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Jhansi News: झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक दोहरीकरण के लिए अभी दो साल कीजिए इंतजार
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम अब वर्ष 2026 तक पूरा होगा। अभी यह काम अगले साल तक पूरा हो जाना था लेकिन, शुरूआत में काम की रफ्तार धीमी होने की वजह से समय सीमा को आगे करना पड़ा। अब 411 किलोमीटर लंबे इस रूट का कार्य वर्ष 2026 मार्च में पूरा होने का अनुमान है। अभी इस सेक्शन में सिर्फ टेहरका से मऊरानीपुर और महोबा से कुलपहाड़ के बीच ही काम पूरा हो सका है।
झांसी-मानिकपुर और भीमसेन खैरार के बीच कुल 411 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को दोहरा किया जाना है। अभी झांसी-मानिकपुर ट्रैक के सिंगल होने से यह ट्रैक सर्वाधिक प्रभावित रहता है। सिंगल ट्रैक होने की वजह से इस रास्ते पर ट्रेनों की संख्या भी अधिक नहीं है। ट्रेनों की रफ्तार भी यहां नहीं बढ़ पाती। अप एवं डाउन में एक-एक ट्रेन आगे निकाली जाती है। अभी प्रयागराज की रास्ता सिंगल ट्रैक होने से करीब 8 घंटे लगते हैं। इस ट्रैक के दोहरीकरण से प्रयागराज की ओर का सफर आसान हो जाएगा। इसको देखते हुए ट्रैक का 4329 करोड़ की लागत से दोहरीकरण कराया जा रहा है। यह काम वर्ष 2025 तक पूरा होना था लेकिन, अभी कई सेक्शन में काम चल रहा है। झांसी मंडल में बेतवा पर पुल बनाने का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ। टेहरका से मऊरानीपुर और महोबा से कुलपहाड़ के बीच ही काम अंतिम चरण में पहुंच सका है। इसके अलावा विभिन्न खंडों में यह काम चल रहा है। बता दें, पिछले साल झांसी से कानपुर के बीच का ट्रैक दोहरीकरण किया जा चुका जबकि बीना से धौलपुर के बीच तीसरी लाइन एवं चौथी लाइन बिछाने का काम चल रहा है। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि दोहरीकरण के काम में तेजी आई है। यह काम वर्ष 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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झांसी। झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम अब वर्ष 2026 तक पूरा होगा। अभी यह काम अगले साल तक पूरा हो जाना था लेकिन, शुरूआत में काम की रफ्तार धीमी होने की वजह से समय सीमा को आगे करना पड़ा। अब 411 किलोमीटर लंबे इस रूट का कार्य वर्ष 2026 मार्च में पूरा होने का अनुमान है। अभी इस सेक्शन में सिर्फ टेहरका से मऊरानीपुर और महोबा से कुलपहाड़ के बीच ही काम पूरा हो सका है।
झांसी-मानिकपुर और भीमसेन खैरार के बीच कुल 411 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को दोहरा किया जाना है। अभी झांसी-मानिकपुर ट्रैक के सिंगल होने से यह ट्रैक सर्वाधिक प्रभावित रहता है। सिंगल ट्रैक होने की वजह से इस रास्ते पर ट्रेनों की संख्या भी अधिक नहीं है। ट्रेनों की रफ्तार भी यहां नहीं बढ़ पाती। अप एवं डाउन में एक-एक ट्रेन आगे निकाली जाती है। अभी प्रयागराज की रास्ता सिंगल ट्रैक होने से करीब 8 घंटे लगते हैं। इस ट्रैक के दोहरीकरण से प्रयागराज की ओर का सफर आसान हो जाएगा। इसको देखते हुए ट्रैक का 4329 करोड़ की लागत से दोहरीकरण कराया जा रहा है। यह काम वर्ष 2025 तक पूरा होना था लेकिन, अभी कई सेक्शन में काम चल रहा है। झांसी मंडल में बेतवा पर पुल बनाने का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ। टेहरका से मऊरानीपुर और महोबा से कुलपहाड़ के बीच ही काम अंतिम चरण में पहुंच सका है। इसके अलावा विभिन्न खंडों में यह काम चल रहा है। बता दें, पिछले साल झांसी से कानपुर के बीच का ट्रैक दोहरीकरण किया जा चुका जबकि बीना से धौलपुर के बीच तीसरी लाइन एवं चौथी लाइन बिछाने का काम चल रहा है। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि दोहरीकरण के काम में तेजी आई है। यह काम वर्ष 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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