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अभी एक साल और खतरों का सफर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2016 01:17 AM IST
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over birj, jhansi news
- फोटो : amarujala
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झांसी। सीपरी बाजार में एक साल और लोगों को खतरनाक स्थिति से गुजरना होगा। यहां ओवरब्रिज का निर्माण तय अवधि में पूरा होने वाला नहीं है। वैसे यह काम जून 2016 में पूरा होना था, लेकिन अब मार्च 2017 में पूर्ण हो पाएगा। स्थिति यह है कि ब्रिज की दोनों ओर की भुजाएं अब तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाई हैं। जबकि, रेलवे ट्रैक के ऊपर के हिस्से का निर्माण एक माह पूर्व शुरू हुआ है।
सीपरी बाजार में रेलवे ट्रैक के नीचे बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने को ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। 1202.37 मीटर लंबे इस ब्रिज का निर्माण मई 2014 में शुरू किया गया था। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की जून 2016 में काम पूरा करने की योजना थी। लेकिन, अब समय पर यह काम पूरा होने वाला नहीं है। ब्रिज का रेलवे ट्रैक के ऊपर का 122 मीटर का हिस्सा रेलवे को बनाना है। यह काम पांच मार्च से शुरू हुआ है। जबकि, सेतु निगम का भी अब तक अस्सी फीसदी ही काम हुआ है। ऐसे में ब्रिज निर्माण पूरा होने में न्यूनतम एक साल का समय और लगेगा।
सरकारी विभागों में नहीं रहा तालमेल
झांसी। ब्रिज निर्माण की शुुरुआत से ही विभिन्न सरकारी विभागों में तालमेल नहीं रहा। निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के तकरीबन एक साल बाद विद्युत विभाग ने खंभे व जल निगम ने पाइप लाइन की शिफ्टिंग की। इससे काम बाधित बना रहा। रेलवे भी चुप्पी साधे रहा। अब जाकर काम शुरू किया है।
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वर्जन
‘ओवरब्रिज का काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले ब्रिज के हिस्से के निर्माण में एक साल का समय और लगेगा। जबकि, भुजाओं का का काम भी अभी बाकी है।’
पीके वर्मा, परियोजना प्रबंधक- सेतु निगम
ब्रिज निर्माण को कब क्या हुआ
- 27 सितंबर 2012 को मुख्यमंत्री ने ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की।
- नवंबर 2013 में प्रदेश की व्यय वित्त समिति की मुहर लगी मुहर। 86.39 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई।
- 10 जनवरी 2014 को शासनादेश जारी हुआ।
- फरवरी 2014 में पहली किस्त में 34 करोड़ की धनराशि मिली।
- जून 2014 में 30 करोड़ और मिले।
- इसके बाद कई किस्तों में अवशेष धनराशि दी गई।
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सीपरी बाजार में रेलवे ट्रैक के नीचे बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने को ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। 1202.37 मीटर लंबे इस ब्रिज का निर्माण मई 2014 में शुरू किया गया था। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की जून 2016 में काम पूरा करने की योजना थी। लेकिन, अब समय पर यह काम पूरा होने वाला नहीं है। ब्रिज का रेलवे ट्रैक के ऊपर का 122 मीटर का हिस्सा रेलवे को बनाना है। यह काम पांच मार्च से शुरू हुआ है। जबकि, सेतु निगम का भी अब तक अस्सी फीसदी ही काम हुआ है। ऐसे में ब्रिज निर्माण पूरा होने में न्यूनतम एक साल का समय और लगेगा।
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सरकारी विभागों में नहीं रहा तालमेल
झांसी। ब्रिज निर्माण की शुुरुआत से ही विभिन्न सरकारी विभागों में तालमेल नहीं रहा। निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के तकरीबन एक साल बाद विद्युत विभाग ने खंभे व जल निगम ने पाइप लाइन की शिफ्टिंग की। इससे काम बाधित बना रहा। रेलवे भी चुप्पी साधे रहा। अब जाकर काम शुरू किया है।
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‘ओवरब्रिज का काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले ब्रिज के हिस्से के निर्माण में एक साल का समय और लगेगा। जबकि, भुजाओं का का काम भी अभी बाकी है।’
पीके वर्मा, परियोजना प्रबंधक- सेतु निगम
ब्रिज निर्माण को कब क्या हुआ
- 27 सितंबर 2012 को मुख्यमंत्री ने ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की।
- नवंबर 2013 में प्रदेश की व्यय वित्त समिति की मुहर लगी मुहर। 86.39 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई।
- 10 जनवरी 2014 को शासनादेश जारी हुआ।
- फरवरी 2014 में पहली किस्त में 34 करोड़ की धनराशि मिली।
- जून 2014 में 30 करोड़ और मिले।
- इसके बाद कई किस्तों में अवशेष धनराशि दी गई।