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Jhansi: ऐवट मार्केट से मेडिकल तक जाम बना मुसीबत, तीन किलोमीटर का सफर 40 मिनट में

Wed, 20 Aug 2025 11:54 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 20 Aug 2025 11:54 AM IST
सार

प्रशासन के इंतजाम यहां नाकाफी साबित बने हुए हैं। महानगर में सुबह 9 बजे से ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। दोपहर 12 बजे तक शहर के अधिकांशतः वाहन सड़कों पर आ जाते हैं।

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Jhansi: Traffic jam from Aivat Market to Medical became a problem, three kilometer journey took 40 minutes
जाम में फंसे वाहन - फोटो : संवाद

विस्तार

शहर में कई जगह जाम की समस्या है लेकिन ऐवट मार्केट से मेडिकल कॉलेज तक रोजाना लगने वाला जाम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थिति यह है कि यहां 3 किलोमीटर की दूरी तय करने में 40 मिनट तक का समय लग रहा है। ऐसे में आम आदमी तो जैसे-तैसे निकल जा रहा है लेकिन कई बार मरीज को ले जाती एंबुलेंस फंसने से जाम जानलेवा हो सकता है। लोग इस समस्या को लेकर चिंतित हैं लेकिन प्रशासन के इंतजाम यहां नाकाफी साबित बने हुए हैं। महानगर में सुबह 9 बजे से ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। दोपहर 12 बजे तक शहर के अधिकांशतः वाहन सड़कों पर आ जाते हैं। दुकानें भी खुल जाती हैं। इसके बाद जाम की शुरुआत शहर के कई हिस्सों में शुरू हो जाती हैं। स्कूलों की छुट्टी के बाद बेतरतीब चलने वाले आपे-टेंपो के कारण समस्या पैदा हो जाती है। सबसे ज्यादा जाम की समस्या मेडिकल रोड पर बनी रहती है।
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मंगलवार को सच्चाई का पता लगाने के लिए करीब 2:30 बजे सफर किया गया तो स्थिति खुद व खुद सामने आ गई। ऐवट मार्केट से रिसाला चुंगी चौराहे तक जाम की समस्या रही। यहां से निकलने के बाद थोड़ी राहत रही और इसके बाद मेडिकल क्षेत्र में आगे की ओर जाम की स्थिति रही।
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सड़क किनारे बसों के बेतरतीब खड़े होने से आती है समस्या

ऐवट मार्केट से रिसाला चुंगी के बीच प्राइवेट और रोडवेज का बस अड्डा मौजूद है। यहां से प्रतिदिन 200 से 250 बसें संचालित होती हैं। कई बार चालक यहां सड़क पर ही बसें खड़ी कर सवारियों को ढोने और उतारने का काम करते हैं। इनके खड़े होने से आप टैंपो भी इर्द-गिर्द मंडराने लगते हैं। यह स्थिति-जाम का एक बड़ा कारण बन जाती है। पुलिस यहां मौजूद रहती है, लेकिन कोई इन्हें रोकता टोकता नहीं है।
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जिले की सड़कों पर प्रतिदिन औसतन 120 वाहन 

झांसी की सड़कों पर रोज वाहनों की संख्या बढ़ रही है। एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच 41,853 वाहन परिवहन कार्यालय में पंजीकृत हुए हैं। इससे कुल वाहनों की बात करें तो अभी तक 5.50 लाख वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा, अन्य जनपदों से आने वाले वाहनों की भी भीड़ यहां बनी हुई है।

ऑटो की बढ़ती संख्या से लग रहा जाम

जिले में आपे-टैक्सी के साथ ई-रिक्शा की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। शहर हो या देहात, इनके रूढ़ वही हैं लेकिन संख्या में होता इजाफा आम का एक कारण बन रहा है। जिले में 5457 आपे टैक्ससरी और 3578 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनको संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।


क्षेत्राधिकार यातायात रामवीर सिंह ने बताया कि बस स्टैंड और आसपास एरिया में यातायात की तैनाती रहती है मेडिकल रोड पर जाम समस्या के निजात के लिए नया ट्रैपिक प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे लागू कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
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