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Jhansi News: झांसी-शिवपुरी बाईपास और फ्लाईओवर की समय सीमा बढ़ी
Tue, 30 Jun 2026 02:35 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 30 Jun 2026 02:35 AM IST
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झांसी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से बनाए जा रहे झांसी-शिवपुरी बाईपास और मेडिकल कॉलेज के पास फ्लाईओवर का निर्माण तय समय सीमा में पूरा नहीं हो सका है। 18 माह में पूरा होने वाले दोनों प्रोजेक्ट 20 माह से अधिक समय बीतने के बाद भी अधूरे हैं। अब इनके लिए नई समय सीमा 14 नवंबर तय की गई है। हालांकि, काम की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस अवधि में भी निर्माण पूरा होने पर सवाल उठ रहे हैं।
झांसी-कानपुर बाईपास तिराहे पर तीन स्तरीय सड़क परियोजना के तहत अलग-अलग मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें कानपुर और शिवपुरी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अंडरग्राउंड मार्ग, झांसी-ग्वालियर के लिए ऊपर से सड़क और शिवपुरी से ग्वालियर की ओर जाने के लिए फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। वहीं, झांसी-कानपुर हाईवे पर मेडिकल तिराहे के पास करीब 930 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है।
दोनों परियोजनाओं का निर्माण अक्तूबर 2024 में शुरू हुआ था। इन्हें 18 माह में पूरा कर अप्रैल 2026 तक तैयार किया जाना था, लेकिन धीमी गति के कारण निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं हो सका। तीन स्तरीय सड़क परियोजना में अभी केवल ऊपरी हिस्से का काम हो पाया है, जबकि टनल का काम शुरुआती चरण में है। वहीं, मेडिकल फ्लाईओवर पर फिलिंग का काम चल रहा है।
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एनएचएआई सूत्रों के मुताबिक कोलतार की उपलब्धता में कमी समेत अन्य कारणों से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। इन परिस्थितियों को देखते हुए परियोजना की नई समय सीमा 14 नवंबर निर्धारित की गई है।
परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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फ्लाईओवर के पास बढ़ा हादसों का खतरा
मेडिकल कॉलेज के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कारण यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। खासकर रात के समय इस मार्ग से निकलना जोखिम भरा हो गया है। खोदाई के कारण रास्ता कच्चा और ऊबड़-खाबड़ हो गया है। तेज हवा चलने पर धूल उड़ने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है।धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव भी नहीं हो रहा है। इस मार्ग से चिरगांव, पारीछा, बड़ागांव समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना मेडिकल कॉलेज और महानगर आते-जाते हैं।
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अब तक चढ़ाए गए हैं सिर्फ गार्डर
मेडिकल कॉलेज के पास फ्लाईओवर का निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है। यहां अब तक केवल गार्डर चढ़ाने का काम पूरा हो सका है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्माण में लंबा समय लगने की आशंका है, हालांकि एनएचएआई अधिकारी इसे साल के अंत तक पूरा करने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए यहां सर्विस रोड बनाने का काम भी जल्द शुरू कराया जाएगा।
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झांसी-कानपुर बाईपास तिराहे पर तीन स्तरीय सड़क परियोजना के तहत अलग-अलग मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें कानपुर और शिवपुरी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अंडरग्राउंड मार्ग, झांसी-ग्वालियर के लिए ऊपर से सड़क और शिवपुरी से ग्वालियर की ओर जाने के लिए फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। वहीं, झांसी-कानपुर हाईवे पर मेडिकल तिराहे के पास करीब 930 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है।
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दोनों परियोजनाओं का निर्माण अक्तूबर 2024 में शुरू हुआ था। इन्हें 18 माह में पूरा कर अप्रैल 2026 तक तैयार किया जाना था, लेकिन धीमी गति के कारण निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं हो सका। तीन स्तरीय सड़क परियोजना में अभी केवल ऊपरी हिस्से का काम हो पाया है, जबकि टनल का काम शुरुआती चरण में है। वहीं, मेडिकल फ्लाईओवर पर फिलिंग का काम चल रहा है।
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एनएचएआई सूत्रों के मुताबिक कोलतार की उपलब्धता में कमी समेत अन्य कारणों से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। इन परिस्थितियों को देखते हुए परियोजना की नई समय सीमा 14 नवंबर निर्धारित की गई है।
परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
फ्लाईओवर के पास बढ़ा हादसों का खतरा
मेडिकल कॉलेज के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कारण यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। खासकर रात के समय इस मार्ग से निकलना जोखिम भरा हो गया है। खोदाई के कारण रास्ता कच्चा और ऊबड़-खाबड़ हो गया है। तेज हवा चलने पर धूल उड़ने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है।धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव भी नहीं हो रहा है। इस मार्ग से चिरगांव, पारीछा, बड़ागांव समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना मेडिकल कॉलेज और महानगर आते-जाते हैं।
अब तक चढ़ाए गए हैं सिर्फ गार्डर
मेडिकल कॉलेज के पास फ्लाईओवर का निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है। यहां अब तक केवल गार्डर चढ़ाने का काम पूरा हो सका है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्माण में लंबा समय लगने की आशंका है, हालांकि एनएचएआई अधिकारी इसे साल के अंत तक पूरा करने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए यहां सर्विस रोड बनाने का काम भी जल्द शुरू कराया जाएगा।