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Jhansi: रोडवेज की कुछ बसों में शो-पीस बने पैनिक बटन, लाइट जलती दिखी फिर भी निष्क्रिय
Mon, 05 Oct 2026 06:31 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 05 Oct 2026 06:31 PM IST
सार
तकनीकी खराबी और नियमित रख-रखाव के अभाव में ये बटन खराब पड़े हैं। इससे सुरक्षा के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
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रोडवेज बस में लगा पैनिक बटन।
- फोटो : संवाद
विस्तार
रोडवेज की कई बसों में आपात स्थिति के लिए लगाए गए पैनिक बटन शो-पीस बनकर रह गए हैं। ये लाल रंग के बटन दबाने पर भी काम नहीं करते हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में नई बसों में पैनिक बटन में लाइट जलती दिखाई दी, फिर भी वे निष्क्रिय हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा के लिए दी गई सुविधा की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। असमंजस में यात्री सीधे चालक या परिचालक से संपर्क करते हैं।
रोडवेज बसों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और छात्र भी शामिल होते हैं। सफर के दौरान हालत बिगड़ने या आपराधिक घटनाओं में पैनिक बटन से मदद की उम्मीद रहती है। लेकिन बटन काम न करने पर यात्रियों को चालक-परिचालक को सूचना देनी पड़ती है। तकनीकी खराबी और नियमित रख-रखाव के अभाव में ये बटन खराब पड़े हैं। इससे सुरक्षा के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
यात्रियों के अनुभव
महिला यात्री मधुरिमा ने उरई से झांसी आते समय पैनिक बटन का प्रयोग किया। उनका बैग गिरने पर बटन ने काम नहीं किया। उन्होंने परिचालक को जानकारी दी, तब बस रोककर बैग उठाया गया। सुमन यादव ने बताया कि झांसी से कानपुर जाने वाली बसों में भी पैनिक बटन खराब हैं। चालक-परिचालक ने वायरिंग में गड़बड़ी को कारण बताया। पुरुष यात्रियों को भी पैनिक बटन के इस्तेमाल और कार्यप्रणाली की सही जानकारी नहीं है।
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रोडवेज बसों में पैनिक बटन लगे हुए है। कभी कभार रफ्तार में होने से वायरिंग में गड़बड़ी के कारण पैनिक बटन काम नहीं करता है। लगातार बसों के पैनिक बटन की जांच कराई जाती है। -प्रतीक सोनी, डिपो प्रभारी रोडवेज झांसी
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रोडवेज बसों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और छात्र भी शामिल होते हैं। सफर के दौरान हालत बिगड़ने या आपराधिक घटनाओं में पैनिक बटन से मदद की उम्मीद रहती है। लेकिन बटन काम न करने पर यात्रियों को चालक-परिचालक को सूचना देनी पड़ती है। तकनीकी खराबी और नियमित रख-रखाव के अभाव में ये बटन खराब पड़े हैं। इससे सुरक्षा के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
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यात्रियों के अनुभव
महिला यात्री मधुरिमा ने उरई से झांसी आते समय पैनिक बटन का प्रयोग किया। उनका बैग गिरने पर बटन ने काम नहीं किया। उन्होंने परिचालक को जानकारी दी, तब बस रोककर बैग उठाया गया। सुमन यादव ने बताया कि झांसी से कानपुर जाने वाली बसों में भी पैनिक बटन खराब हैं। चालक-परिचालक ने वायरिंग में गड़बड़ी को कारण बताया। पुरुष यात्रियों को भी पैनिक बटन के इस्तेमाल और कार्यप्रणाली की सही जानकारी नहीं है।
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रोडवेज बसों में पैनिक बटन लगे हुए है। कभी कभार रफ्तार में होने से वायरिंग में गड़बड़ी के कारण पैनिक बटन काम नहीं करता है। लगातार बसों के पैनिक बटन की जांच कराई जाती है। -प्रतीक सोनी, डिपो प्रभारी रोडवेज झांसी