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कैसे बुलाएं मेहमान, परेशान हो रहे मेजबान
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कोरोना के केस बढ़ने से शादी में मेहमानों को बुलाने के लिए मेजबान परेशान हो रहे है।
- फोटो : ???? ????
कैसे बुलाएं मेहमान, परेशान हो रहे मेजबान
झांसी। कोरोना वायरस ने एक बार फिर से सहालग सीजन के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। 24 अप्रैल से शुरू हो रहे सहालगों को लेकर घरों में तैयारियां चल रही हैं। आयोजकों (मेजबानों) कार्ड छपवाकर बांट भी दिए हैं। वहीं, अब सरकार ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में बंद परिसर में मेहमानों की संख्या 100 और खुले में 200 तक सीमित कर दी है। ऐसे में आयोजक परेशान हैं कि मेहमानों को कैसे बुलाया जाए। इसके साथ ही शादियों को लेकर किए गए इंतजामों को भी कम किया जा रहा है।
पिछले साल लॉकडाउन के बाद नवंबर में हुई शादियों में मेहमानों की संख्या सीमित कर दी गई थी। इस दौरान कम मेहमान बुलाने को लेकर सरकार ने निर्देश जारी किए थे। इसके चलते कई लोगों ने शादियां टाल दी थीं। इस साल फरवरी में कोई मुहुर्त नहीं रहा। अब 24 अप्रैल से सहालग सीजन फिर शुरू हो रहा है। जिन घरों में शादियां हैं, उनमें तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेहमानों को न्योता भेज दिया गया है। वहीं, सरकार के नए निर्देशों ने मेजबानों की दिक्कत बढ़ा दी है। उधर, विवाह घर संचालक भी संख्या सीमित होने के बाद परेशान हैं। कई विवाहघर संचालकों ने बुकिंग के दौरान एडवांस भी ले लिया है। संख्या सीमित होने के बाद कई लोग बुकिंग निरस्त कराने पहुंच रहे हैं। ऐसे में विवाह घर संचालकों के आगे आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है।
केस एक
सीपरी बाजार निवासी अभिषेक की शादी 24 अप्रैल को है। इसके लिए उन्होंने विवाहघर की बुकिंग करने के साथ कार्ड भी बांट दिए हैं। अब तक मेहमानों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं थी, तो उन्होंने करीब 300 कार्ड वितरित किए हैं। लेकिन अब संख्या सीमित होने से दिक्कत बढ़ गई है।
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केस दो
ग्वालियर मार्ग निवासी दीपांशु की शादी दो मई को होनी है। उन्होंने शादी को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्ड तक छप चुके हैं। आयोजन को लेकर विवाह घर और हलवाई को बुक कर दिया है। अब संख्या सीमित होने से परेशानी खड़ी हो रही है। उनको चिंता यह भी है कि कहीं फिर से अनुमति की व्यवस्था शुरू न कर दी जाए।
वर्जन
शादियों में कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन कराया जाएगा। पहले 50 लोगों की ही अनुमति मिलती थी, लेकिन अब सरकार ने संख्या बढ़ाई है। वैसे भी इस साल सहालगों में काफी नुकसान हो चुका है। सरकार से मांग करेंगे कि शादियों में काम करने वाले स्टाफ को संख्या से अलग गिना जाए। विवेक दत्त स्वामी, अध्यक्ष बुंदेलखंड विवाहघर एसोसिएशन
पिछले साल की शादियों की बुकिंग में कई लोगों का एडवांस वापस करना पड़ गया था। इस बार भी कोरोना की बढ़ती रफ्तार से परेशान बढ़ रही है। पूरा व्यवसाय चौपट हो रहा है। लोग अब बुकिंग के मेनू कम करवा रहे हैं। संख्या कम होने से लागत भी नहीं निकल रही है। बल्ले सोनी, कैटर्स
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झांसी। कोरोना वायरस ने एक बार फिर से सहालग सीजन के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। 24 अप्रैल से शुरू हो रहे सहालगों को लेकर घरों में तैयारियां चल रही हैं। आयोजकों (मेजबानों) कार्ड छपवाकर बांट भी दिए हैं। वहीं, अब सरकार ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में बंद परिसर में मेहमानों की संख्या 100 और खुले में 200 तक सीमित कर दी है। ऐसे में आयोजक परेशान हैं कि मेहमानों को कैसे बुलाया जाए। इसके साथ ही शादियों को लेकर किए गए इंतजामों को भी कम किया जा रहा है।
पिछले साल लॉकडाउन के बाद नवंबर में हुई शादियों में मेहमानों की संख्या सीमित कर दी गई थी। इस दौरान कम मेहमान बुलाने को लेकर सरकार ने निर्देश जारी किए थे। इसके चलते कई लोगों ने शादियां टाल दी थीं। इस साल फरवरी में कोई मुहुर्त नहीं रहा। अब 24 अप्रैल से सहालग सीजन फिर शुरू हो रहा है। जिन घरों में शादियां हैं, उनमें तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेहमानों को न्योता भेज दिया गया है। वहीं, सरकार के नए निर्देशों ने मेजबानों की दिक्कत बढ़ा दी है। उधर, विवाह घर संचालक भी संख्या सीमित होने के बाद परेशान हैं। कई विवाहघर संचालकों ने बुकिंग के दौरान एडवांस भी ले लिया है। संख्या सीमित होने के बाद कई लोग बुकिंग निरस्त कराने पहुंच रहे हैं। ऐसे में विवाह घर संचालकों के आगे आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है।
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केस एक
सीपरी बाजार निवासी अभिषेक की शादी 24 अप्रैल को है। इसके लिए उन्होंने विवाहघर की बुकिंग करने के साथ कार्ड भी बांट दिए हैं। अब तक मेहमानों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं थी, तो उन्होंने करीब 300 कार्ड वितरित किए हैं। लेकिन अब संख्या सीमित होने से दिक्कत बढ़ गई है।
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केस दो
ग्वालियर मार्ग निवासी दीपांशु की शादी दो मई को होनी है। उन्होंने शादी को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्ड तक छप चुके हैं। आयोजन को लेकर विवाह घर और हलवाई को बुक कर दिया है। अब संख्या सीमित होने से परेशानी खड़ी हो रही है। उनको चिंता यह भी है कि कहीं फिर से अनुमति की व्यवस्था शुरू न कर दी जाए।
वर्जन
शादियों में कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन कराया जाएगा। पहले 50 लोगों की ही अनुमति मिलती थी, लेकिन अब सरकार ने संख्या बढ़ाई है। वैसे भी इस साल सहालगों में काफी नुकसान हो चुका है। सरकार से मांग करेंगे कि शादियों में काम करने वाले स्टाफ को संख्या से अलग गिना जाए। विवेक दत्त स्वामी, अध्यक्ष बुंदेलखंड विवाहघर एसोसिएशन
पिछले साल की शादियों की बुकिंग में कई लोगों का एडवांस वापस करना पड़ गया था। इस बार भी कोरोना की बढ़ती रफ्तार से परेशान बढ़ रही है। पूरा व्यवसाय चौपट हो रहा है। लोग अब बुकिंग के मेनू कम करवा रहे हैं। संख्या कम होने से लागत भी नहीं निकल रही है। बल्ले सोनी, कैटर्स