फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi raily mandal lose 431 carore

सवारी गाड़ियां न चलने से 11 महीने में झांसी रेल मंडल को लगी 431 करोड़ की चपत

Wed, 17 Feb 2021 12:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 12:26 AM IST
विज्ञापन
Jhansi raily mandal lose 431 carore
झांसी। कोरोना काल में ट्रेनों का संचालन बंद रहने से झांसी रेल मंडल को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। यात्री ट्रेनों का संचालन बंद रहने और अनारक्षित टिकटों की बिक्री नहीं होने से रेलवे को 431 करोड़ रुपये की चपत लगी है। ऐेसे में रेलवे ने आय में इजाफा करने के लिए नई कोशिशें शुरू कर दी हैं। माल लदान और अन्य संसाधनों के जरिए आय अर्जित करने के लिए नई योजनाएं आ रही हैं।
विज्ञापन

दरअसल, कोरोना काल में 22 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया। इसके बाद भी अब तक सभी ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। कोरोना काल से पहले झांसी रेल मंडल से करीब 150 ट्रेनें गुजरती थीं। इनमें अनारक्षित श्रेणी में भी टिकट की उपलब्धता के चलते बड़ी संख्या में यात्री सफर करते थे। लेकिन कोरोना के चलते अब तक ट्रेनों में अनारक्षित श्रेणी में सफर की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। सवारी गाड़ियों के जरिए झांसी रेल मंडल को पिछले साल अप्रैल 2019 से जनवरी 2020 तक 575 करोड़ रुपये की आय हुई थी। जबकि इस बार अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक आय घटकर 143.50 करोड़ रुपये पर आ गई है। अकेले जनवरी महीने में पिछले साल रेलवे को यात्रियों से 55 करोड़ की आय हुई थी। जो इस बार घटकर 33.95 करोड़ पर रह गई। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सवारी गाड़ियों में मौजूदा समय में केवल आरक्षित श्रेणी में यात्रा की सुविधा है। इसके भी टिकट कम ही बन रहे हैं। ऐसे में रेलवे ने माल लदान, माल गोदाम विकसित कर आय बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। उधर, रेलवे यात्रियों को भी रेल संपत्ति से छेड़छाड़ और नुकसान न पहुंचाने की अपील कर जागरूक कर रहा है।
विज्ञापन

केपीआई में देश में नौवें स्थान पर आया झांसी मंडल
झांसी। लगातार हो रहे घाटे के बाद भी रेलवे लगातार विशेष पहल कर रहा है। इसका परिणाम है कि मुख्य निष्पादन सूचकांक (केपीआई) में झांसी मंडल नौवें स्थान पर रहा है। रेलवे की वार्षिक रिपोर्ट में 17 जोन और 68 मंडलों को पछाड़ कर झांसी मंडल ने यह कीर्तिमान स्थापित किया है। जबकि उत्तर मध्य रेल का प्रयागराज मंडल 44 वें तथा आगरा मंडल 48 वें स्थान पर रहा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मुख्य निष्पादन सूचकांक (केपीआई) का उपयोग किसी भी संगठन की ग्रोथ के आंकलन के लिए किया जाता है। यह किसी भी संगठन की सफ लता के लिए महत्वपूर्ण कारकों पर नजर रखने और विश्लेषण करने के लिए जाना जाता है। इस सूचकांक में झांसी मंडल पिछली बार 54वें स्थान पर रहा था। मंडल को मिली उपलब्धि में ट्रेनों की समयबद्धता भी बड़ा कारण है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पैसेंजर ट्रेनों को लेकर अब तक फैसला नहीं
कोरोना संक्रमण के चलते ट्रेेनों का संचालन नहीं होने से रेलवे को नुकसान हो रहा है। वहीं अब तक पैसेंजर ट्रेनों के संचालन को लेकर फैसला नहीं लिया जा सका है। हाल ही में अप्रैल से नई ट्रेने चलाने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन रेलवे बोर्ड ने इसे खारिज कर दिया है।

कोरोना काल में यात्री ट्रेनों का संचालन बंद रहा है। आय में इजाफा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों को भी रेल संपत्ति और नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मनोज कुमार सिंह, पीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed