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जूनियर डॉक्टर और बीयू छात्र भिड़े
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों द्वारा की गई मारपीट स
जूनियर डॉक्टर और बीयू छात्र भिड़े
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच सोमवार देर रात जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों ने कई आरोप लगाते हुए एक-दूसरे की गिरफ्तारी की मांग की। मंगलवार को बीयू छात्रों ने जूनियर डॉक्टरों को जेल भेजने की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। बीयू का मुख्य द्वार बंद कर घंटों धरना दिया। वहीं, दोपहर में नवाबाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घटना सोमवार रात 12 बजे के बाद मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग के पास हुई। आपसी बहस होने पर दोनों गुटों के छात्र एक-दूसरे से भिड़ गए। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार यादव का आरोप है कि प्रथम वर्ष के जूनियर डॉक्टर रात में कार से जा रहे थे। बीयू के चार-पांच छात्र सड़क घेरकर चल रहे थे। डॉक्टर ने कार का हॉर्न बजाया तो बीयू छात्र हटे नहीं। दोबारा हॉर्न बजाने पर छात्र विवाद करने लगे। बाद में छात्रों ने हॉस्टल से अपने साथियों को बुला लिया। सबने मिलकर जूनियर डॉक्टरों की पिटाई की। इससे कुछ डॉक्टर घायल हो गए।
वहीं, बीयू छात्रों का आरोप है कि लार्ड बुद्धा हॉस्टल के एक विद्यार्थी की तबीयत बिगड़ गई थी। उसको लेकर साथी छात्र मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में नशे में धुत जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें रोक लिया। जूनियर डॉक्टरों ने विद्यार्थियों की रैगिंग करनी शुरू कर दी। जब विश्वविद्यालय के छात्रों ने उन्हें मना किया तो मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में विश्वविद्यालय के एक छात्र का सिर भी फट गया, जबकि कई छात्र घायल हो गए। देर रात ही विश्वविद्यालय के छात्र जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सुबह विश्वविद्यालय गेट बंद करके धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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आक्रोशित छात्रों ने सड़क जाम करने का प्रयास भी किया लेकिन किसी तरह उन्हें समझाकर शांत कराया गया। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। विद्यार्थी दो घंटे तक मुख्य द्वार बंद रखे रहे। इस प्रकरण में समाजवादी छात्रसभा के पूर्व प्रदेश महासचिव स्वदेश यादव ने कहा कि बीयू छात्रों की रैगिंग कर मारपीट करने वाले जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। आए दिन जूनियर डॉक्टर लोगों के साथ मारपीट करते हैं। बीयू छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना गलत है। यदि पीड़ित बीयू छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।
बीयू छात्रों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने बीयू छात्रों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जूनियर डॉक्टरों के पक्ष से पंकज वर्मा पुत्र डीपी वर्मा ने नवाबाद थाना पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने बलवा, मारपीट, हत्या का प्रयास आदि धारा में अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, बीयू छात्रों के पक्ष से आशुतोष मिश्रा पुत्र शीतल प्रसाद मिश्रा की तहरीर पर अज्ञात जूनियर डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों के खिलाफ बलवा, रैगिंग कर मारपीट करना जिससे आई चोटों का उपचार करने से मना कर देना, रोककर मारपीट करना आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच सोमवार देर रात जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों ने कई आरोप लगाते हुए एक-दूसरे की गिरफ्तारी की मांग की। मंगलवार को बीयू छात्रों ने जूनियर डॉक्टरों को जेल भेजने की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। बीयू का मुख्य द्वार बंद कर घंटों धरना दिया। वहीं, दोपहर में नवाबाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घटना सोमवार रात 12 बजे के बाद मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग के पास हुई। आपसी बहस होने पर दोनों गुटों के छात्र एक-दूसरे से भिड़ गए। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार यादव का आरोप है कि प्रथम वर्ष के जूनियर डॉक्टर रात में कार से जा रहे थे। बीयू के चार-पांच छात्र सड़क घेरकर चल रहे थे। डॉक्टर ने कार का हॉर्न बजाया तो बीयू छात्र हटे नहीं। दोबारा हॉर्न बजाने पर छात्र विवाद करने लगे। बाद में छात्रों ने हॉस्टल से अपने साथियों को बुला लिया। सबने मिलकर जूनियर डॉक्टरों की पिटाई की। इससे कुछ डॉक्टर घायल हो गए।
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वहीं, बीयू छात्रों का आरोप है कि लार्ड बुद्धा हॉस्टल के एक विद्यार्थी की तबीयत बिगड़ गई थी। उसको लेकर साथी छात्र मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में नशे में धुत जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें रोक लिया। जूनियर डॉक्टरों ने विद्यार्थियों की रैगिंग करनी शुरू कर दी। जब विश्वविद्यालय के छात्रों ने उन्हें मना किया तो मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में विश्वविद्यालय के एक छात्र का सिर भी फट गया, जबकि कई छात्र घायल हो गए। देर रात ही विश्वविद्यालय के छात्र जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सुबह विश्वविद्यालय गेट बंद करके धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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आक्रोशित छात्रों ने सड़क जाम करने का प्रयास भी किया लेकिन किसी तरह उन्हें समझाकर शांत कराया गया। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। विद्यार्थी दो घंटे तक मुख्य द्वार बंद रखे रहे। इस प्रकरण में समाजवादी छात्रसभा के पूर्व प्रदेश महासचिव स्वदेश यादव ने कहा कि बीयू छात्रों की रैगिंग कर मारपीट करने वाले जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। आए दिन जूनियर डॉक्टर लोगों के साथ मारपीट करते हैं। बीयू छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना गलत है। यदि पीड़ित बीयू छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।
बीयू छात्रों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने बीयू छात्रों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जूनियर डॉक्टरों के पक्ष से पंकज वर्मा पुत्र डीपी वर्मा ने नवाबाद थाना पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने बलवा, मारपीट, हत्या का प्रयास आदि धारा में अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, बीयू छात्रों के पक्ष से आशुतोष मिश्रा पुत्र शीतल प्रसाद मिश्रा की तहरीर पर अज्ञात जूनियर डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों के खिलाफ बलवा, रैगिंग कर मारपीट करना जिससे आई चोटों का उपचार करने से मना कर देना, रोककर मारपीट करना आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।