनों से मंथन चल रहा था। कान्हा उपवन की योजना शहर को आवारा जानवरों के विचरण से मुक्ति दिलाएगी।
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त।
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महानगर की किसी भी सड़क पर चले जाएं, आवारा पशु आपको छुट्टा घूमते मिल जाएंगे। पशुओं द्वारा बीच सड़क पर डेरा डालकर बैठने से आवागमन प्रभावित होता है। इन पर रोक लगाने की मांग आए दिन नगर निगम, तहसील दिवस व वरिष्ठ अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर लोगों द्वारा की जाती रही है।
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लेकिन, पशुओं को पकड़कर रखने का व्यवस्थित स्थान न होने के कारण नगर निगम कार्रवाई नहीं कर पाता है। इस परिस्थिति से बचने के लिए नगर निगम अब एक व्यवस्थित स्थान तैयार करेगा।
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कान्हा उपवन के नाम से लहर गिर्द में 2.5 एकड़ में एक आधुनिक कांजी हाउस तैयार किया जाएगा। कान्हा उपवन की चारों ओर से बाउंड्रीवाल तैयार कराकर पशुओं को बांधने के लिए प्लेटफार्म बनाकर शेड लगाए जाएंगे। यहां पशुओं के लिए चारे, पानी के प्रबंध के साथ उपचार की भी पूरी व्यवस्था रहेगी।
उपवन का स्वरूप देने के लिए यहां घास व पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। नगर निगम इसके लिए 2.31 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसका स्टीमेट बन गया है। शीघ्र ही टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
ग्रीन बेल्ट की जमीन का हो रहा उपयोग
नगर निगम जिस स्थान पर कान्हा उपवन बना रहा है, वह ग्रीन बेल्ट की जमीन है। यहां अन्य कोई निर्माण कार्य हो नहीं सकता है, ऐसे में इस जमीन को बचाने के लिए कान्हा उपवन बेहतर विकल्प साबित होगा।
स्मार्ट सिटी में आए थे सर्वाधिक सुझाव
स्मार्ट सिटी मिशन योजना के लिए लोगों से सुझाव मांगे गए थे। महानगर के करीब पांच हजार लोगों ने ऑनलाइन व मैनुअल सुझाव नगर निगम को दिए थे। करीब 95 प्रतिशत सुझावों में लोगों ने आवारा पशुओं के विचरण पर रोक लगाने की मांग की थी।
छुट्टा जानवर शहर की बड़ी व प्रमुख समस्या है। इसके समाधान के लिए काफी दिनों से मंथन चल रहा था। कान्हा उपवन की योजना शहर को आवारा जानवरों के विचरण से मुक्ति दिलाएगी।
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त।